ताज़ा खबर
Petrol Diesel Price 26 September 2026: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानिए दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और नोएडा में आज का भाव Aaj Ka Mausam 26 September 2026: यूपी में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड में अत्यधिक भारी बारिश; दिल्ली का भी बदलेगा मौसम Aaj Ka Rashifal 26 September 2026: चंद्रमा-शनि की युति और बुध गोचर, जानें मेष से मीन तक का राशिफल Shanivar Pooja Vidhi: शनिवार को ऐसे करें शनिदेव की पूजा, जानें विधि, मंत्र, महत्व और जरूरी नियम दीपक जलाने के नियम यज्ञोपवीत संस्कार विधि Maruti Suzuki S-Presso: मारुति एस-प्रेसो अब अल्टो से सस्ती, कीमत 3.50 लाख से शुरू, सीएनजी में 32.73 किमी माइलेज CBSE Notice: सीबीएसई ने स्कूलों को छात्रों की डेमोग्राफिक डिटेल्स सही रखने के निर्देश दिए
ट्रेंडिंग
भारत

Aaj Ka Mausam 26 September 2026: यूपी में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड में अत्यधिक भारी बारिश; दिल्ली का भी बदलेगा मौसम

Aaj Ka Mausam 26 September 2026

सारांश

  • Aaj Ka Mausam 26 September 2026: उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में बहुत भारी और पश्चिमी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट।
  • उत्तराखंड: 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
  • हिमाचल प्रदेश: भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना।
  • दिल्ली-NCR: 26 सितंबर को भारी बारिश के साथ आंधी-गरज की चेतावनी।
  • 27 सितंबर: यूपी में बारिश जारी रहने की संभावना, उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश का अलर्ट।
  • राजस्थान: 26 सितंबर को कोई विशेष बारिश चेतावनी नहीं।
  • सावधानी: बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें।

Aaj Ka Mausam 26 September 2026: मानसून विदाई की औपचारिक समयसीमा के करीब पहुंचने के बावजूद उत्तर और मध्य भारत के वायुमंडलीय तंत्र में सक्रिय मौसमी प्रणालियों ने एक बार फिर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 26 सितंबर 2026 के लिए जारी किए गए उपखंडवार मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश के दोनों अंचलों—पूर्वी और पश्चिमी यूपी—में मूसलाधार बारिश, बादलों की भीषण गड़गड़ाहट, आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र गति की आंधी का व्यापक अलर्ट घोषित किया गया है। बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत से लगातार आ रही नमी युक्त पुरवैया हवाओं के चलते राज्य के अधिकांश जिलों में शनिवार को भारी वर्षा का नया दौर शुरू होने की पूरी संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के ऊपर बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र (Depression) के अवशेष और पश्चिमी विक्षोभ के आपसी संपर्क ने मानसूनी ट्रफ को उत्तर की ओर खिसका दिया है। इसके फलस्वरूप 26 और 27 सितंबर को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में वर्षा का प्रवाह चरम पर रहेगा। विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, कृषि फसलों को संभावित नुकसान और संवेदनशील क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर स्थानीय प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

Aaj Ka Mausam 26 September 2026: पूर्वी यूपी में बहुत भारी बारिश और पश्चिमी यूपी में आंधी-तूफान की चेतावनी

उत्तर प्रदेश के लिए 26 सितंबर का दिन मौसमी दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील रहने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के तराई और मध्यवर्ती जिलों—विशेषकर गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, देवरिया, बस्ती, गोंडा और बहराइच—में अत्यंत भारी वर्षा (Heavy to Very Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में बादलों की निरंतर आवाजाही बनी रहेगी और रुक-रुक कर मूसलाधार झड़ी लगने के पूरे आसार हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों, जैसे बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ और अलीगढ़ में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। वातावरण में अत्यधिक आद्रता और घने कपासी बादलों (Cumulonimbus Clouds) के निर्माण के चलते कई क्षेत्रों में अचानक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को भी बारिश का यह दौर जारी रहने का अनुमान व्यक्त किया है, जिसके बाद 28 सितंबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मौसमी गतिविधियों में क्रमिक गिरावट आनी शुरू होगी।

लखनऊ का मौसम: दिनभर छाए रहेंगे घने बादल, 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 26 सितंबर को मौसम पूरी तरह से बादलों और बारिश के शिकंजे में रहेगा। मौसम केंद्र लखनऊ के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे गिरकर लगभग 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के चलते दिन के समय भी गुलाबी ठंडक का अहसास हो सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि लखनऊ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दिन के अलग-अलग समय पर तेज बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाएं कमजोर होर्डिंग्स, पुराने पेड़ों और अस्थायी निर्माणों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों को खुले मैदानों, जलभराव वाले रास्तों और जर्जर मकानों के पास खड़े न होने की सलाह दी है।

दिल्ली-एनसीआर: शनिवार से फिर लौटेगी बारिश, उमस भरी गर्मी से मिलेगी निजात

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम) में 26 सितंबर से मौसमी गतिविधियों में एक बार फिर सकारात्मक बदलाव दर्ज किया जाएगा। पिछले दो-तीन दिनों से दिल्लीवासियों को तेज धूप और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा था, किंतु शनिवार से सक्रिय हो रहे नए मौसमी स्पेल के प्रभाव से आसमान में घने बादल डेरा डाल लेंगे।

शनिवार दोपहर या देर शाम तक दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। बारिश के इस दौर से राष्ट्रीय राजधानी के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे वायु गुणवत्ता (AQI) में भी उल्लेखनीय सुधार होगा और मौसम सुहावना बना रहेगा। हालांकि भारी बारिश की सीधी चेतावनी न होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर अल्पकालिक तेज बौछारों से इनकार नहीं किया जा सकता।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पहाड़ों में आफत की बारिश और भूस्खलन का बड़ा खतरा

हिमालयी राज्यों में 26 सितंबर का दिन अत्यधिक जोखिम भरा साबित हो सकता है। उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग ने ‘अत्यधिक भारी बारिश’ (Extremely Heavy Rainfall) की गंभीर चेतावनी जारी की है। देहरादून, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी और चमोली जिलों में 200 मिमी से अधिक वर्षा होने की आशंका जताई गई है। पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी के कटाव और चट्टानों के खिसकने के चलते चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के अवरुद्ध होने का गंभीर अंदेशा है।

पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी 26 सितंबर को भारी बारिश और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित है। शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा के क्षेत्रों में नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ब्यास, सतलुज और उनकी सहायक नदियों के किनारों से पूरी तरह दूर रहने तथा किसी भी गैर-जरूरी पर्वतीय यात्रा को तुरंत टालने का परामर्श दिया है।

पूर्वी व मध्य भारत: ओडिशा, आंध्र और बिहार में निम्न दबाव का व्यापक प्रभाव

पूर्वी समुद्र तट पर उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के बीच बनी गहरी मौसमी प्रणाली भले ही धीरे-धीरे अंतर्देशीय क्षेत्रों की ओर बढ़ रही हो, किंतु इसका व्यापक असर पूर्वी और मध्य भारत में बना हुआ है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार को भी रुक-रुक कर मानसूनी फुहारें और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी।

बिहार के संदर्भ में देखें तो राज्य के सीमांचल और गंगा के मैदानी इलाकों में आर्द्रता का स्तर बहुत अधिक बना हुआ है। 26 सितंबर को बिहार के कई जनपदों में छिटपुट से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश और बिजली चमकने का अनुमान है। स्थानीय नदियों के कछार में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों (नेपाल और उत्तराखंड) में हो रही मूसलाधार बारिश का जलप्रवाह मैदानी नदियों के जलस्तर को बढ़ा सकता है।

राजस्थान, पंजाब और हरियाणा: अधिकांश हिस्सों में मौसम रहेगा सामान्य

उत्तर भारत के पश्चिमी छोर पर स्थित राज्यों में मौसमी गतिविधियों का असर अपेक्षाकृत काफी सीमित रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 26 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों के लिए कोई विशेष बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। यहां अधिकांश समय मौसम शुष्क और साफ रहने की उम्मीद है, हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ सीमावर्ती जिलों में 27 सितंबर से हल्की मौसमी हलचल देखी जा सकती है।

इसी प्रकार पंजाब और हरियाणा के अधिकांश मैदानी जिलों में भी शनिवार को भारी बारिश की कोई औपचारिक चेतावनी नहीं है। इन राज्यों में केवल आंशिक रूप से बादल छाए रहने और इक्का-दुक्का स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी की ही संभावना है। इन राज्यों में मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी क्षीण हो चुकी है, जिसके चलते सामान्य जनजीवन और कृषि गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालित हो सकेंगी।

सावधानी और सुरक्षा: वज्रपात और जलभराव से बचाव के जरूरी नियम

मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी-तूफान के दौरान नागरिकों की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आकाशीय बिजली (Lightning Strike) चमकने के दौरान कभी भी खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों या ट्रांसफार्मरों के नीचे शरण नहीं लेनी चाहिए। धातु के पाइपों, तारों और बिजली के उपकरणों से दूर रहना सबसे सुरक्षित उपाय है।

शहरी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के चलते अंडरपासों और चौराहों पर जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने और पानी भरे गड्ढों से बचने की सलाह दी जाती है। किसान भाइयों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों या तैयार उपज को सुरक्षित गोदामों या तिरपाल से ढक कर रखें ताकि अचानक होने वाली बारिश से अनाज को खराब होने से बचाया जा सके।

Aaj Ka Mausam 26 September 2026: मौसमी उतार-चढ़ाव के बीच सतर्कता ही सबसे बड़ा कवच

सितंबर 2026 के अंतिम पखवाड़े में देश के विभिन्न राज्यों में मौसम का यह दोहरा व्यवहार प्रकृति की अप्रत्याशितता को दर्शाता है। जहां एक ओर पश्चिमी भारत में मानसून की विदाई की पृष्ठभूमि तैयार हो रही है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में सक्रिय मानसूनी ट्रफ जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित करने के लिए तैयार खड़ी है।

26 सितंबर को विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के निवासियों को मौसम विभाग के बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर निरंतर नजर बनाए रखनी होगी। जब तक आकाश में गर्जना और तेज हवाओं का दौर शांत नहीं हो जाता, तब तक घरों के भीतर रहना और अनावश्यक यात्राओं से बचना ही सुरक्षा की दृष्टि से सर्वोत्तम निर्णय होगा।

Read more here

यज्ञोपवीत संस्कार विधि

बिग बॉस 20 में माही विज ने आसिफ खान को कैप्टेन बनाने से इनकार किया, कहा मुझे नहीं लगता आप असली मर्द हो

Bareilly Agniveer Recruitment Scam: अग्निवीर भर्ती में ठगी का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

Akhilesh Yadav PDA Rath Yatra: रायबरेली से अखिलेश यादव ने शुरू की PDA रथ यात्रा, 2027 पर नजर

About The Author

Netsha Singh Author at Democratic Bharat Live

लेखक

Netsha Singh

I am a Hindi News Content Writer with 1 year of experience in writing and publishing news content for digital platforms. I have previously worked with Khabar Nagari and Online Taza Khabar, along with internship experience in news content writing. I am also a YouTube Content Creator, creating content around current news, trending topics, and important developments.

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X