E-Shram Card: केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा संचालित ‘ई-श्रम पोर्टल’ (e-Shram Portal) देश के करोड़ों असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक सशक्त राष्ट्रीय पहचान और सामाजिक सुरक्षा कवच बनकर उभरा है। इस डिजिटल डेटाबेस के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों, निर्माण श्रमिकों, घरेलू कामगारों, डिलीवरी पार्टनर्स और खेतिहर मजदूरों को एक केंद्रीकृत मंच पर जोड़ा जा रहा है। ई-श्रम कार्ड धारक श्रमिकों को न केवल 12 अंकों का एक विशिष्ट यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) प्राप्त होता है, बल्कि उन्हें आकस्मिक दुर्घटना बीमा समेत केंद्र व राज्य सरकारों की तमाम सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा लाभ भी मिलता है। कई कामगार सही प्रक्रिया और पात्रता के नियमों की सटीक जानकारी न होने के कारण इन लाभों से वंचित रह जाते हैं, इसलिए इसके पंजीकरण, लाभ और खाते में आई सहायता राशि की जांच की पूरी व्यवस्था को विस्तार से समझना जरूरी है।
E-Shram Card: कौन बनवा सकता है ई-श्रम कार्ड? पात्रता की प्रमुख शर्तें
ई-श्रम कार्ड असंगठित क्षेत्र के उन श्रमिकों के लिए बनाया जाता है जो किसी संगठित प्रतिष्ठान के नियमित वेतनभोगी कर्मचारी नहीं हैं। इसके दायरे में निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूर, प्रवासी श्रमिक, बढ़ई, प्लंबर, पेंटर, रिक्शा चालक, कृषि मजदूर, मछली पकड़ने वाले कामगार, आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्ट्रीट वेंडर्स और गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर शामिल हैं।
पात्रता के मानकों के तहत आवेदक की आयु 16 वर्ष से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक किसी भी रूप में आयकर दाता (Income Tax Payer) नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, कामगार का कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) या कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) का सक्रिय अंशदाता या सदस्य नहीं होना अनिवार्य है। पंजीकरण के लिए पहचान दस्तावेज, उससे लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर और आवेदक के नाम से खुला वैध बचत बैंक खाता होना आवश्यक है।
E-Shram Card: घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की चरणबद्ध प्रक्रिया
ई-श्रम कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है और इसके लिए किसी भी दफ्तर के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। श्रमिक स्वयं आधिकारिक वेबसाइट (eshram.gov.in) पर जाकर ‘Register on e-Shram’ विकल्प के माध्यम से अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं।
पोर्टल पर सबसे पहले मोबाइल नंबर दर्ज करके कैप्चा भरना होता है, जिसके बाद फोन पर वन-टाइम पासवर्ड (OTP) आता है। ओटीपी सत्यापन के बाद पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाती है, जिसके आधार पर आवेदक का नाम, जन्मतिथि, लिंग और फोटो स्वतः स्क्रीन पर आ जाते हैं। इसके बाद व्यक्तिगत विवरण, वर्तमान व स्थायी पता, शैक्षणिक योग्यता, व्यवसाय का प्रकार (NCO कोड के अनुसार) और बैंक खाते का विवरण (खाता संख्या व IFSC कोड) ध्यानपूर्वक भरना होता है। सभी विवरणों की अंतिम समीक्षा (Preview) करने के बाद फॉर्म सबमिट करते ही 12 अंकों का विशिष्ट यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN Card) जनरेट हो जाता है, जिसे पीडीएफ फॉर्मेट में तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है। जिन श्रमिकों को ऑनलाइन फॉर्म भरने में कठिनाई हो, वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर भी यह प्रक्रिया निःशुल्क करवा सकते हैं।
ई-श्रम कार्ड धारकों को मिलने वाले प्रमुख लाभ और सामाजिक सुरक्षा
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत सभी श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) के तहत दुर्घटना बीमा का सुरक्षा कवच प्राप्त होता है। किसी सड़क या कार्यस्थल दुर्घटना में श्रमिक की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने अथवा दोनों आंखें, दोनों हाथ या दोनों पैर स्थायी रूप से गंवाने (पूर्ण स्थायी दिव्यांगता) पर ₹2,00,000 की वित्तीय सहायता परिजनों को दी जाती है। वहीं दुर्घटना में आंशिक रूप से स्थायी दिव्यांग होने की स्थिति में ₹1,00,000 की आर्थिक मदद प्रदान की जाती है।
इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक आपदा, महामारी या आपातकालीन स्थितियों में केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा घोषित डीबीटी (DBT) राहत पैकेज सीधे इसी डेटाबेस के जरिए खातों में भेजे जाते हैं। ई-श्रम कार्ड धारकों के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल से जुड़कर रोजगार खोजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PMSYM) के जरिए वृद्धावस्था पेंशन पाना और आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य उपचार प्राप्त करने की राह भी बेहद सुगम हो जाती है।
पैसे और डीबीटी लाभ की स्थिति कैसे जांचें?
श्रमिकों के बीच अक्सर यह भ्रम रहता है कि ई-श्रम कार्ड बनने पर हर महीने निश्चित वेतन या राशि भेजी जाती है। वास्तविकता यह है कि ई-श्रम कार्ड सीधे तौर पर कोई मासिक भत्ता नहीं देता, बल्कि जब भी राज्य या केंद्र सरकार श्रमिकों के लिए किसी विशेष आर्थिक सहायता, भरण-पोषण भत्ते या आपदा राहत की घोषणा करती है, तो राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है।
अपने बैंक खाते में ई-श्रम या सरकारी सहायता राशि के हस्तांतरण की जांच करने के लिए श्रमिक आधिकारिक पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) पोर्टल पर जाकर ‘Know Your Payments’ विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, अपने बैंक खाते से जुड़े रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के एसएमएस इनबॉक्स, बैंक पासबुक में एंट्री कराकर या संबंधित राज्य सरकार के असंगठित कर्मकार पोर्टल (जैसे उत्तर प्रदेश में upssb.in पोर्टल) पर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके भी ट्रांसफर स्टेटस चेक किया जा सकता है। किसी भी अनधिकृत मोबाइल ऐप, फर्जी लिंक या साइबर फ्रॉड से सतर्क रहें, क्योंकि सरकारी पोर्टल पर यह पूरी जानकारी निःशुल्क उपलब्ध है।
E-Shram Card: कार्ड बनने के बाद प्रोफाइल अपडेट और जरूरी सावधानियां
ई-श्रम कार्ड प्राप्त करने के बाद श्रमिकों को अपना UAN कार्ड लेमिनेट कराकर सुरक्षित रख लेना चाहिए। यदि श्रमिक का मोबाइल नंबर, बैंक खाता, कौशल श्रेणी या रहने का पता बदलता है, तो ई-श्रम पोर्टल पर जाकर ‘Already Registered – Update Profile’ विकल्प के जरिए विवरण को समय-समय पर अद्यतन (अपडेट) रखना आवश्यक है ताकि किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का संदेश या लाभ रुकने न पाए।
यह भी सुनिश्चित करें कि बैंक खाता आधार से एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग के साथ डीबीटी-सक्षम हो। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या, कार्ड डाउनलोड करने में आ रही परेशानी या योजना संबंधी सहायता के लिए श्रमिक मंत्रालय के राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14434 पर संपर्क कर सकते हैं।
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