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Central Government Employees Bonus Hike: केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस में बढ़ोतरी की उम्मीद, श्रम मंत्रालय की अधिसूचना से नई चर्चा

Central Government Employees Bonus Hike
Central Government Employees Bonus Hike

सारांश

  • Central Government Employees Bonus Hike: भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 25 अगस्त 2026 को राजपत्र में एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है।
  • श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित हुई है।
  • आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के संदर्भ में संगठन ने बोनस राशि बढ़ाने की मांग रखी है।
  • फेडरेशन अध्यक्ष ने कहा है कि सरकार यदि अपने वर्तमान फॉर्मूले से ही बोनस दे तो भी दस साल बाद कर्मचारियों को कुछ बेहतर राशि मिलने की संभावना बन सकती है।

Central Government Employees Bonus Hike: भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 25 अगस्त 2026 को राजपत्र में एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अधिसूचना के अनुसार, बोनस की गणना के लिए अगर किसी कर्मचारी की मजदूरी 7,000 रुपये प्रति माह से अधिक है, तो बोनस का भुगतान न्यूनतम मजदूरी या 7,000 रुपये में से जो भी अधिक हो, उसके आधार पर किया जाएगा।

ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने कहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये है। अगर सरकार इसी आधार पर बोनस का भुगतान करे तो 30 दिन के नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस की राशि लगभग 17,763 रुपये बनती है। संगठन ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग में बोनस को बढ़ाकर 27,694 रुपये करने की मांग भी की है।

Central Government Employees Bonus Hike: श्रम मंत्रालय की अधिसूचना में क्या लिखा है

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित हुई है। इसमें बोनस की गणना का आधार स्पष्ट किया गया है। अगर कर्मचारी की मासिक मजदूरी सात हजार रुपये से ऊपर है तो भुगतान न्यूनतम मजदूरी या सात हजार रुपये में से अधिक राशि पर आधारित होगा। यह प्रावधान उन कर्मचारियों के लिए अहम माना जा रहा है जिनकी वर्तमान मजदूरी इस सीमा से अधिक है।

केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन कितना है

डॉ. मनजीत सिंह पटेल के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन अठारह हजार रुपये है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इसी वेतन को बोनस गणना का आधार बनाए तो कर्मचारियों को अधिक राशि मिल सकती है। वर्तमान फॉर्मूले पर भी दस साल बाद कुछ बेहतर भुगतान की संभावना बताई जा रही है।

Central Government Employees Bonus Hike: तीस दिन के बोनस की संभावित राशि

फेडरेशन अध्यक्ष ने गणना का उदाहरण दिया है। न्यूनतम बेसिक अठारह हजार रुपये मानकर तीस दिन का नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस करीब सत्रह हजार सात सौ तिरसठ रुपये बैठता है। यह आंकड़ा वर्तमान अधिसूचना और न्यूनतम वेतन को जोड़कर पेश किया गया है। कर्मचारियों में इसी वजह से उम्मीद जगी है।

आठवें वेतन आयोग में संगठन की मांग

आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के संदर्भ में संगठन ने बोनस राशि बढ़ाने की मांग रखी है। मांग के अनुसार बोनस सत्ताईस हजार छह सौ चौ Accents नब्बे चार रुपये तक किया जाए। फिर भी अगर सरकार मौजूदा फॉर्मूले से ही भुगतान करे तो भी लंबी अवधि में राशि में सुधार संभव बताया गया है।

Central Government Employees Bonus Hike: हर सेक्टर की न्यूनतम बेसिक सैलरी को आधार बनाने की गुजारिश

डॉ. पटेल ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि बोनस की गणना के लिए हर सेक्टर में तय न्यूनतम बेसिक सैलरी को ही आधार माना जाए। उनका कहना है कि इससे अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों के साथ समान आधार पर विचार संभव होगा। यह मांग अधिसूचना के बाद और मुखर हुई है।

कर्मचारियों के लिए वर्तमान स्थिति का मतलब

अधिसूचना आने के बाद कर्मचारी संगठन सक्रिय दिख रहे हैं। न्यूनतम मजदूरी और सात हजार रुपये की तुलना वाला प्रावधान चर्चा का केंद्र बना है। केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन इस प्रावधान से जुड़ने पर राशि बढ़ सकती है। फिलहाल सरकार की अंतिम निर्णय प्रक्रिया पर नजर है।

Central Government Employees Bonus Hike: दस साल बाद बेहतर राशि की संभावना

फेडरेशन अध्यक्ष ने कहा है कि सरकार यदि अपने वर्तमान फॉर्मूले से ही बोनस दे तो भी दस साल बाद कर्मचारियों को कुछ बेहतर राशि मिलने की संभावना बन सकती है। यह बात वर्तमान वेतन संरचना और अधिसूचना के प्रावधान को मिलाकर कही गई है। कर्मचारियों के लिए यह दीर्घकालिक पहलू भी महत्वपूर्ण है।

श्रम मंत्रालय की 25 अगस्त की अधिसूचना ने केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस मसले को फिर चर्चा में ला दिया है। सात हजार रुपये या न्यूनतम मजदूरी में से अधिक राशि पर गणना का प्रावधान अब संगठन की मांग से जुड़ गया है। डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने अठारह हजार रुपये के न्यूनतम बेसिक को आधार बनाने और हर सेक्टर की तय न्यूनतम सैलरी अपनाने की गुजारिश की है।

तीस दिन के बोनस की संभावित सत्रह हजार से अधिक राशि और आठवें वेतन आयोग में सत्ताईस हजार से ऊपर की मांग दोनों बातें एक साथ सामने आई हैं। आगे सरकार इस अधिसूचना और संगठनों की मांग पर क्या रुख अपनाती है, यही तय करेगा कि कर्मचारियों को कितनी राहत मिलती है।

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लेखक

Adarsh Pandey

आदर्श पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव में न्यूज़ राइटर हैं। वे देश की ताजा खबरें, आपका पैसा (कारोबार), मनोरंजन और लाइफस्टाइल से जुड़े विषय कवर करते हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें एक साल से अधिक का अनुभव है।

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