PM Internship Scheme 2026: भारत के युवाओं को उद्योग जगत की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराने और उनके लिए रोजगार के बेहतर अवसरों के द्वार खोलने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा ‘प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना’ का संचालन किया जा रहा है। औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अक्सर युवाओं को व्यावहारिक अनुभव की कमी के कारण कार्यस्थल पर सीधी नौकरी पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी अंतर को पाटने के लिए कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा इस महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत देश के प्रतिभाशाली युवाओं को देश की अग्रणी और शीर्ष कंपनियों में काम करने का अवसर दिया जाता है, जहां वे आधुनिक कार्यशैली, तकनीकी प्रबंधन और व्यावसायिक दक्षताओं को व्यावहारिक रूप से सीख सकते हैं।

PM Internship Scheme 2026: मासिक स्टाइपेंड और एकमुश्त वित्तीय सहयोग
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के संशोधित दिशानिर्देशों (12 मार्च 2026) के अनुसार चयनित उम्मीदवारों को हर महीने ₹9,000 का स्टाइपेंड मिलता है। इसमें ₹900 संबंधित कंपनी देती है और ₹8,100 केंद्र सरकार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए सीधे उम्मीदवार के बैंक खाते में भेजती है।
मासिक भत्ते के अलावा उम्मीदवारों को ₹6,000 का एकमुश्त अनुदान भी मिलता है, जो ₹3,000-₹3,000 की दो किस्तों में दिया जाता है। इसका उद्देश्य नए कार्यस्थल पर जाने और शुरुआती व्यवस्था में आने वाले खर्चों में मदद करना है। संशोधित योजना में इंटर्नशिप की अवधि 6 या 9 महीने रखी गई है, जिसके दौरान युवा औद्योगिक परियोजनाओं पर सीधे काम करते हैं।
पात्रता के बुनियादी मानक: कौन से युवा ले सकते हैं इसमें भाग?
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 25 वर्ष निर्धारित की गई है। देश के ऐसे युवा जिन्होंने दसवीं, बारहवीं, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा अथवा किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (जैसे बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बीबीए) की पढ़ाई पूरी कर ली है, वे इस अवसर के लिए पूरी तरह पात्र हैं।
आवेदक के परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए और परिवार का कोई सदस्य स्थायी सरकारी सेवा में नहीं होना चाहिए। संशोधित नियमों में स्नातक या स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के छात्र भी अपने संस्थान से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेकर आवेदन कर सकते हैं। पात्रता की पूरी और ताजा शर्तें आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जरूर जांच लें।
उद्योग जगत की शीर्ष 500 कंपनियों में व्यावहारिक अनुभव
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत प्रशिक्षुओं को भारत की शीर्ष 500 कंपनियों में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। इन कंपनियों में विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता उत्पाद और हेल्थकेयर जैसे प्रमुख सेक्टर शामिल हैं।
प्रशिक्षुओं को केवल सैद्धांतिक जानकारी नहीं दी जाती, बल्कि उन्हें कंपनियों की वास्तविक लाइव परियोजनाओं पर वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में कार्य करने का अवसर मिलता है। इससे युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है, कार्यस्थल की पेशेवर संस्कृति समझ में आती है और उनके नेटवर्किंग संपर्क मजबूत होते हैं, जो भविष्य में एक सफल करियर की नींव रखते हैं।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया: पोर्टल पर कैसे करें पंजीकरण?
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के लिए आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है। इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल pminternship.mca.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। पोर्टल पर बुनियादी विवरण दर्ज करने के बाद आधार आधारित ई-केवाईसी से पहचान का सत्यापन करना होता है।
पंजीकरण के बाद अभ्यर्थी को अपनी शैक्षणिक योग्यता, अर्जित कौशल, रुचि के क्षेत्र और पसंदीदा कार्य स्थान का चयन करते हुए अपनी प्रोफाइल पूरी करनी होती है। प्रोफाइल तैयार हो जाने पर पोर्टल पर विभिन्न शीर्ष कंपनियों द्वारा जारी की गई इंटर्नशिप वैकेंसी प्रदर्शित होने लगती हैं। उम्मीदवार अपनी योग्यता और पसंद के अनुसार कई कंपनियों और पदों के लिए सीधे ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। कंपनियों द्वारा प्रोफाइल की समीक्षा और निर्धारित चयन प्रक्रिया के बाद शॉर्टलिस्ट किए गए युवाओं को इंटर्नशिप ऑफर पत्र जारी किए जाते हैं।
PM Internship Scheme 2026: कौशल संवर्धन और स्थायी रोजगार की राह
इंटर्नशिप की निर्धारित अवधि सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद अभ्यर्थियों को संबंधित कंपनी और मंत्रालय की ओर से एक आधिकारिक प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है। यह व्यावहारिक अनुभव और प्रमाणपत्र युवाओं के बायोडाटा को मजबूत बनाता है, जिससे उन्हें खुले बाजार में स्थायी नौकरी ढूंढने में अन्य उम्मीदवारों की तुलना में बड़ी प्राथमिकता मिलती है।
कई मामलों में कंपनियां अपने यहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इंटर्न्स को प्रशिक्षण अवधि पूरी होते ही सीधे अपने नियमित पेरोल पर स्थायी रोजगार के अवसर भी प्रदान करती हैं। केंद्र सरकार की यह योजना न केवल देश की युवा शक्ति को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, बल्कि यह भारतीय उद्योगों को भी प्रशिक्षित और सक्षम मानव संसाधन उपलब्ध कराने में अत्यंत प्रभावी भूमिका निभा रही है।
योजना की पृष्ठभूमि और नियमों में बदलाव
कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अनुसार योजना का पायलट चरण 3 अक्टूबर 2024 को शुरू हुआ था। 12 मार्च 2026 के संशोधित दिशानिर्देशों में उम्र सीमा 21–24 वर्ष से बढ़ाकर 18–25 वर्ष की गई और मासिक भत्ता ₹5,000 से बढ़ाकर ₹9,000 किया गया। कंपनियों के लिए अब रोलिंग इंटर्नशिप चक्र है, यानी वे पूरे साल पोर्टल पर नए अवसर डाल सकती हैं।
कौन आवेदन नहीं कर सकता
पूर्णकालिक नौकरी कर रहे युवा, कुछ प्रमुख संस्थानों (जैसे IIT, IIM) के स्नातक और CA, MBBS, MBA जैसी पेशेवर डिग्री वाले उम्मीदवार सामान्य तौर पर पात्र नहीं होते। अपवादों और ताजा शर्तों के लिए पोर्टल पर पात्रता सूची जरूर देखें।
आवेदन के आसान चरण
- pminternship.mca.gov.in पर “Youth Registration” चुनें।
- मोबाइल नंबर और आधार से सत्यापन करें; पोर्टल आपका बायोडाटा अपने आप तैयार कर देता है।
- पढ़ाई, कौशल और पसंदीदा क्षेत्र भरकर प्रोफाइल पूरी करें।
- उपलब्ध इंटर्नशिप में आवेदन करें और कंपनी का ऑफर पोर्टल पर ही स्वीकार करें।
सावधानी: इंटर्नशिप दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वालों और नकली वेबसाइटों से बचें। आवेदन निःशुल्क है और केवल आधिकारिक पोर्टल पर होता है। ध्यान रहे, इंटर्नशिप के बाद नौकरी की गारंटी नहीं होती; यह कंपनी के फैसले पर निर्भर है।
स्रोत: पीएम इंटर्नशिप योजना पोर्टल (कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय); पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की 22 अप्रैल 2026 की विज्ञप्ति; लोकसभा अतारांकित प्रश्न 1273 का उत्तर।
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