Bihar Cabinet: बिहार की प्रशासनिक और विकास की तस्वीर बदलने वाली एक बेहद अहम खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हाल ही में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। राज्य में सड़क ढांचे को मजबूत करने से लेकर कृषि, सिंचाई और अत्याधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने तक, कुल 13 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी गई है। इस पूरी सौगात में सबसे बड़ा आकर्षण बक्सर से भागलपुर के बीच बनने वाला नया 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जो राज्य के परिवहन मानचित्र को पूरी तरह बदलकर रख देगा। क्या आप जानते हैं कि यह नया एक्सप्रेसवे किन-किन जिलों से होकर गुजरेगा और इससे यात्रा का समय कितना कम हो जाएगा?
यह महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे करीब 336 किलोमीटर लंबा होगा, जिसे पूरी तरह से एक्सेस कंट्रोल्ड हाइवे के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि वाहन केवल तयशुदा एंट्री और एग्जिट पॉइंट से ही इस पर आ-जा सकेंगे, जिससे रफ्तार और सुरक्षा दोनों बेमिसाल होंगी। जानकारों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद राज्य के पश्चिमी छोर से पूर्वी छोर तक का सफर काफी सुगम हो जाएगा। इस पूरी परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के तहत बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से जमीन पर उतारा जाएगा।
Bihar Cabinet: कृषि और सिंचाई को नई ऊर्जा
सड़क के अलावा सरकार का पूरा जोर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती किसानी पर भी है। किसानों को पानी की कमी से न जूझना पड़े, इसके लिए मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत वित्तीय वर्ष के दौरान ग्यारह हजार नए निजी नलकूप लगाने का फैसला लिया गया है। इस काम के लिए तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। मामला सिर्फ इतने पर ही नहीं थमता, बल्कि कई जिलों में पुरानी नहर प्रणालियों के जीर्णोद्धार के लिए भी करोड़ों रुपये बांटे गए हैं ताकि अंतिम छोर तक पानी पहुंच सके।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में कदम
अब बिहार सिर्फ खेती और सड़कों तक सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि तकनीक के मोर्चे पर भी बड़ी छलांग लगाने की तैयारी चल रही है। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी निजी तकनीकी कंपनी के साथ एमओयू करने का फैसला लिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे युवाओं के लिए नए रास्ते खुलेंगे और तकनीकी विकास को रफ्तार मिलेगी। दूसरी तरफ, सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से हजारों मीट्रिक टन की नई भंडारण क्षमता वाले गोदामों के निर्माण को भी मंजूरी दे दी गई है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि इन तमाम परियोजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन कितनी तेजी से होता है। बुनियादी ढांचे के विकास की यह बानगी राज्य के आर्थिक भविष्य की नई इबारत लिखने के लिए तैयार है। मामले की आगे की जानकारी और जमीनी स्तर पर काम शुरू होने की सुगबुगाहट जल्द ही सामने आने की उम्मीद है।
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