आज भी कई लोगों को याद है कि कुछ साल पहले तक देश के बहुत से गांवों और घरों में बिजली का कनेक्शन नहीं था। गांव तक बिजली की लाइन पहुंच जाने के बाद भी कई गरीब परिवार कनेक्शन का खर्च नहीं उठा पाते थे। इस समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने 2017 में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना शुरू की, जिसे सौभाग्य योजना कहा जाता है। इस लेख में जानिए यह योजना क्या थी, इसमें किसे क्या मिला और आज बिना बिजली वाले घर कनेक्शन कैसे ले सकते हैं।
योजना की शुरुआत
सौभाग्य योजना की घोषणा सितंबर 2017 में हुई और अक्टूबर 2017 से इस पर काम शुरू हुआ। इसे बिजली मंत्रालय ने शुरू किया और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम यानी REC इसकी नोडल एजेंसी बनी। इससे पहले दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत गांवों तक बिजली की लाइनें पहुंचाने का काम चल रहा था। सौभाग्य का मकसद गांव के हर घर तक आखिरी कनेक्शन पहुंचाना था, साथ ही शहरों के गरीब परिवारों को भी इससे जोड़ना था।

किसे मुफ्त कनेक्शन मिला
योजना में 2011 की सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना यानी SECC के आधार पर पहचाने गए गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया गया। इसमें घर तक तार, मीटर, एक LED बल्ब का पॉइंट और मोबाइल चार्जिंग के लिए एक सॉकेट तक की वायरिंग शामिल थी।
बाकी परिवारों के लिए
जो परिवार SECC की गरीब सूची में नहीं थे, लेकिन जिनके पास बिजली कनेक्शन नहीं था, उन्हें भी योजना में कनेक्शन दिया गया। उनसे कनेक्शन के लिए 500 रुपये लिए गए, जिन्हें 10 किस्तों में बिजली बिल के साथ चुकाने की सुविधा थी।
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दूरदराज के घरों के लिए सौर पैक
जिन दूरदराज और दुर्गम इलाकों में बिजली की लाइन पहुंचाना मुश्किल या बहुत महंगा था, वहां घरों को सौर ऊर्जा आधारित पैक दिए गए। इनमें सोलर पैनल, बैटरी, कुछ LED लाइटें, एक DC पंखा और चार्जिंग पॉइंट शामिल थे। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी कुछ साल के लिए तय की गई थी।
कैसे हुआ काम
घरों की पहचान के लिए गांवों में कैंप लगाए गए, जहां मौके पर ही आवेदन लेकर कनेक्शन दिया जाता था। आवेदन के लिए सिर्फ एक पहचान पत्र और मोबाइल नंबर जैसी बुनियादी जानकारी मांगी गई, ताकि कागजी कार्रवाई कम रहे। काम की प्रगति ऑनलाइन डैशबोर्ड पर दिखाई जाती थी, जिससे हर राज्य और जिले की स्थिति देखी जा सकती थी।
योजना की उपलब्धि
बिजली मंत्रालय के अनुसार सौभाग्य योजना के तहत करोड़ों घरों को बिजली कनेक्शन दिए गए। मंत्रालय ने इसे दुनिया के सबसे बड़े घरेलू विद्युतीकरण अभियानों में गिना। योजना मार्च 2022 में औपचारिक रूप से पूरी हो गई। इसके बाद बचे हुए घरों को कनेक्शन देने का काम दूसरी योजनाओं और बिजली वितरण कंपनियों के जरिए जारी रहा।
सिर्फ कनेक्शन काफी नहीं
योजना के बाद यह सवाल भी उठा कि कनेक्शन मिलने के बाद कितने घंटे बिजली मिलती है और बिल का भुगतान कैसे होता है। कई राज्यों में गरीब परिवारों के लिए कम दर वाली श्रेणी और कुछ यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजनाएं भी चलती हैं। बिजली की गुणवत्ता सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने वितरण क्षेत्र सुधार योजना भी शुरू की है।
अब नया कनेक्शन कैसे लें
आज जिस घर में बिजली कनेक्शन नहीं है, वह अपने राज्य की बिजली वितरण कंपनी से कनेक्शन ले सकता है।
- बिजली कंपनी की वेबसाइट या ऐप पर नए कनेक्शन का ऑनलाइन आवेदन करें।
- पहचान पत्र, पते का प्रमाण और घर के मालिकाना या किराए के कागज लगाएं।
- तय शुल्क जमा करें।
- बिजली उपभोक्ता अधिकार नियम 2020 के तहत कनेक्शन देने की समय सीमा तय है, जो महानगर, शहर और गांव के लिए अलग है।
कई राज्यों में गरीब परिवारों के लिए कनेक्शन शुल्क में छूट या किस्तों की सुविधा भी है।
शिकायत कहां करें
कनेक्शन में देरी हो तो बिजली कंपनी के कॉल सेंटर, शिकायत पोर्टल या उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में शिकायत करें। राज्य विद्युत नियामक आयोग की वेबसाइट पर भी उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी मिलती है।
बिजली बचत भी जरूरी
घर में बिजली आने के साथ बिल का ध्यान रखना भी जरूरी है। LED बल्ब, स्टार रेटिंग वाले उपकरण और जरूरत न होने पर लाइट पंखे बंद रखने से बिल कम आता है। सरकार की उजाला योजना के तहत भी सस्ते LED बल्ब बांटे गए थे, जिससे घरों में बिजली की खपत घटी। बिजली चोरी या कटिया कनेक्शन से बचें, क्योंकि यह कानूनी अपराध है और इससे हादसे का खतरा भी रहता है।
सौभाग्य योजना का पूरा नाम क्या है
प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना।
गरीब परिवारों को क्या मिला
मुफ्त बिजली कनेक्शन।
क्या योजना अब चल रही है
योजना मार्च 2022 में पूरी हो गई, अब नया कनेक्शन बिजली वितरण कंपनी से लिया जाता है।
स्रोत: Ministry of Power: Saubhagya, Saubhagya portal, PIB: Saubhagya






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