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कृषि अवसंरचना कोष योजना: 2 करोड़ तक के लोन पर 3% ब्याज छूट, कौन ले सकता है फायदा और कैसे करें आवेदन

फसल कटाई के बाद भंडारण और प्रोसेसिंग ढांचा बनाने के लिए केंद्र सरकार की कृषि अवसंरचना कोष योजना के बारे में जानिए।

गोदाम और अनाज भंडारण का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • भारत में हर साल फसल कटाई के बाद बड़ी मात्रा में उपज सही भंडारण, छंटाई और प्रोसेसिंग की सुविधा न होने से खराब हो जाती है या किसानों को मजबूरी में कम दाम पर बेचनी पड़ती है।
  • छोटे उद्यमियों और किसानों के लिए गारंटी देना अक्सर मुश्किल होता है।
  • योजना का लाभ कई तरह के लाभार्थी ले सकते हैं, जैसे किसान, किसान उत्पादक संगठन यानी FPO, प्राथमिक कृषि ऋण समितियां यानी PACS, मार्केटिंग सहकारी समितियां, स्वयं सहायता समूह, संयुक्त देयता…
  • PIB के अनुसार कृषि अवसंरचना कोष का लाभ केंद्र और राज्य की दूसरी योजनाओं के साथ भी लिया जा सकता है, यानी किसी दूसरी योजना की सब्सिडी के साथ इस योजना की ब्याज छूट भी मिल सकती है।

भारत में हर साल फसल कटाई के बाद बड़ी मात्रा में उपज सही भंडारण, छंटाई और प्रोसेसिंग की सुविधा न होने से खराब हो जाती है या किसानों को मजबूरी में कम दाम पर बेचनी पड़ती है। इस समस्या को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने 2020 में कृषि अवसंरचना कोष यानी Agriculture Infrastructure Fund शुरू किया। इसके तहत गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट जैसे प्रोजेक्ट के लिए सस्ते लोन की सुविधा मिलती है। इस लेख में जानिए इस योजना की मुख्य बातें।

योजना क्या है

पत्र सूचना कार्यालय यानी PIB के अनुसार कृषि अवसंरचना कोष के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों के जरिए 1 लाख करोड़ रुपये की लोन सुविधा दी जाती है। इसका मकसद फसल कटाई के बाद के प्रबंधन से जुड़े ढांचे और सामुदायिक खेती की संपत्तियों में निवेश को बढ़ावा देना है। योजना की अवधि 2020-21 से 2032-33 तक है।

मुख्य बातें: गोदाम और अनाज भंडारण का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

3 प्रतिशत ब्याज छूट

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा ब्याज में छूट है। PIB के अनुसार पात्र प्रोजेक्ट के लिए 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर हर साल 3 प्रतिशत की ब्याज छूट मिलती है। यह छूट अधिकतम 7 साल तक मिलती है। अगर लोन 2 करोड़ रुपये से ज्यादा है, तो ब्याज छूट केवल पहले 2 करोड़ रुपये पर ही मिलेगी। योजना में लोन पर ब्याज दर की अधिकतम सीमा 9 प्रतिशत तय की गई है।

क्रेडिट गारंटी

छोटे उद्यमियों और किसानों के लिए गारंटी देना अक्सर मुश्किल होता है। इसलिए योजना में CGTMSE यानी सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के तहत 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर क्रेडिट गारंटी कवर दिया जाता है। PIB के अनुसार इस गारंटी की फीस सरकार भरती है।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 में आवेदन कैसे करें: लोन, सब्सिडी, पात्रता और msy.uk.gov.in पर प्रक्रिया | पीएम विद्यालक्ष्मी योजना में एजुकेशन लोन के लिए आवेदन कैसे करें: बिना गारंटी लोन, ब्याज सब्सिडी और पात्रता

किन प्रोजेक्ट पर मिलता है लोन

योजना के तहत फसल कटाई के बाद प्रबंधन से जुड़े कई प्रोजेक्ट पात्र हैं, जैसे:

  • गोदाम और वेयरहाउस
  • कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड चेन
  • छंटाई और ग्रेडिंग यूनिट
  • पैक हाउस
  • साइलो
  • प्राथमिक प्रोसेसिंग केंद्र
  • पकाने वाले चैंबर यानी राइपनिंग चैंबर

इसके अलावा सामुदायिक खेती की संपत्तियों से जुड़े प्रोजेक्ट भी इसमें आते हैं। पात्र प्रोजेक्ट की पूरी और ताजा सूची योजना के आधिकारिक पोर्टल पर देखी जा सकती है।

कौन ले सकता है फायदा

योजना का लाभ कई तरह के लाभार्थी ले सकते हैं, जैसे किसान, किसान उत्पादक संगठन यानी FPO, प्राथमिक कृषि ऋण समितियां यानी PACS, मार्केटिंग सहकारी समितियां, स्वयं सहायता समूह, संयुक्त देयता समूह, कृषि उद्यमी, स्टार्टअप और राज्य एजेंसियां। सरकारी और निजी साझेदारी वाले प्रोजेक्ट भी पात्र हो सकते हैं। पात्रता की शर्तें समय समय पर बदल सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले पोर्टल पर दिशानिर्देश जरूर पढ़ें।

आवेदन कैसे करें

आवेदन नेशनल एग्रीकल्चर इंफ्रा फाइनेंसिंग फैसिलिटी के पोर्टल agriinfra.dac.gov.in पर ऑनलाइन किया जाता है। आम तौर पर प्रक्रिया इस तरह है:

  1. पोर्टल पर मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें।
  2. प्रोजेक्ट की जानकारी और विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड करें।
  3. जिस बैंक से लोन लेना है, उसे चुनें।
  4. बैंक आवेदन की जांच करता है और मंजूरी देता है।
  5. मंजूरी के बाद लोन बांटा जाता है और ब्याज छूट का दावा पोर्टल के जरिए होता है।

किसानों को फायदा कैसे

अगर गांव के पास गोदाम या कोल्ड स्टोरेज हो, तो किसान अपनी उपज को कुछ समय तक सुरक्षित रख सकते हैं और बाजार में दाम बेहतर होने पर बेच सकते हैं। इससे मजबूरी में बिक्री कम होती है। छंटाई और ग्रेडिंग से उपज की गुणवत्ता के अनुसार अच्छा दाम मिल सकता है। स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग से गांवों में रोजगार भी बढ़ता है।

दूसरी योजनाओं के साथ लाभ

PIB के अनुसार कृषि अवसंरचना कोष का लाभ केंद्र और राज्य की दूसरी योजनाओं के साथ भी लिया जा सकता है, यानी किसी दूसरी योजना की सब्सिडी के साथ इस योजना की ब्याज छूट भी मिल सकती है। इससे प्रोजेक्ट की कुल लागत और कम हो जाती है।

आवेदन से पहले ध्यान रखें

प्रोजेक्ट रिपोर्ट सावधानी से तैयार करें और बाजार की मांग, लागत और कमाई का सही अनुमान लगाएं। जमीन से जुड़े दस्तावेज, जरूरी अनुमतियां और बैंक की शर्तें पहले से तैयार रखें। किसी बिचौलिए को पैसे न दें, आवेदन सीधे पोर्टल पर करें।

योजना से जुड़ी शिकायत

अगर बैंक बिना ठोस कारण आवेदन लंबे समय तक रोके रखे या ब्याज छूट मिलने में दिक्कत हो, तो लाभार्थी पोर्टल पर दी गई हेल्पलाइन या जिला कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन की स्थिति भी पोर्टल पर लॉग इन करके देखी जा सकती है।

कृषि अवसंरचना कोष कितने रुपये का है

1 लाख करोड़ रुपये।

इस योजना में कितनी ब्याज छूट मिलती है

2 करोड़ रुपये तक के लोन पर 3 प्रतिशत सालाना, अधिकतम 7 साल तक।

आवेदन कहां करें

agriinfra.dac.gov.in पोर्टल पर।

योजना कब तक चलेगी

2032-33 तक।

स्रोत: PIB: Agriculture Infrastructure Fund, PIB: AIF press release, National Agriculture Infra Financing Facility portal

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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