संक्षेप में: विपक्षी गठबंधन INDIA के 10 नेताओं ने शुक्रवार शाम राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक और कथित तौर पर हटाए गए मतदाताओं के नाम वापस जोड़ने की मांग की। नेताओं ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।
नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में हुई यह बैठक 45 मिनट से ज्यादा चली। प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले, सपा के राजीव राय, राजद के मनोज झा, वीसीके प्रमुख थोल. तिरुमावलवन, सीपीआई (एम) महासचिव एम.ए. बेबी और सीपीआई के डी. राजा शामिल थे।
राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपे ज्ञापन में क्या मांगें हैं
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू को दिए गए ज्ञापन में चार मुख्य मांगें रखी गईं: मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा, 2023 के उस कानून को वापस लेना जो मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देता है, SIR को तुरंत रोकना और सूची से हटाए गए करीब 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करना। विपक्ष ने सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग भी दोहराई।
मुलाकात के बाद विपक्षी नेताओं ने क्या कहा
राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी और कथित “वोट चोरी” के सबूत लाने को कहा। ममता बनर्जी ने कहा कि गठबंधन अपने आरोपों से जुड़े विस्तृत दस्तावेज देगा। खबर लिखे जाने तक राष्ट्रपति भवन की ओर से इस बैठक पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ था।
विजय चौक पर रोके गए सांसद
राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद के सेंट्रल हॉल से विजय चौक तक मार्च निकाला, जहां पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोका। जिन 10 नेताओं के नाम पहले से राष्ट्रपति भवन भेजे गए थे, केवल उन्हें अंदर जाने दिया गया। बाकी सांसद रायसीना रोड पर धरने पर बैठ गए। यह चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के विरोध का लगातार चौथा दिन था।
राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद आगे क्या
राहुल गांधी के मुताबिक, यही प्रतिनिधिमंडल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को ज्ञापन सौंपेगा। 29 सितंबर को INDIA गठबंधन ने अदालत से SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों की सुनवाई जल्द करने का आग्रह करने का फैसला किया था। इसी मुद्दे पर शनिवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन भी प्रस्तावित है, जिसके लिए राजधानी में सुरक्षा कड़ी की गई है। इससे पहले की स्थिति के लिए पढ़ें: 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर AAP और CJP के आंदोलन और दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन बंद करने का प्रस्ताव। पूरे विवाद की पृष्ठभूमि जंतर मंतर प्रदर्शन और इस्तीफे की मांग वाली रिपोर्ट में है।
स्रोत: हिंदुस्तान टाइम्स (10 अक्टूबर 2026), Al Jazeera। मुलाकात से जुड़े दावे विपक्षी नेताओं के बयानों पर आधारित हैं।





