लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों, जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी में हर महीने दवाओं पर अच्छा-खासा खर्च होता है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत खुले जन औषधि केंद्रों पर जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में काफी कम कीमत पर मिलती हैं। यह योजना केंद्र सरकार के फार्मास्यूटिकल्स विभाग की है और इसे फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेज ब्यूरो ऑफ इंडिया चलाता है। जानिए जन औषधि केंद्र से सस्ती दवा कैसे लें।
जेनेरिक दवा क्या है
जेनेरिक दवा में वही मूल दवा यानी साल्ट होता है, जो ब्रांडेड दवा में होता है। फर्क नाम, पैकिंग और कीमत का होता है। ब्रांडेड दवाओं की कीमत में विज्ञापन और मार्केटिंग का खर्च भी जुड़ा होता है, इसलिए वे महंगी होती हैं।

गुणवत्ता की जांच
योजना के अनुसार जन औषधि केंद्रों पर बिकने वाली दवाएं तय मानकों वाले निर्माताओं से खरीदी जाती हैं और हर बैच की जांच मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में होती है। इसके बाद ही दवाएं केंद्रों तक भेजी जाती हैं।
केंद्र पर क्या मिलता है
- आम और लंबी बीमारियों की जेनेरिक दवाएं
- सर्जिकल सामान और कुछ चिकित्सा उपकरण
- पोषण से जुड़े कुछ उत्पाद
- जन औषधि सुविधा सैनिटरी नैपकिन, बहुत कम कीमत पर
दवाओं और उत्पादों की पूरी सूची और कीमतें जन औषधि की वेबसाइट पर दी गई हैं।
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नजदीकी केंद्र कैसे खोजें
- जन औषधि सुगम मोबाइल ऐप डाउनलोड करें
- ऐप में अपने इलाके या पिन कोड से नजदीकी केंद्र खोजें
- ऐप पर दवा का नाम डालकर उसकी जेनेरिक दवा और कीमत की तुलना भी कर सकते हैं
- janaushadhi.gov.in पर भी केंद्रों की सूची उपलब्ध है
कई सरकारी अस्पतालों के परिसर में भी जन औषधि केंद्र खुले हैं।
दवा लेते समय
- डॉक्टर की पर्ची साथ ले जाएं
- डॉक्टर से दवा का साल्ट नाम लिखवाने को कहें, ताकि जेनेरिक दवा लेना आसान हो
- दवा बदलने से पहले डॉक्टर से बात करें, खासकर अगर आप लंबे समय से कोई खास दवा ले रहे हैं
- दवा की एक्सपायरी तारीख जांचें और पक्का बिल लें
जन औषधि केंद्र कैसे खोलें
व्यक्ति, फार्मासिस्ट, डॉक्टर, NGO, ट्रस्ट और संस्थाएं जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए पंजीकृत फार्मासिस्ट और दवा बेचने का लाइसेंस जरूरी है। योजना के तहत केंद्र चलाने वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिसकी शर्तें समय-समय पर बदलती हैं। आवेदन और शर्तों की जानकारी janaushadhi.gov.in पर ऑनलाइन दी गई है। महिलाओं, दिव्यांगजनों, SC-ST और कुछ खास क्षेत्रों के आवेदकों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान है।
शिकायत
केंद्र पर दवा न मिलने, ज्यादा कीमत वसूलने या दूसरी समस्या की शिकायत जन औषधि की हेल्पलाइन या वेबसाइट पर की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या जेनेरिक दवा ब्रांडेड दवा जितनी असरदार होती है?
जेनेरिक दवा में वही मूल दवा और मात्रा होती है। किसी भी बदलाव से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
स्रोत: प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना, फार्मास्यूटिकल्स विभाग। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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