कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की है, जिसके तहत पुराने और निष्क्रिय पड़े पीएफ खातों का पैसा अब सीधे बैंक खाते में आएगा। इस नई व्यवस्था के अनुसार, जिन खातों में 1,000 रुपये या उससे कम की राशि जमा है, उन्हें निकालने के लिए अब किसी अलग दावे या क्लेम की आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम विशेष रूप से उन खाताधारकों के लिए है जो छोटी राशि होने के कारण अपना पैसा नहीं निकाल पा रहे थे। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी राज्य के गरीब परिवारों के लिए मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना की घोषणा की है, जिसके तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता और मुफ्त बिजली दी जाएगी।

निष्क्रिय पीएफ खातों के लिए ऑटोमैटिक सेटलमेंट की शुरुआत
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर खाताधारकों को एक बड़ी राहत दी है। अब उन निष्क्रिय पीएफ खातों का निपटारा अपने आप किया जाएगा जिनमें 1,000 रुपये या उससे कम की राशि जमा है। इस नई पहल के तहत पात्र सदस्यों को अपना पैसा प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार का मैन्युअल क्लेम या आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से स्वचालित होगी और आधार से सत्यापित खातों के लिए लागू होगी। संगठन पहले खाताधारक की पहचान और उनके बैंक खाते के विवरण की गहन जांच करेगा और सत्यापन पूरा होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया सीधे शुरू कर दी जाएगी।
इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य उन लाखों लोगों को लाभ पहुंचाना है जिनके पुराने पीएफ खातों में छोटी रकम फंसी हुई है। अक्सर नौकरी बदलने या लंबे समय तक योगदान न देने के कारण खाते निष्क्रिय हो जाते हैं। कई सदस्य छोटी राशि होने के कारण क्लेम की जटिल प्रक्रिया से बचना चाहते हैं या उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती है। ईपीएफओ के आंकड़ों के अनुसार, इस पहल से लगभग 1 लाख निष्क्रिय खातों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इन खातों में जमा कुल राशि लगभग 5 करोड़ रुपये है, जिसका निपटारा अब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के किया जा सकेगा। यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
तकनीकी सुधार और वॉट्सऐप सेवाओं का विस्तार
ईपीएफओ ने अपनी सेवाओं को अधिक सदस्य-अनुकूल बनाने के लिए कई तकनीकी बदलाव भी किए हैं। संगठन ने अब वॉट्सऐप के माध्यम से भी सेवाएं देना शुरू कर दिया है। इसके जरिए सदस्य अपने पीएफ बैलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, अपने पिछले पांच लेनदेन का विवरण देख सकते हैं और अपनी पासबुक भी आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इन सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संगठन के पास वर्तमान में 32 लाख करोड़ रुपये का विशाल फंड है, जो 8 करोड़ से अधिक सदस्यों के योगदान से बना है। ईपीएफओ वर्तमान में 8 करोड़ सक्रिय सदस्यों और 85 लाख पेंशनभोगियों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है।
दावा निपटान की गति में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। अक्टूबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, पीएफ क्लेम निपटाने का औसत समय घटकर मात्र 2.57 दिन रह गया है। यह सुधार मुख्य रूप से सीआईटीईएस 2.01 (CITES 2.01) पहल और अन्य तकनीकी अपग्रेड के कारण संभव हुआ है। सरकार का लक्ष्य भविष्य में इस प्रक्रिया को और भी सरल और पारदर्शी बनाना है ताकि सदस्यों को अपने स्वयं के धन के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना
इसी बीच, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के नागरिकों के लिए एक बड़ी कल्याणकारी योजना का ऐलान किया है। चंबा जिले के चुवाड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत राज्य के गरीब परिवारों की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, चयनित परिवारों को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारी की है। प्रदेश भर में लगभग 2.50 लाख महिलाओं और 1.80 लाख परिवारों को इस योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। पंचायत स्तर पर किए गए सर्वेक्षण के आधार पर पात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 75,000 रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को इस आर्थिक सहायता का लाभ मिलेगा। योजना का औपचारिक शुभारंभ सोलन में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की उपस्थिति में किया जाएगा।
चंबा क्षेत्र के लिए अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री सुक्खू ने चंबा के भटियात क्षेत्र के विकास के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का वादा किया है। उन्होंने चुवाड़ी में एक सिविल कोर्ट खोलने की घोषणा की, जिससे स्थानीय लोगों को कानूनी कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा, चुवाड़ी:चंबा सुरंग के निर्माण की दिशा में भी प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस सुरंग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए 4.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। डीपीआर तैयार होने के बाद निर्माण की आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने विपक्ष द्वारा किए जा रहे भ्रामक प्रचार पर भी निशाना साधा और कहा कि सरकार अपनी गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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