लखनऊ: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 इस बार 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को होनी है। परीक्षा से पहले सबसे बड़ा मुद्दा परीक्षा केंद्रों की दूरी बन गया है। कई अभ्यर्थियों को अपने घर से 200 से 650 किलोमीटर तक दूर के जिलों में केंद्र मिले हैं। आयोग का कहना है कि केंद्र कंप्यूटर आधारित व्यवस्था से तय हुए हैं और इसका मकसद नकल रोकना है। इस लेख में समझिए कि PET क्यों जरूरी है, केंद्र कैसे बांटे गए, अभ्यर्थियों की क्या दिक्कतें हैं और परीक्षा के दिन किन बातों का ध्यान रखें।
PET क्या है और क्यों जरूरी है
PET यानी प्रारंभिक अर्हता परीक्षा, UPSSSC की ग्रुप-बी और ग्रुप-सी की भर्तियों के लिए पहली सीढ़ी है। लेखपाल, कनिष्ठ सहायक, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) जैसे कई पदों की मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए PET देना जरूरी होता है। आयोग PET के स्कोर के आधार पर अलग-अलग भर्तियों की मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट करता है। यही वजह है कि हर साल लाखों युवा यह परीक्षा देते हैं। दैनिक भास्कर के अनुसार, इस बार 35 लाख 41 हजार 296 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
परीक्षा की तारीख और पाली
UPSSSC ने 25 सितंबर 2026 की सूचना में बताया कि पहले 23, 24 और 25 अक्टूबर को होने वाली परीक्षा अब नीचे दी गई तारीखों पर होगी। हर दिन दो पालियों में परीक्षा होगी।
| परीक्षा तिथि | दिन | पहली पाली | दूसरी पाली |
|---|---|---|---|
| 25 अक्टूबर 2026 | रविवार | सुबह 10:00 से 12:00 बजे | दोपहर 3:00 से 5:00 बजे |
| 30 अक्टूबर 2026 | शुक्रवार | सुबह 10:00 से 12:00 बजे | दोपहर 3:00 से 5:00 बजे |
| 1 नवंबर 2026 | रविवार | सुबह 10:00 से 12:00 बजे | दोपहर 3:00 से 5:00 बजे |
आयोग की 12 अक्टूबर की सूचना के अनुसार परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में होगी। उसी दिन परीक्षा जनपद की अग्रिम सूचना वेबसाइट और आयोग के मोबाइल ऐप पर जारी की गई। आयोग ने साफ कहा था कि यह सूचना प्रवेश पत्र नहीं है और परीक्षा में बैठने के लिए वैध प्रवेश पत्र लाना अनिवार्य है।
PET 2026 एक नजर में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा | प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026, विज्ञापन संख्या 16-परीक्षा/2026 |
| आयोजक | उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), लखनऊ |
| परीक्षा जिले | प्रदेश के 60 जिले (आयोग की सूचना) |
| परीक्षा केंद्र | 1,372 (मीडिया रिपोर्ट के अनुसार) |
| कुल आवेदन | 35,41,296 (मीडिया रिपोर्ट के अनुसार) |
| पहले तय तारीख | 23, 24 और 25 अक्टूबर 2026, जिसे 25 सितंबर को बदला गया |
| परीक्षा जनपद की सूचना | 12 अक्टूबर 2026 को जारी |
| प्रवेश पत्र | upsssc.gov.in पर जारी |

परीक्षा केंद्रों को लेकर विवाद क्या है
12 अक्टूबर को परीक्षा जनपद की जानकारी सामने आने के बाद अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जतानी शुरू की। मीडिया रिपोर्टों में कई उदाहरण सामने आए हैं:
- जौनपुर के सिद्धार्थ सिंह का केंद्र करीब 520 किमी दूर मैनपुरी में है।
- प्रयागराज के मोहम्मद रहमान का केंद्र करीब 650 किमी दूर गाजियाबाद में है।
- प्रतापगढ़ के हिमांशु पांडेय का केंद्र करीब 470 किमी दूर फिरोजाबाद में है। उनके मुताबिक दोनों शहरों के बीच सीधी बस या ट्रेन नहीं है।
- पीलीभीत के आरके मौर्य का केंद्र करीब 240 किमी दूर बिजनौर में है, जहां पहुंचने के लिए उन्हें बरेली या मुरादाबाद होकर जाना होगा।
ये उदाहरण दैनिक भास्कर और टीवी9 भारतवर्ष की रिपोर्ट में दिए गए हैं। एक्स पर कई अभ्यर्थी 500 किमी या उससे ज्यादा दूरी की शिकायत कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट खूब साझा हो रही है, जिसमें लिखा है कि “जब सरकार को जरूरत होती है, तब पोलिंग बूथ घर के बगल में बनता है और जब आपको जरूरत होती है, तब परीक्षा सेंटर 500 किमी दूर होता है।” यह पंक्ति अभ्यर्थियों की नाराजगी को दिखाती है। हालांकि सभी अभ्यर्थियों के केंद्र इतनी दूर नहीं हैं और दूरी हर व्यक्ति के लिए अलग है।
आयोग ने क्या वजह बताई
दैनिक भास्कर से बातचीत में आयोग के अध्यक्ष सत्यनारायण साबत ने कहा कि आयोग परीक्षा में नकल रोकने के लिए कदम उठाता है और परीक्षा केंद्र अब ऑटोमेशन से तय होते हैं। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश के एक छोर से दूसरे छोर की दूरी करीब 1,100 किलोमीटर है। पूर्वांचल के वाराणसी, आजमगढ़, बलिया और जौनपुर जैसे जिलों में अभ्यर्थी ज्यादा और केंद्र कम हैं, जबकि पश्चिमी यूपी में अभ्यर्थी कम और केंद्र ज्यादा हैं। इसी वजह से जरूरत के हिसाब से केंद्र दिए गए हैं। अध्यक्ष के अनुसार अलग-अलग वर्गों के लिए व्यवस्था इस तरह रही:
| अभ्यर्थी वर्ग | केंद्र आवंटन की व्यवस्था (आयोग अध्यक्ष के अनुसार) |
|---|---|
| दिव्यांग अभ्यर्थी | गृह जिले में ही केंद्र |
| महिला अभ्यर्थी | गृह जिले से बाहर, लेकिन अपने ही मंडल के दूसरे जिले में |
| पुरुष अभ्यर्थी | दूसरे मंडल के जिले में |
रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा के शहर बदले जा सकते हैं या नहीं, इस सवाल का जवाब अध्यक्ष ने नहीं दिया। अभी तक आयोग की वेबसाइट या एक्स हैंडल पर केंद्र बदलने से जुड़ी कोई सूचना जारी नहीं हुई है।
शिकायत और आयोग का पक्ष, आमने-सामने
| अभ्यर्थियों की शिकायत | आयोग का पक्ष |
|---|---|
| 500 से 650 किमी तक दूर केंद्र, रातभर सफर के बाद परीक्षा | केंद्र ऑटोमेशन यानी कंप्यूटर आधारित व्यवस्था से तय हुए |
| PET सिर्फ पात्रता परीक्षा है, तो इतनी दूर क्यों | नकल रोकने के लिए यह व्यवस्था अपनाई गई |
| अपने जिले या पास के जिले में केंद्र दिया जाए | पूर्वांचल में अभ्यर्थी ज्यादा और केंद्र कम, पश्चिमी यूपी में केंद्र ज्यादा |
| केंद्र बदलने की मांग | केंद्र बदले जा सकते हैं या नहीं, इस सवाल का जवाब अध्यक्ष ने नहीं दिया (दैनिक भास्कर) |
अभ्यर्थियों की मुख्य परेशानियां
- किराया और ठहरना: अभ्यर्थियों के अनुसार आने-जाने, खाने और ठहरने पर एक व्यक्ति का खर्च करीब 2,000 रुपये तक पहुंच सकता है।
- महिला अभ्यर्थी: कई महिला अभ्यर्थियों को परिवार के किसी सदस्य के साथ जाना पड़ेगा, जिससे दो लोगों का खर्च 3,500 से 4,000 रुपये तक हो सकता है।
- टिकट की कमी: परीक्षा से कुछ दिन पहले ट्रेनों में कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो रहा है। कई रूट पर सीधी बस या ट्रेन नहीं है।
- थकान: रातभर सफर करके सुबह की पाली में परीक्षा देने को लेकर अभ्यर्थी चिंतित हैं।
- सामान रखने की जगह: कुछ अभ्यर्थियों ने केंद्रों पर बैग रखने की सुविधा न होने की बात भी उठाई है।
सुल्तानपुर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर गृह जनपद में केंद्र, अतिरिक्त बसें-ट्रेनें और मुफ्त यात्रा की मांग की, जैसा कि अमर उजाला ने बताया है।
राहत के लिए क्या इंतजाम
परिवहन निगम कई जिलों में अतिरिक्त बसों की तैयारी कर रहा है। अमर उजाला और प्रभात खबर के अनुसार गोरखपुर से गाजीपुर रूट पर 100 और बलिया रूट पर 60, कुल 160 अतिरिक्त बसें चलाने की योजना है। अलीगढ़ में भी परीक्षार्थियों के लिए रोडवेज बसें चलाने की तैयारी की खबर अमर उजाला ने दी है। मुफ्त यात्रा या विशेष ट्रेनों की कोई सरकारी घोषणा अभी तक हमारी जानकारी में नहीं आई है। अपने जिले के बस अड्डे से अतिरिक्त बसों की जानकारी जरूर ले लें।
परीक्षा देने जा रहे हैं तो ये बातें ध्यान रखें
- प्रवेश पत्र upsssc.gov.in से डाउनलोड करें। परीक्षा जनपद की अग्रिम सूचना प्रवेश पत्र नहीं है।
- प्रवेश पत्र पर लिखा केंद्र का पूरा पता, पाली और रिपोर्टिंग समय ध्यान से पढ़ें।
- प्रवेश पत्र के साथ आधार कार्ड जैसा वैध फोटो पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो रखें।
- दूर का केंद्र है तो एक दिन पहले पहुंचने की योजना बनाएं और लौटने का टिकट भी पहले से देख लें।
- केंद्र तक पहुंचने का रास्ता परीक्षा से एक दिन पहले देख लें, ताकि सुबह देरी न हो।
- मोबाइल, घड़ी या कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान केंद्र में ले जाने से बचें और प्रवेश पत्र में दिए निर्देश मानें।
- किसी भी नई सूचना के लिए केवल आयोग की वेबसाइट और आधिकारिक ऐप पर भरोसा करें।
स्रोत: UPSSSC की आधिकारिक सूचनाएं (25 सितंबर 2026, 12 अक्टूबर 2026), दैनिक भास्कर, टीवी9 भारतवर्ष, अमर उजाला, प्रभात खबर। जानकारी 17 अक्टूबर 2026 तक की।





