दीपोत्सव का चौथा दिन गोवर्धन पूजा है, जिसे कई जगह अन्नकूट भी कहते हैं। यह कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को मनाई जाती है। ब्रज क्षेत्र, यानी मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में इसकी खास धूम होती है। इस बार गोवर्धन पूजा की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम है। जानिए गोवर्धन पूजा 2026 कब है और यह क्यों मनाई जाती है।
तारीख को लेकर दो बातें
- केंद्र सरकार की 2026 की अवकाश सूची में गोवर्धन पूजा 9 नवंबर, सोमवार को दर्ज है
- द्रिक पंचांग के अनुसार नई दिल्ली के लिए गोवर्धन पूजा 10 नवंबर, मंगलवार को है
अंतर का कारण तिथि का संयोग है। दिवाली की अमावस्या और अगले दिन की प्रतिपदा तिथि का समय ऐसा है कि सूर्योदय के समय प्रतिपदा किस दिन है, इस पर पंचांगों की गणना अलग आती है। कई परिवारों में दिवाली के अगले दिन ही गोवर्धन पूजा होती है, तो कई सूर्योदय वाली तिथि को मानते हैं। अपने शहर और परिवार की परंपरा के लिए स्थानीय पंचांग या पुरोहित से पुष्टि करें। सरकारी छुट्टी अपने राज्य की अवकाश सूची से देखें, क्योंकि राज्यों की सूची अलग हो सकती है।

गोवर्धन पर्वत की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार ब्रज के लोग हर साल अच्छी वर्षा के लिए इंद्र देव की पूजा करते थे। बालक श्रीकृष्ण ने उन्हें समझाया कि गोवर्धन पर्वत, गायें और प्रकृति ही उनका पालन करती हैं, इसलिए उनकी पूजा करनी चाहिए। ब्रजवासियों ने ऐसा ही किया। इससे नाराज होकर इंद्र ने भारी वर्षा कर दी। तब श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया और सात दिन तक पूरे ब्रज को उसके नीचे सुरक्षित रखा। अंत में इंद्र को अपनी गलती का अहसास हुआ। इसी घटना की याद में गोवर्धन पूजा की जाती है।
पर्व का संदेश
यह कथा प्रकृति, पशुधन और खेती के प्रति कृतज्ञता का संदेश देती है। ग्रामीण भारत में यह पर्व गायों और खेती से सीधे जुड़ा है। इसी दिन कई जगह गायों और बैलों को नहलाकर सजाया जाता है और उनकी पूजा होती है।
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कैसे मनाते हैं
- घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई जाती है
- उसे फूलों, दीयों और खील-बताशों से सजाया जाता है
- परिवार मिलकर गोवर्धन की परिक्रमा करता है
- भगवान को अन्नकूट यानी कई तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है
- गायों की पूजा कर उन्हें गुड़ और चारा खिलाया जाता है
ब्रज में गोवर्धन परिक्रमा
मथुरा जिले के गोवर्धन में गिरिराज पर्वत की परिक्रमा के लिए इस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। जाने की योजना हो, तो भीड़ और यातायात की जानकारी जिला प्रशासन की सूचना से पहले देख लें।
दूसरे क्षेत्रों में यह दिन
गुजरात में यह दिन नए साल के रूप में मनाया जाता है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में इसी दिन बलि प्रतिपदा मनाई जाती है।
गोवर्धन पूजा के अगले दिन क्या है?
इसके बाद भाई दूज आता है, जो इस बार 11 नवंबर को है। इसी के साथ पांच दिन का दीपोत्सव पूरा होता है।
स्रोत: द्रिक पंचांग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय: अवकाश सूची 2026। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





