Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने की दिशा में लगातार नए प्रतिमान स्थापित कर रही है। प्रदेश की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के तहत नियमित रूप से प्रति माह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। राज्य सरकार ने योजना की बत्तीसवीं किस्त की राशि का सफल हस्तांतरण पूरा कर लिया है। इस ताजा चरण में प्रदेश भर की 57.5 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 632 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से एक साथ अंतरित की गई। इस किस्त के जारी होने के साथ ही योजना के आरंभ से लेकर अब तक वितरित की गई कुल वित्तीय सहायता का आंकड़ा 20,000 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुका है।
Mahtari Vandan Yojana: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया नारी सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन का आधार
किस्त राशि के सफल अंतरण पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल एक आर्थिक अनुदान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों के स्वाभिमान, सम्मान और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि परिवार की बुनियादी जरूरतों, बच्चों के पोषण और दैनिक स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम होती है। हर महीने के निर्धारित समय पर बैंक खाते में पहुंचने वाली यह सुनिश्चित राशि महिलाओं को रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए किसी अन्य पर निर्भर रहने की विवशता से मुक्ति दिला रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक समृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और इस योजना का संचालन बिना किसी बाधा के सतत रूप से जारी रहेगा।
वनांचल से लेकर शहरों तक दिख रहा योजना का सामाजिक-आर्थिक असर
छत्तीसगढ़ के सुदूर ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में इस योजना का व्यापक सामाजिक प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। प्रति माह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता से महिलाएं न केवल घरेलू पोषण और बच्चों की शिक्षा से जुड़े छोटे-मोटे खर्च सुगमता से वहन कर रही हैं, बल्कि उनकी बचत प्रवृत्ति में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षण के अनुसार, नियमित आर्थिक प्रवाह ने ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्वयं सहायता समूहों और बैंकिंग सेवाओं से सक्रिय रूप से जोड़ा है। पूरी प्रक्रिया आधार आधारित डीबीटी प्रणाली पर संचालित होने के कारण बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं है, जिससे शत-प्रतिशत धनराशि सीधे वास्तविक लाभार्थी के खाते में पहुंच रही है। इस आर्थिक संबल ने परिवारों के भीतर महिलाओं के निर्णय लेने के अधिकार को भी मजबूती प्रदान की है।
Mahtari Vandan Yojana: ऐसे चेक करें अपने बैंक खाते और 32वीं किस्त का ताजा स्टेटस
यदि किसी लाभार्थी महिला के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर बैंक से राशि जमा होने का संदेश प्राप्त नहीं हुआ है, तो वे घर बैठे आधिकारिक डिजिटल माध्यमों से अपने भुगतान की स्थिति की जांच कर सकती हैं। इसके लिए लाभार्थी महतारी वंदन योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल (mahtarivandan.cgstate.gov.in) पर जा सकती हैं। पोर्टल के मुख्य पृष्ठ पर उपलब्ध ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ विकल्प पर क्लिक करने के बाद अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर अथवा लाभार्थी क्रमांक दर्ज करके ताजा स्थिति देखी जा सकती है। इसके अलावा, महतारी वंदन मोबाइल ऐप और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से भी डीबीटी भुगतान का विवरण ट्रैक किया जा सकता है। जिन लाभार्थियों की किस्त किसी तकनीकी त्रुटि या बैंक खाते में आधार सीडिंग अधूरी होने के कारण रुकी हो, वे अपने संबंधित बैंक अथवा नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क कर अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को समय रहते पूर्ण करा सकती हैं।
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आधिकारिक स्रोत
योजना का आधिकारिक पोर्टल: Mahtari Vandan Yojana
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग: DPR Chhattisgarh
32वीं किस्त की खबर: UNI की रिपोर्ट





