दीपावली से पहले घर की सफाई की परंपरा बहुत पुरानी है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी साफ-सुथरे घर में वास करती हैं। इस सफाई में घर के मंदिर का विशेष स्थान है। साल भर में मंदिर में धूल, दीये की कालिख, पुराने फूल और पूजा की बची सामग्री जमा हो जाती है। दीपावली 8 नवंबर 2026 को है, इसलिए धनतेरस से पहले मंदिर की सफाई कर लेना अच्छा रहता है। जानिए घर के मंदिर की सफाई कैसे करें।
सफाई से पहले
सफाई के लिए कोई ऐसा दिन चुनें, जब आराम से समय दे सकें। कई परिवार स्नान के बाद और सुबह के समय मंदिर की सफाई करना पसंद करते हैं। सफाई शुरू करने से पहले भगवान से प्रार्थना करके मूर्तियों और तस्वीरों को सम्मान के साथ एक साफ कपड़े पर रखें।

मूर्तियों की सफाई
- धातु की मूर्तियों को सादे पानी या हल्के गुनगुने पानी से धोएं
- पीतल और तांबे की मूर्तियों का कालापन नींबू और नमक या इमली से साफ हो सकता है
- पत्थर या संगमरमर की मूर्तियों को मुलायम कपड़े से पोंछें
- मिट्टी या लकड़ी की मूर्तियों को पानी में न डुबोएं, केवल सूखे या हल्के नम कपड़े से साफ करें
- कई परिवार मूर्तियों को गंगाजल या पंचामृत से स्नान कराने की परंपरा भी निभाते हैं
बर्तन और दीये
पूजा के बर्तन, घंटी, आरती की थाली और दीये पर जमी कालिख को गुनगुने पानी और डिटर्जेंट से साफ करें। चांदी के बर्तनों के लिए नरम कपड़े और हल्के घोल का इस्तेमाल करें। सफाई के बाद सभी चीजों को अच्छी तरह सुखाकर ही वापस रखें।
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पुरानी पूजा सामग्री का क्या करें
- पुराने सूखे फूल और मालाएं गमले या बगीचे की मिट्टी में डाल दें
- पुराना कलावा, चुनरी और कपड़े किसी पेड़ के नीचे साफ जगह पर रखे जा सकते हैं या मंदिर में दिए जा सकते हैं
- बची हुई रोली, अक्षत और हल्दी को मिट्टी में मिला सकते हैं
- पुराने कैलेंडर और धार्मिक पत्रिकाएं रद्दी में न डालें, उन्हें मंदिर में या सम्मानजनक निपटान के लिए दें
खंडित मूर्तियां और तस्वीरें
मान्यता है कि घर के मंदिर में खंडित मूर्ति या फटी तस्वीर नहीं रखनी चाहिए। मिट्टी की खंडित मूर्ति को पानी में घोलकर मिट्टी पौधों में डाल दें। धातु या पत्थर की मूर्ति के लिए किसी मंदिर या पुरोहित से सलाह लें। तस्वीरों के कांच को अलग करके कागज का सम्मानजनक निपटान करें।
मंदिर की सजावट
सफाई के बाद मंदिर में नया कपड़ा बिछाएं, तोरण या फूलों की माला लगाएं और रंगोली बनाएं। बिजली की झालर लगा रहे हैं, तो तार और प्लग की जांच करें और लकड़ी के मंदिर में दीये को कपड़े या पर्दे से दूर रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मंदिर की सफाई किसी भी दिन कर सकते हैं?
हां, सफाई कभी भी की जा सकती है। कुछ परिवार किसी खास दिन को शुभ मानते हैं, यह परंपरा पर निर्भर करता है।
स्रोत: द्रिक पंचांग: दीपावली। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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