दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर विवाद गहरा गया है। दिल्ली के विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने इस रैली का विरोध किया है और इसे त्योहारों के बाद तक टालने की अपील की है। व्यापारियों का तर्क है कि त्योहारी सीजन के दौरान इस तरह के बड़े राजनीतिक आयोजन से व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा के नेतृत्व में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया और राहुल गांधी से इस रैली को स्थगित करने का आग्रह किया।
व्यापार और अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका
व्यापारियों का कहना है कि 1 नवंबर को होने वाली इस रैली से पुरानी दिल्ली के व्यापारिक केंद्रों में कामकाज पूरी तरह ठप हो सकता है। एक अनुमान के अनुसार, इस रैली की वजह से दिल्ली के लगभग 21 प्रमुख बाजारों पर सीधा असर पड़ेगा। व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समय रैली आयोजित की जाती है, तो इससे लगभग 10,000 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो सकता है। कश्मीरी गेट के व्यापारियों ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और कांग्रेस से मांग की कि दिवाली के त्योहार को देखते हुए इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया जाए।

पुलिस की अनुमति और कड़ी शर्तें
दिल्ली पुलिस ने इंडिया ब्लॉक को रामलीला मैदान में रैली करने की अनुमति तो दे दी है, लेकिन इसके साथ कई कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रामलीला मैदान दिल्ली के उन तीन चुनिंदा स्थानों में से एक है जहां विरोध प्रदर्शन की अनुमति है। हालांकि, पुलिस ने 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को प्रस्तावित एक अन्य कार्यक्रम के अनुरोध को खारिज कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आयोजकों को सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है।
धार्मिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
व्यापारियों के अलावा अन्य संगठनों ने भी इस रैली के समय पर सवाल उठाए हैं। विश्व हिंदू परिषद ने भी विपक्षी दलों से हिंदू त्योहारों और अर्थव्यवस्था को निशाना न बनाने की बात कही है। संगठनों का कहना है कि त्योहारों के समय दिल्ली के बाजारों में भारी भीड़ होती है और ऐसे में राजनीतिक रैली से आम जनता और दुकानदारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। व्यापारियों ने पोस्टर लेकर अपना विरोध दर्ज कराया और कहा कि त्योहारों के समय उनकी रोजी-रोटी को प्रभावित न किया जाए।
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