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Central Govt Schemes For Women: महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की 6 प्रमुख योजनाएं, जानें लाभ और आवेदन का तरीका

Central Govt Schemes For Women

सारांश

  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: पात्र गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता।
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: पात्र परिवारों की वयस्क महिलाओं के नाम LPG कनेक्शन।
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: सूक्ष्म कारोबार शुरू करने या बढ़ाने के लिए ऋण।
  • लखपति दीदी पहल: स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की स्थायी आय बढ़ाने पर जोर।
  • मिशन शक्ति: महिलाओं की सुरक्षा, सहायता और सशक्तीकरण से जुड़ी पहल।
  • सुकन्या समृद्धि योजना: बेटियों के भविष्य के लिए दीर्घकालीन बचत खाता।

Central Govt Schemes For Women: केंद्र सरकार देश की आधी आबादी को सामाजिक, स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से कई बहुआयामी और महत्वाकांक्षी योजनाओं का संचालन कर रही है। महिला कल्याण को केवल सहायता तक सीमित न रखकर ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ (Women-led Development) के दृष्टिकोण से तैयार की गई ये नीतियां ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं। गर्भावस्था के दौरान पोषण संबंधी वित्तीय मदद से लेकर रसोई को धुआं मुक्त बनाने, बैंक ऋणों के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देने और ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को लखपति बनाने तक, केंद्र की इन योजनाओं ने महिलाओं के सामाजिक दर्जे को मजबूत किया है।

Central Govt Schemes For Women: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार के लिए ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ (PMMVY) देश भर में प्रभावी रूप से लागू है। इस योजना के तहत पहले बच्चे के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता दो किस्तों में सीधे बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए दी जाती है। इसके अंतर्गत गर्भावस्था पंजीकरण और स्वास्थ्य जांच कराने पर पहली किस्त और बच्चे के जन्म पंजीकरण व प्राथमिक टीकाकरण पूरा होने पर दूसरी किस्त हस्तांतरित होती है।

वहीं कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने और बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए योजना के दूसरे चरण में यह विशेष प्रावधान किया गया है कि यदि दूसरा बच्चा बेटी होती है, तो महिला को एकमुश्त 6,000 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। संस्थागत प्रसव के लिए जननी सुरक्षा योजना (JSY) के लाभ को मिलाकर प्रसूता को मिलने वाली कुल सहायता राशि मातृत्व अवकाश के दौरान मजदूरी के नुकसान की भरपाई में अहम भूमिका निभाती है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

पारंपरिक चूल्हों से निकलने वाले हानिकारक धुएं से ग्रामीण महिलाओं को मुक्ति दिलाने और उनके श्वसन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ गेमचेंजर साबित हुई है। इस योजना के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के नाम पर मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। कनेक्शन के साथ पहला भरा हुआ गैस सिलेंडर और चूल्हा भी निःशुल्क प्रदान किया जाता है। इसके अलावा लक्षित लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर प्रत्यक्ष सब्सिडी का लाभ सीधे उनके बैंक खाते में दिया जा रहा है। इस योजना ने न केवल महिलाओं को जंगल से लकड़ी बीनने के कठिन श्रम और फेफड़ों की गंभीर बीमारियों से बचाया है, बल्कि उनके दैनिक समय की बचत कर जीवन स्तर को भी सुधारा है।

मुद्रा योजना और स्टैंड-अप इंडिया

महिलाओं को स्वरोजगार और स्वतंत्र व्यवसाय से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की ऋण योजनाएं अत्यंत कारगर सिद्ध हो रही हैं। ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ (PMMY) के तहत बिना किसी गारंटी के 10 लाख रुपये तक का संस्थागत ऋण शिशु, किशोर और तरुण श्रेणियों में उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें कुल स्वीकृत ऋणों का एक बहुत बड़ा हिस्सा महिला उद्यमियों को मिला है। सिलाई केंद्र, ब्यूटी पार्लर, बुटीक, डेयरी और खुदरा व्यापार जैसे सूक्ष्म उद्यम शुरू करने में यह योजना महिलाओं के लिए संबल बनी है।

इसी क्रम में ‘स्टैंड-अप इंडिया योजना’ के तहत प्रत्येक वाणिज्यिक बैंक शाखा को कम से कम एक महिला उद्यमी को ग्रीनफील्ड उद्यम स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का ऋण स्वीकृत करने का अनिवार्य लक्ष्य दिया गया है। यह व्यवस्था विनिर्माण, सेवा और व्यापारिक क्षेत्र में उच्च स्तर के महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित कर रही है।

लखपति दीदी अभियान

दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत संचालित ‘लखपति दीदी’ पहल ने ग्रामीण भारत में महिला सशक्तीकरण की एक नई इबारत लिखी है। इस अभियान का उद्देश्य देश भर के स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी करोड़ों महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़कर उनकी वार्षिक पारिवारिक आय को न्यूनतम 1 लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंचाना है।

इसके तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन (नमो ड्रोन दीदी), जैविक खेती, एलईडी बल्ब असेंबलिंग, फूड प्रोसेसिंग, मशरूम की खेती और मत्स्य पालन जैसे आधुनिक और व्यावहारिक व्यवसायों का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैंक लिंकेज, शून्य ब्याज ऋण और राष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उत्पादों की बिक्री की सुविधा मिलने से आज लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने पूरे परिवार की सामाजिक स्थिति को बदल रही हैं।

मिशन शक्ति और सुकन्या समृद्धि योजना

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एकीकृत ‘मिशन शक्ति’ को दो प्रमुख घटकों—’संबल’ (सुरक्षा और संरक्षा) और ‘समर्थ’ (सशक्तीकरण और पोषण)—में विभाजित किया गया है। संबल उप-योजना के तहत संकटग्रस्त महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर, 24 घंटे की महिला हेल्पलाइन और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी पहलें शामिल हैं। वहीं समर्थ घटक के अंतर्गत कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल, क्रेच (शिशु गृह) सुविधाएं और मातृत्व पोषण योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

इसके साथ ही बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ एक लोकप्रिय डाकघर व बैंक बचत योजना बनी हुई है। बालिका के 10 वर्ष की आयु से पहले खोले जाने वाले इस खाते में उच्च ब्याज दर और आयकर छूट का दोहरा लाभ मिलता है, जिसका उपयोग बालिका की 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उच्च शिक्षा और विवाह के खर्चों के लिए किया जा सकता है।

Central Govt Schemes For Women: योजनाओं का लाभ उठाने की सरल और पारदर्शी प्रक्रिया

केंद्र सरकार ने इन सभी योजनाओं की पहुंच को आसान बनाने के लिए प्रशासनिक औपचारिकताओं को काफी सरल और डिजिटल किया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए पात्र महिलाएं अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, आशा कार्यकर्ता या आधिकारिक पोर्टल (pmmvy.wcd.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करा सकती हैं। उज्ज्वला योजना के लिए निकटतम एलपीजी वितरक के पास जाकर अथवा ऑनलाइन पोर्टल के जरिए निर्धारित प्रपत्र भरकर आवेदन किया जा सकता है।

मुद्रा और स्टैंड-अप इंडिया ऋण के लिए ‘उद्यमी मित्र’ पोर्टल या किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा से सीधे संपर्क किया जा सकता है। वहीं ग्रामीण महिलाएं अपनी ग्राम पंचायत में सक्रिय स्वयं सहायता समूह से जुड़कर लखपति दीदी पहल का हिस्सा बन सकती हैं। इन योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकारी सहायता बिना किसी मध्यस्थ के सीधे महिलाओं के हाथों में पहुंचे और वे आत्मविश्वास के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी दर्ज करा सकें।

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आधिकारिक स्रोत

लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

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