Bihar MLC Election: बिहार में आठ सीटों पर होने वाले एमएलसी चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इनमें पटना स्नातक सीट पर मुकाबला सबसे दिलचस्प माना जा रहा है। जेडीयू ने यहां नीरज कुमार को टिकट दिया है जबकि जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को मैदान में उतारा है। जेडीयू के विधायक अनंत सिंह जन सुराज के प्रत्याशी का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। दोनों के बीच पुराने मतभेद भी सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं।
इस सीट पर आरजेडी और कांग्रेस के उम्मीदवार भी हैं। आरजेडी ने दिलीप कुमार और कांग्रेस ने डॉ. असदुल्लाह खान को चुना है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि महागठबंधन में कोई विवाद नहीं है क्योंकि पार्टियां पहले भी विधान परिषद चुनाव अलग अलग लड़ चुकी हैं। फिर भी मुख्य चर्चा अनंत सिंह के समर्थन और नीरज कुमार अनुज सिंह के बीच संभावित टक्कर पर केंद्रित है।
Bihar MLC Election: अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच क्या मतभेद हैं?
बिहार में इन दिनों अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद सार्वजनिक रूप से दिख रहे हैं। अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके घर में एके सैंतालीस रखवाकर फंसाने की कोशिश की और चुनाव में हराने की कोशिश की। नीरज कुमार इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
जेडीयू ने दोनों नेताओं के बीच सुलह कराने के लिए बैठक भी बुलाई थी लेकिन अनंत सिंह अपनी बात पर अड़े रहे। जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी में जो हो रहा है वो ठीक नहीं और शीर्ष नेतृत्व सब देख रहा है। इस पृष्ठभूमि में अनंत सिंह का जन सुराज प्रत्याशी का समर्थन और भी चर्चा में है।
अनंत सिंह कैसे समर्थन कर रहे हैं अनुज सिंह का?
अनंत सिंह ने काफी पहले ही अनुज सिंह का समर्थन करने की बात कही थी और वे ऐसा कर भी रहे हैं। वे जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के नामांकन में शामिल हुए। उन्होंने जीत की माला अनुज सिंह को पहनाई। उन्होंने प्रचार प्रसार और रोड शो भी किए।
इस दौरान उन्होंने लोगों से अनुज सिंह के समर्थन में वोट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पांच सौ प्रतिशत उम्मीद है कि अनुज सिंह चुनाव जीतेंगे। अनंत सिंह ने नवादा में भी अनुज सिंह के लिए रोड शो किया और वोट मांगा। सवाल यह है कि क्या किसी एक नेता का समर्थन हजारों स्नातक मतदाताओं के चुनावी व्यवहार को बदल सकता है।
पटना स्नातक सीट की क्या खासियत है?
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में तीन जिले पटना नवादा और नालंदा शामिल हैं। यहां के मतदाताओं का आधार सामान्य विधानसभा चुनाव की तरह नहीं बल्कि सीमित होता है। चुनावी आंकड़ों के अनुसार इस क्षेत्र में लगभग अठासी हजार स्नातक मतदाता हैं।
इस तरह चुनाव में उम्मीदवारों का व्यक्तिगत संपर्क संगठन और मतदाताओं तक सीधी पहुंच काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। तीनों जिलों में मतदान को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। व्यक्तिगत नेटवर्क और क्षेत्रीय प्रभाव यहां निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
Bihar MLC Election: अनंत सिंह का प्रभाव कितना पड़ेगा?
इस बार के चुनाव में पटना स्नातक सीट पर विधायक अनंत सिंह कितना प्रभाव डालेंगे इसे लेकर चर्चा तेज है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार अनंत सिंह का मुख्य प्रभाव मोकामा और उसके आसपास देखा जाता है। अनंत सिंह को मजबूत चेहरा माना जाता है।
मोकामा में वे जेडीयू के टिकट पर या निर्दलीय लड़ें उनकी जीत हुई ही है। पटना के अलावा नवादा में भी उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। इस बार की अलग बात यह है कि अनंत सिंह खुद नहीं लड़ रहे बल्कि किसी दूसरे प्रत्याशी के लिए वोट की अपील कर रहे हैं। वह प्रत्याशी भी जेडीयू का नहीं बल्कि जन सुराज का है। इसलिए इस बार कितना प्रभाव पड़ता है यह देखने वाली बात होगी।
नीरज कुमार की क्या स्थिति है?
पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। वे पार्टी के मुख्य प्रवक्ता भी हैं और कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते रहे हैं। वे इस सीट से लगातार तीन बार पार्षद रह चुके हैं और चौथी बार चुनावी मैदान में हैं।
नीरज कुमार साल दो हजार आठ से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। लंबे समय से सक्रिय रहने के कारण उनका चुनावी नेटवर्क और मतदाताओं का समर्थन बना हुआ है। जेडीयू प्रत्याशी होने के नाते उन्हें अतिरिक्त तवज्जो मिल सकती है। उन्होंने शनिवार को सात सर्कुलर रोड में नीतीश कुमार से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार मुलाकात में नीतीश कुमार ने उन्हें एनडीए समर्थित जेडीयू उम्मीदवार होने का प्रपत्र सौंपा और मजबूती से चुनाव लड़ने को कहा। नीरज कुमार ने सोशल मीडिया पर इसे अपने और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बताया।
Bihar MLC Election: अनुज सिंह कौन हैं और अन्य उम्मीदवार क्या भूमिका निभाएंगे?
डॉ. अनुज सिंह नवादा के न्यू एरिया के रहने वाले हैं। वे शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। उनके पास मॉडर्न इंग्लिश स्कूल गणौरी रामकली टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज और त्रिवेणी बीएड कॉलेज जैसे संस्थान हैं। उनकी एसए यूनिवर्सिटी को राज्य सरकार से मान्यता मिलने की जानकारी है। उन्होंने दो हजार ग्यारह में मगध यूनिवर्सिटी से रिसोर्स जियोग्राफी में पीएचडी की।
दो हजार पच्चीस के विधानसभा चुनाव के हलफनामे में उन्होंने करीब चार करोड़ उनहत्तर लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी। वे विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में थे। चुनाव से ठीक पहले जन सुराज में शामिल हुए और नवादा से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। अब जन सुराज ने उन्हें पटना स्नातक से एमएलसी उम्मीदवार बनाया है।
प्रशांत किशोर भी प्रचार में सक्रिय हैं। बांकीपुर उपचुनाव में उन्होंने बीजेपी को उसके गढ़ में हराने का उदाहरण दिया था। आरजेडी और कांग्रेस के उम्मीदवार भी मैदान में हैं। इनके वोट किसके खाते में जाएंगे यह भी महत्वपूर्ण होगा। नीरज कुमार को पूरे एनडीए का समर्थन है जबकि अनुज सिंह को अनंत सिंह का व्यक्तिगत नेटवर्क और जन सुराज का साथ मिला है। पटना स्नातक सीट पर मुकाबला टक्कर वाला माना जा रहा है।
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