Gold-Silver Price 26 September 2026: त्योहारी सीजन की आहट और वैश्विक वित्तीय अनिश्चितताओं के बीच घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में एक बार फिर उल्लेखनीय तेजी देखी जा रही है। 26 सितंबर 2026 को भारतीय सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी के खुदरा भाव ऊंचे स्तरों पर बने हुए हैं। पिछले कारोबारी सत्रों में दर्ज की गई बढ़त के बाद आज खुदरा बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव लगभग 1,52,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट जेवराती सोने का भाव 1,40,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। कीमती धातुओं के इस तेजी भरे दौर ने शादी-ब्याह और त्योहारों के लिए खरीदारी की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे निवेशकों का ध्यान भी पूरी तरह खींच लिया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने और चांदी के वायदा अनुबंधों में जोरदार लिवाली का माहौल देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव, बॉन्ड यील्ड की चाल और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने में निरंतर पूंजी लगा रहे हैं। इसके समानांतर, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग ने श्वेत धातु को ऐतिहासिक ऊंचाई पर बनाए रखा है। विभिन्न राज्यों में लागू होने वाले स्थानीय करों, चुंगी और परिवहन लागत के कारण देश के अलग-अलग शहरों में खुदरा दरों में हल्का अंतर देखा जा रहा है।
Gold-Silver Price 26 September 2026: 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव में अंतर
सर्राफा बाजार में खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं के लिए 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के तकनीकी और वित्तीय अंतर को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। 24 कैरेट सोना 99.9 प्रतिशत शुद्ध माना जाता है, किंतु अत्यधिक लचीला होने के कारण इसका उपयोग सीधे आभूषण बनाने में नहीं किया जाता। इसे मुख्य रूप से सोने के सिक्कों, बिस्कुट और शुद्ध बुलियन बार के रूप में निवेश हेतु खरीदा जाता है। 25 और 26 सितंबर के बाजार रुझानों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव 15,284 रुपये प्रति ग्राम यानी 1,52,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है।
इसके विपरीत पारंपरिक और आधुनिक आभूषणों के निर्माण के लिए 22 कैरेट सोने का सर्वाधिक उपयोग किया जाता है, जिसमें 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना और शेष तांबा, जस्ता या चांदी जैसी कठोर धातुएं मिश्रित की जाती हैं। 22 कैरेट सोने का भाव इस समय 14,010 रुपये प्रति ग्राम यानी लगभग 1,40,100 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा है। ग्राहकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ज्वैलरी शोरूम में प्रदर्शित होने वाला बेस रेट अंतिम देय राशि नहीं होता। इसमें 3 प्रतिशत की दर से वस्तु एवं सेवा कर (GST), हॉलमार्किंग शुल्क और आभूषण की जटिलता के आधार पर 8 से 20 प्रतिशत तक का मेकिंग चार्ज अतिरिक्त जोड़ा जाता है।
चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल: 2.40 लाख के पार पहुंचा MCX वायदा
सोने की तुलना में चांदी के बाजार में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान कहीं अधिक तेज उछाल दर्ज किया गया है। हाजिर और खुदरा बाजार में 999 शुद्धता वाली परिष्कृत चांदी का भाव 2,33,410 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर स्थिर दिखाई दे रहा है। वहीं वायदा बाजार यानी एमसीएक्स पर चांदी की कीमतें दिन के कारोबार के दौरान 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम दायरे को छूती नजर आईं। चांदी की कीमतों में आई इस अप्रत्याशित तेजी ने खुदरा खरीदारों को चौंका दिया है।
कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि चांदी अब केवल पारंपरिक आभूषणों और बर्तनों तक सीमित धातु नहीं रह गई है, बल्कि यह आधुनिक हरित ऊर्जा संक्रमण की एक अपरिहार्य औद्योगिक धातु बन चुकी है। सोलर फोटोवोल्टिक पैनल्स, सेमीकंडक्टर्स, 5जी इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिक वाहनों के बैटरी पैक्स में चांदी का व्यापक उपयोग हो रहा है। खनन स्तर पर आपूर्ति की सीमितता और उद्योगों की निरंतर आक्रामक मांग के असंतुलन ने चांदी के भाव को सोने के मुकाबले अधिक वोलेटाइल और आक्रामक बना दिया है।
प्रमुख महानगरों में सोने और चांदी के खुदरा भाव
देश के प्रमुख महानगरों में स्थानीय टैक्स संरचना और सर्राफा संघों के दैनिक कोटेशन के आधार पर कीमतों में मामूली अंतर दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के खुदरा बाजार में 24 कैरेट सोना लगभग 1,51,690 से 1,52,800 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,40,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में बिक रहा है। दिल्ली के चांदनी चौक और दरीबा कलां जैसे प्रमुख थोक बाजारों में चांदी 2.33 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर स्थिर बनी हुई है।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के जवेरी बाजार में 24 कैरेट सोना 1,51,010 रुपये से 1,51,800 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,38,320 से 1,39,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर देखा गया। उधर पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,52,840 रुपये और 22 कैरेट 1,40,100 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्र चेन्नई में स्थानीय आयात प्रीमियम और भारी मांग के चलते भाव थोड़े ऊंचे रहते हैं, जहां 24 कैरेट सोने की दरें 1,53,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गईं।
उत्तर प्रदेश के सर्राफा बाजारों का हाल: लखनऊ, कानपुर और वाराणसी के दाम
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी सर्राफा कारोबारियों ने 26 सितंबर के लिए ताजा सांकेतिक दरें जारी कर दी हैं। राज्य की राजधानी लखनऊ में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत लगभग 1,48,000 से 1,51,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई है, जबकि 22 कैरेट आभूषण सोने का भाव 1,40,950 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आंका गया है। लखनऊ के चौक और अमीनाबाद बाजारों में त्योहारी मांग के चलते ग्राहकों की आवाजाही में तेजी देखी जा रही है।
औद्योगिक नगर कानपुर, धार्मिक नगरी वाराणसी, प्रयागराज, आगरा और गोरखपुर के बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतें लगभग इसी स्तर पर टिकी हुई हैं। स्थानीय ज्वैलर्स का कहना है कि श्राद्ध पक्ष समाप्त होने और आगामी नवरात्रि व धनतेरस के स्वागत के लिए ग्राहकों ने अभी से एडवांस बुकिंग और गहनों के ऑर्डर देने शुरू कर दिए हैं। हालांकि कीमतों के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर होने के कारण हल्के वजन की डिजाइनर ज्वेलरी और 18 कैरेट के डायमंड स्टडेड आभूषणों की मांग में अधिक वृद्धि देखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट: $4,290 के पार स्पॉट गोल्ड, क्यों आ रही है तेजी
घरेलू बाजार में सोने की तेजी को समझने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के घटनाक्रमों का विश्लेषण अनिवार्य है। 25 और 26 सितंबर को लंदन और न्यूयॉर्क के कमोडिटी एक्सचेंजों पर हाजिर सोना (Spot Gold) 4,294 डॉलर प्रति औंस के आसपास दृढ़ता से कारोबार करता दिखा, जबकि यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 4,324.80 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी भारी मजबूती का सीधा प्रभाव भारतीय आयात लागत पर पड़ रहा है।
वैश्विक बाजार में इस निरंतर उछाल के पीछे प्रमुख कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति से जुड़ी अपेक्षाएं हैं। जब भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका या केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों में कटौती की संभावना मजबूत होती है, तो डॉलर इंडेक्स कमजोर पड़ने लगता है और पूंजी सोने की ओर प्रवाहित होने लगती है। इसके अलावा विश्व के प्रमुख केंद्रीय बैंक, विशेषकर पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, अपने विदेशी मुद्रा भंडार को डॉलर पर निर्भरता से मुक्त करने के लिए निरंतर भौतिक सोने की भारी खरीद कर रहे हैं, जिससे सोने को मजबूत तल सहारा मिल रहा है।
डॉलर के मुकाबले रुपया और एमसीएक्स का तकनीकी परिदृश्य
भारतीय बुलियन बाजार के लिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर एक अत्यंत संवेदनशील कारक साबित होती है। चूंकि भारत अपनी घरेलू आवश्यकता का लगभग संपूर्ण सोना और चांदी विदेशों से आयात करता है, इसलिए रुपये में किसी भी तरह की कमजोरी सीधे तौर पर घरेलू आयात बिल को बढ़ा देती है। जब रुपया डॉलर के मुकाबले सुस्त होता है, तो अंतरराष्ट्रीय कीमतों में स्थिरता के बावजूद घरेलू बाजार में सोना स्वतः महंगा हो जाता है।
एमसीएक्स पर सोने के आगामी अनुबंधों की तकनीकी स्थिति को देखें तो विश्लेषकों का मानना है कि 1,50,000 रुपये का स्तर सोने के लिए बेहद मजबूत तकनीकी सपोर्ट का कार्य कर रहा है, जबकि ऊपरी स्तरों पर 1,55,000 रुपये का दायरा एक बड़ा रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। चांदी के लिए 2,30,000 रुपये का स्तर अहम मनोवैज्ञानिक आधार बना हुआ है। जब तक कोई बड़ा वैश्विक भू-राजनीतिक समझौता या आर्थिक स्थिरता का ठोस संकेत सामने नहीं आता, तब तक कीमती धातुओं में भारी गिरावट की संभावना काफी कम नजर आ रही है।
Gold-Silver Price 26 September 2026: त्योहारी सीजन में आभूषण खरीदते समय बरतें ये जरूरी सावधानियां
सोने और चांदी के सर्वकालिक उच्च स्तरों के बीच आम उपभोक्ताओं को खरीदारी करते समय अत्यधिक सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है। आभूषण खरीदते समय सबसे पहली प्राथमिकता भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा अनिवार्य किए गए 6 अंकों के अल्फ़ान्यूमेरिक ‘HUID’ युक्त हॉलमार्क की पुष्टि करना होना चाहिए। किसी भी गैर-प्रमाणित ज्वैलर से बिना पक्के बिल के खरीदारी करने से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि बिल में सोने की शुद्धता, शुद्ध वजन, पत्थर का अलग वजन और जीएसटी का स्पष्ट विवरण होना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
इसके अतिरिक्त उपभोक्ताओं को विभिन्न शोरूमों पर जाकर मेकिंग चार्ज की दरों की तुलना करनी चाहिए और संभव हो तो डिजिटल भुगतान के माध्यम से प्रमाणित रसीद लेनी चाहिए। पुराने सोने को बदलकर नए जेवर बनवाने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए यह समय अपने पुराने निवेश को अधिकतम मूल्यांकन पर भुनाने का एक बेहतर अवसर साबित हो सकता है, बशर्ते वे ज्वैलर द्वारा की जाने वाली पिघलाई और वेस्टेज कटौती के नियमों को पहले ही स्पष्ट रूप से समझ लें।
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