“सिर्फ आधार और PAN से पांच मिनट में लोन” जैसे विज्ञापन उन लोगों को आसानी से आकर्षित करते हैं, जिन्हें अचानक पैसों की जरूरत होती है। कई ऐप असली कर्जदाता होते हैं, लेकिन कुछ फर्जी लोन ऐप छोटी रकम देकर भारी शुल्क वसूलते हैं, फोन के संपर्क और फोटो चुरा लेते हैं और फिर धमकी देकर पैसे ऐंठते हैं। जानिए फर्जी लोन ऐप से कैसे बचें।
फर्जी लोन ऐप कैसे काम करते हैं
ऐसे ऐप अक्सर सोशल मीडिया विज्ञापन, SMS लिंक या APK फाइल के जरिए फैलते हैं। इंस्टॉल करते समय ये संपर्क सूची, फोटो गैलरी, SMS और लोकेशन की अनुमति मांगते हैं। लोन की रकम से पहले ही “प्रोसेसिंग फीस” काट ली जाती है और चुकाने के लिए बहुत कम दिन दिए जाते हैं। तय तारीख से पहले ही धमकी भरे कॉल शुरू हो जाते हैं। पैसे न चुकाने पर ठग संपर्क सूची के लोगों को अपमानजनक संदेश या छेड़छाड़ की गई तस्वीरें भेजने की धमकी देते हैं।

फर्जी लोन ऐप के संकेत
- ऐप यह साफ नहीं बताता कि लोन किस बैंक या RBI से पंजीकृत NBFC की ओर से दिया जा रहा है
- ब्याज, शुल्क और चुकाने की शर्तें पहले से लिखित में नहीं दी जातीं
- संपर्क सूची, गैलरी और SMS जैसी गैरजरूरी अनुमतियां मांगना
- आधिकारिक ऐप स्टोर के बजाय लिंक या APK फाइल से डाउनलोड करवाना
- लोन से पहले ही फीस या “सुरक्षा राशि” मांगना
- बिना मांगे खाते में पैसे भेजकर बाद में ज्यादा रकम मांगना
असली कर्जदाता की पहचान
RBI के डिजिटल लेंडिंग नियमों के अनुसार डिजिटल लोन देने वाले ऐप को यह बताना होता है कि उसके पीछे कौन सा बैंक या NBFC है। लोन से पहले मुख्य तथ्य विवरण यानी Key Fact Statement देना होता है, जिसमें सालाना ब्याज दर और सारे शुल्क साफ लिखे हों। लोन की रकम सीधे कर्ज लेने वाले के खाते में और किस्त सीधे कर्जदाता के खाते में जानी चाहिए। आप RBI की वेबसाइट पर पंजीकृत NBFC की सूची देख सकते हैं। RBI के सचेत पोर्टल पर अवैध रूप से पैसा लेने वाली संस्थाओं की शिकायत भी की जा सकती है।
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बचाव के उपाय
- लोन सिर्फ अपने बैंक या भरोसेमंद, पंजीकृत संस्था से लें
- ऐप की अनुमतियां ध्यान से पढ़ें, लोन के लिए आपकी गैलरी या संपर्क सूची की जरूरत नहीं होती
- किसी अनजान लिंक से ऐप इंस्टॉल न करें
- लोन लेने से पहले कुल चुकाने वाली रकम की गणना करें
- जरूरत छोटी हो तो परिवार, बैंक के ओवरड्राफ्ट या इमरजेंसी फंड जैसे विकल्प पहले देखें
धमकी मिले तो क्या करें
डरकर ठगों को बार-बार पैसे न भेजें। धमकी भरे कॉल, संदेश और भुगतान के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। तुरंत 1930 पर कॉल करें, cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। अपने परिचितों को पहले से बता दें कि आपके नाम से कोई गलत संदेश आए तो उस पर भरोसा न करें। ऐप को अनइंस्टॉल करें और उसकी दी गई अनुमतियां हटा दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ऐप स्टोर पर मौजूद हर लोन ऐप असली है?
नहीं, ऐप स्टोर पर होना भरोसे की गारंटी नहीं है। हमेशा देखें कि उसके पीछे कौन सा पंजीकृत बैंक या NBFC है।
स्रोत: भारतीय रिज़र्व बैंक, सचेत पोर्टल, RBI, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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