पंच महायज्ञ क्या हैं: ब्रह्म, देव, पितृ, भूत और मनुष्य यज्ञ, गृहस्थ के रोज के पांच कर्तव्य और आज के जीवन में इनका अर्थ
शास्त्रों में गृहस्थ के लिए रोज किए जाने वाले पांच यज्ञ बताए गए हैं, जो ज्ञान, देवता, पूर्वज, प्रकृति और समाज के प्रति कृतज्ञता से जुड़े हैं।










