UP Politics: उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच रणनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। इसी चुनावी माहौल के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और एक युवा सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर (यूट्यूबर) के बीच हुई दिलचस्प बातचीत का वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है। लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब युवा यूट्यूबर ने नई पीढ़ी यानी ‘Gen Z’ को चुनावी राजनीति में अवसर देने को लेकर सवाल दागा, तो अखिलेश यादव ने अपने चिर-परिचित चुटीले अंदाज में ऐसा प्रतिप्रश्न किया कि पूरे सभागार में ठहाके गूंज उठे। सपा प्रमुख ने उस नौजवान को सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनावी समर में उतरने का अनौपचारिक प्रस्ताव दे डाला। अब इस हाजिरजवाबी और हल्के-फुल्के संवाद की क्लिप डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाखों लोगों द्वारा देखी और साझा की जा रही है।
यूट्यूबर आयुष गुप्ता का सवाल: क्या 2027 में Gen Z चेहरों को मिलेगा मौका?
यह पूरा घटनाक्रम लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सामने आया। वहां पत्रकारों और मीडियाकर्मियों के बीच मौजूद सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर आयुष गुप्ता ने ‘नेताजी’ कहकर सपा प्रमुख का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। आयुष ने आज के दौर में चर्चा का केंद्र बनी युवा पीढ़ी का उल्लेख करते हुए सीधा सवाल पूछा कि जब चारों ओर जेन-जी (Gen Z) की बात हो रही है, तो क्या समाजवादी पार्टी आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में इस नई पीढ़ी के किसी नौजवान को चुनावी मैदान में उतारने पर विचार करेगी।
यह सवाल केवल एक पत्रकार वार्ता की जिज्ञासा तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने समकालीन राजनीति में युवाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी के मुद्दे को भी रेखांकित किया। वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर सक्रिय युवा वर्ग रोजगार, तकनीकी विकास, शिक्षा और शासन व्यवस्था को लेकर अपनी बेबाक राय रखता है। ऐसे में मुख्यधारा के राजनीतिक दल इस युवा ऊर्जा को चुनावी मंच पर किस प्रकार जगह देंगे, यह सवाल स्वाभाविक रूप से राजनीतिक गलियारों में प्रासंगिक माना जा रहा है।
‘प्रेजेंट सर’ कहकर उठाया हाथ, अखिलेश ने पूछा- किस सीट से लड़ना चाहते हो चुनाव?
आयुष गुप्ता के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने सहज भाव से कहा कि यदि कोई नौजवान चुनाव लड़ना चाहता है, तो निश्चित रूप से इस पर विचार किया जा सकता है। सपा अध्यक्ष के इतना कहते ही आयुष ने बिना किसी झिझक के मुस्कुराते हुए ‘प्रेजेंट सर’ कहा और अपना हाथ हवा में उठा दिया। इस अप्रत्याशित और त्वरित प्रतिक्रिया ने वहां मौजूद वरिष्ठ नेताओं और पत्रकारों को मुस्कुराने पर विवश कर दिया।
युवक का उत्साह देखकर अखिलेश यादव ने बात को आगे बढ़ाते हुए सीधे पूछा कि वह किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। इस पर आयुष ने हाथ जोड़कर हंसते हुए उत्तर दिया कि पार्टी जहां से भी उन्हें चुनावी मैदान में उतारना चाहेगी, वे वहीं से चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दोनों के बीच हुआ यह सहज संवाद पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे रोचक क्षण बन गया।
योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऑफर: ‘अगर हां है, तो हम पीछे नहीं हटेंगे’
संवाद के अगले ही क्षण अखिलेश यादव ने मामले को राजनीतिक रंग देते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि इस नौजवान को सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ाना पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि युवक की वास्तव में ऐसी इच्छा है, तो वह उन्हें बता सकता है। सपा प्रमुख की इस टिप्पणी पर हॉल में जोरदार हंसी गूंज उठी।
इस पर आयुष गुप्ता ने भी तपाक से पूछा कि क्या वे इसे पक्का समझें। अखिलेश यादव ने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि बिल्कुल, यदि उनकी तरफ से हां है तो पार्टी भी पीछे नहीं हटेगी। हालांकि यह पूरा संवाद पूरी तरह अनौपचारिक और हास-परिहास के माहौल में हुआ था, जिसे किसी भी रूप में पार्टी की औपचारिक उम्मीदवारी या सीट घोषणा के रूप में नहीं देखा जा सकता। पार्टी में टिकट वितरण की एक स्थापित प्रक्रिया होती है, किंतु इस त्वरित संवाद ने सुर्खियां जरूर बटोर लीं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई क्लिप, यूजर्स ने ली जमकर चुटकी
प्रेस वार्ता के इस छोटे से हिस्से का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर इंस्टाग्राम और एक्स पर अपलोड हुआ, वह तेजी से वायरल हो गया। महज कुछ ही घंटों के भीतर लाखों यूजर्स ने इस वीडियो को देखा और हजारों प्रतिक्रियाएं दर्ज कीं। इंटरनेट यूजर्स ने इस पूरे घटनाक्रम पर तरह-तरह के मजेदार कमेंट्स किए।
कुछ यूजर्स ने चुटकी लेते हुए लिखा कि भाई का गोरखपुर शहर सीट से टिकट पक्का हो गया है, जबकि कुछ ने मजाक में लिखा कि डिजिटल मार्केटिंग का खर्च उनकी एजेंसी मुफ्त में उठाने को तैयार है। वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने यह भी टिप्पणी की कि चुनाव में जीत मिले या हार, लेकिन पूरे देश में पहचान तो पक्की हो जाएगी। दूसरी ओर, कई गंभीर राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे अखिलेश यादव की त्वरित वाकपटुता और युवाओं के साथ सहजता से जुड़ने की कला के रूप में विश्लेषित किया।
UP Politics: 2027 के चुनाव में युवा मतदाताओं को साधने की होड़
उत्तर प्रदेश 2027 के विधानसभा चुनाव के संदर्भ में यह वीडियो केवल मनोरंजन का विषय नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक रणनीति की ओर भी संकेत करता है जिसके तहत राजनीतिक दल युवा मतदाताओं को रिझाने के प्रयास में जुटे हैं। राज्य में पहली बार मतदान करने वाले और पच्चीस वर्ष से कम आयु के मतदाताओं की संख्या निर्णायक भूमिका निभाती है।
समाजवादी पार्टी जहां अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के साथ-साथ युवाओं को बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर लामबंद करने का प्रयास कर रही है, वहीं सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी कानून-व्यवस्था और रोजगार सृजन के दावों के साथ युवा वर्ग को अपने पक्ष में बनाए रखने में जुटी है। अखिलेश यादव और युवा यूट्यूबर के बीच हुई इस बातचीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और नई पीढ़ी के साथ नेताओं का सीधा संवाद चुनावी नैरेटिव तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
स्रोत: NDTV इंडिया; न्यूज18 हिंदी
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