दिवाली पर रिश्तेदारों, पड़ोसियों, दोस्तों और साथ काम करने वालों को उपहार देने की परंपरा है। बाजार में तैयार गिफ्ट पैक मिलते हैं, पर घर पर बना हैंपर ज्यादा निजी लगता है और बजट भी अपने हाथ में रहता है। इस बार लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर को है, इसलिए तैयारी अभी से शुरू की जा सकती है। जानिए दिवाली गिफ्ट हैंपर घर पर कैसे बनाएं।
पहले सूची और बजट
- किन-किन लोगों को उपहार देना है, उसकी सूची बनाएं
- हर व्यक्ति या परिवार के लिए एक तय रकम रखें
- एक जैसे कई हैंपर बनाने हों तो सामान थोक में लेना सस्ता पड़ता है
- करीबी लोगों के लिए अलग, थोड़े खास हैंपर बनाएं

टोकरी या डिब्बा
बांस, जूट या बेंत की टोकरी, गत्ते का मजबूत डिब्बा, स्टील या पीतल की थाली, या कपड़े का थैला, सब अच्छे विकल्प हैं। स्टील का डिब्बा या थाली बाद में भी काम आती है, इसलिए बेकार नहीं जाती।
किसके लिए क्या रखें
- **परिवार के लिए:** घर की बनी मिठाई या नमकीन, ड्राई फ्रूट, दीये और मोमबत्ती
- **बुजुर्गों के लिए:** कम मीठी चीजें, शॉल, अच्छी किताब या पूजा का सामान
- **बच्चों के लिए:** रंग, कहानी की किताबें, बोर्ड गेम
- **सहकर्मियों के लिए:** चाय या कॉफी, कप, छोटा पौधा, डायरी
- **पड़ोसियों के लिए:** दीये, रंगोली के रंग और थोड़ी मिठाई
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घर की चीजें जोड़ें
घर पर बने लड्डू, मठरी, शक्करपारे, अचार या सजाए हुए दीये हैंपर को खास बनाते हैं। साथ में हाथ से लिखा छोटा शुभकामना कार्ड रखें।
खाने की चीजों में सावधानी
- घर की बनी मिठाई ऐसी चुनें जो कुछ दिन टिक सके, जैसे सूखे लड्डू या मठरी
- दूध और खोये वाली मिठाई जल्दी खराब होती है, इसे हैंपर में रखें तो उसी दिन दें
- बाजार का पैक्ड सामान लें तो पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर और एक्सपायरी डेट जांचें
- ड्राई फ्रूट ऐसी दुकान से लें जहां माल ताजा आता हो
- पाने वाले को डायबिटीज या किसी चीज से एलर्जी हो तो उसका ध्यान रखें
पैकिंग कैसे करें
- टोकरी के नीचे कागज की कतरन, सूखी घास या कपड़ा बिछाएं
- बड़ी और भारी चीजें पीछे और नीचे, छोटी चीजें आगे रखें
- प्लास्टिक की पन्नी की जगह कपड़ा, जूट या कागज इस्तेमाल करें
- ऊपर से रिबन या मौली बांधें और कार्ड लगाएं
पर्यावरण का ध्यान
दोबारा इस्तेमाल होने वाली टोकरी, मिट्टी के दीये, बीज वाले कागज के कार्ड और छोटे पौधे पर्यावरण के लिए बेहतर हैं। चमकीली प्लास्टिक वाली पैकिंग से बचें।
देने का समय
दिवाली से एक-दो दिन पहले या भाई दूज तक उपहार देने का चलन है। दूर रहने वालों को कूरियर से भेजना हो तो सामान टूटने वाला न हो और जल्दी खराब होने वाली चीजें न हों।
क्या महंगा गिफ्ट जरूरी है?
नहीं। उपहार का भाव मायने रखता है। सोच-समझकर चुनी गई छोटी चीज भी पाने वाले को खुश कर सकती है।
स्रोत: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





