त्योहार के मौसम में बहुत से लोग पर्सनल लोन, कार लोन, क्रेडिट कार्ड या EMI पर सामान लेते हैं। इन सबकी मंजूरी और ब्याज दर पर आपके क्रेडिट स्कोर का असर पड़ता है। इसलिए कोई भी कर्ज लेने से पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देख लेना समझदारी है। अच्छी बात यह है कि हर व्यक्ति साल में एक बार अपनी रिपोर्ट मुफ्त देख सकता है। जानिए क्रेडिट स्कोर फ्री चेक कैसे करें।
क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट क्या है
क्रेडिट रिपोर्ट में आपके सभी लोन और क्रेडिट कार्ड का रिकॉर्ड होता है: कब लिया, कितना बकाया है और भुगतान समय पर हुआ या नहीं। इसी रिकॉर्ड के आधार पर क्रेडिट ब्यूरो एक अंक देते हैं, जिसे क्रेडिट स्कोर कहते हैं। भारत में RBI के पास पंजीकृत कई क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियां हैं, जैसे CIBIL, एक्सपीरियन, इक्विफैक्स और CRIF हाई मार्क।

मुफ्त रिपोर्ट कहां से लें
RBI के निर्देशों के अनुसार हर क्रेडिट ब्यूरो को साल में एक बार ग्राहक को उसकी पूरी क्रेडिट रिपोर्ट मुफ्त देनी होती है। इसके लिए:
- संबंधित क्रेडिट ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- मुफ्त सालाना रिपोर्ट वाला विकल्प चुनें
- नाम, PAN, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर से पहचान सत्यापित करें
- रिपोर्ट डाउनलोड करें
कई बैंक और भरोसेमंद ऐप भी स्कोर दिखाते हैं। लेकिन अनजान ऐप या लिंक पर PAN और आधार जैसी जानकारी डालने से बचें।
रिपोर्ट में क्या जांचें
- नाम, जन्मतिथि, पता और PAN सही है या नहीं
- सभी लोन और कार्ड आपके ही हैं या नहीं
- जो लोन बंद हो चुके हैं, वे बंद दिख रहे हैं या नहीं
- किसी भुगतान को देर से या चूक के रूप में गलत तो नहीं दिखाया गया
- आपके नाम पर कोई ऐसी पूछताछ तो नहीं, जो आपने नहीं की
अनजान लोन दिखे, तो यह पहचान की चोरी का संकेत हो सकता है।
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स्कोर किन बातों से बेहतर होता है
- हर EMI और कार्ड बिल समय पर चुकाना
- क्रेडिट कार्ड की सीमा का बहुत बड़ा हिस्सा इस्तेमाल न करना
- थोड़े समय में कई लोन या कार्ड के लिए आवेदन न करना
- पुराने और अच्छे रिकॉर्ड वाले खाते को बिना वजह बंद न करना
- सेटलमेंट की जगह पूरा बकाया चुकाकर लोन बंद करना
गलती हो तो क्या करें
रिपोर्ट में गलती दिखे, तो क्रेडिट ब्यूरो की वेबसाइट पर विवाद यानी डिस्प्यूट दर्ज करें। साथ में उस बैंक या कंपनी से भी संपर्क करें, जिसने गलत जानकारी भेजी है। तय समय में समाधान न मिले, तो RBI की एकीकृत लोकपाल योजना के तहत cms.rbi.org.in पर शिकायत की जा सकती है।
त्योहार में कर्ज लेने से पहले
स्कोर अच्छा होने का मतलब यह नहीं कि जितना कर्ज मिले, सब ले लिया जाए। अपनी मासिक आय में से EMI का बोझ कितना उठा सकते हैं, यह पहले तय करें। प्रोसेसिंग फीस, ब्याज दर और प्रीपेमेंट शर्तें भी पढ़ें।
क्या स्कोर चेक करने से स्कोर घटता है?
खुद अपना स्कोर या रिपोर्ट देखना सॉफ्ट इन्क्वायरी मानी जाती है, जिससे स्कोर पर असर नहीं पड़ता। लोन के आवेदन पर बैंक जो जांच करता है, उसे हार्ड इन्क्वायरी कहते हैं।
स्रोत: भारतीय रिज़र्व बैंक। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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