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सोना बेचने पर टैक्स: पुराने गहने बेचने या बदलने पर कैपिटल गेन कैसे लगता है, होल्डिंग अवधि और जरूरी कागज

धनतेरस और दिवाली पर कई लोग पुराने गहने बेचकर या बदलकर नए लेते हैं। जानिए फिजिकल गोल्ड बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स कैसे लगता है, 24 महीने की होल्डिंग अवधि का मतलब, खरीद का बिल क्यों जरूरी है और ITR में क्या दिखाना होता है।

सोना बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स के नियम का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को है। इस मौसम में कई परिवार पुराने गहने बेचकर या बदलकर नए गहने लेते हैं।
  • 23 जुलाई 2024 से लागू नियमों के तहत फिजिकल गोल्ड को 24 महीने से ज्यादा रखने के बाद बेचने पर मुनाफा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाता है।
  • जब आप ज्वेलर को पुराना गहना देकर नया लेते हैं, तो कानूनी तौर पर यह पुराने सोने की बिक्री ही है।
  • सोना बेचकर हुए कैपिटल गेन को आयकर रिटर्न के कैपिटल गेन वाले शेड्यूल में दिखाना होता है।

धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को है। इस मौसम में कई परिवार पुराने गहने बेचकर या बदलकर नए गहने लेते हैं। बहुत लोग नहीं जानते कि पुराना सोना बेचने पर हुआ मुनाफा कैपिटल गेन माना जाता है और उस पर आयकर लग सकता है। जानिए सोना बेचने पर टैक्स के नियम। यहां जानकारी फिजिकल गोल्ड, यानी गहने, सिक्के और बिस्किट, के बारे में है।

कैपिटल गेन क्या है

आयकर कानून में सोना एक पूंजीगत संपत्ति है। आपने जिस कीमत पर सोना खरीदा और जिस कीमत पर बेचा, उसके बीच का अंतर कैपिटल गेन है। विरासत में मिले सोने के मामले में पिछले मालिक की खरीद कीमत और अवधि को गिना जाता है।

मुख्य बातें: सोना बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स के नियम का ग्राफिक
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होल्डिंग अवधि

23 जुलाई 2024 से लागू नियमों के तहत फिजिकल गोल्ड को 24 महीने से ज्यादा रखने के बाद बेचने पर मुनाफा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाता है। 24 महीने या उससे कम समय में बेचने पर यह शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन होता है।

कितना टैक्स

  • **शॉर्ट टर्म:** मुनाफा आपकी बाकी आय में जुड़ता है और आपके आयकर स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है
  • **लॉन्ग टर्म:** 12.5 प्रतिशत की दर से टैक्स, बिना इंडेक्सेशन के, साथ में लागू सेस और सरचार्ज

बजट 2024 से पहले लॉन्ग टर्म पर इंडेक्सेशन के साथ 20 प्रतिशत का नियम था। पुरानी बिक्री का हिसाब पुराने नियम से होगा। अपने मामले के लिए आयकर विभाग की वेबसाइट या टैक्स सलाहकार से पुष्टि करें।

यह भी पढ़ें: धनतेरस पर सोने का सिक्का या गहना: किसमें कम कटौती, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और खरीदने से पहले जरूरी जांच | नकद लेन-देन की सीमा: त्योहार पर खरीदारी, उपहार और कर्ज में कितना कैश ले-दे सकते हैं, आयकर के नियम

पुराने गहने बदलने पर

जब आप ज्वेलर को पुराना गहना देकर नया लेते हैं, तो कानूनी तौर पर यह पुराने सोने की बिक्री ही है। इसलिए इस पर भी कैपिटल गेन का नियम लागू होता है। ज्वेलर से पुराने सोने की खरीद का रसीद या बिल जरूर लें, जिसमें वजन, शुद्धता और रकम लिखी हो।

खरीद का बिल क्यों जरूरी है

  • कैपिटल गेन निकालने के लिए खरीद कीमत चाहिए
  • बिल न होने पर खरीद कीमत साबित करना मुश्किल होता है
  • विरासत वाले सोने के लिए वसीयत, पारिवारिक दस्तावेज या उस समय के मूल्यांकन के कागज रखें
  • बहुत पुराने सोने के लिए नियमों में कुछ खास प्रावधान हैं, इनके लिए सलाहकार की मदद लें

नकद भुगतान का नियम

पुराना सोना बेचते समय बड़ी रकम नकद लेने से बचें। आयकर कानून की धारा 269ST के तहत एक दिन में एक व्यक्ति से 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा नकद लेना मना है। बैंक ट्रांसफर से भुगतान लें, ताकि रिकॉर्ड रहे।

ITR में दिखाना

सोना बेचकर हुए कैपिटल गेन को आयकर रिटर्न के कैपिटल गेन वाले शेड्यूल में दिखाना होता है। नुकसान हुआ हो तो उसे भी नियमों के तहत दिखाया जा सकता है।

सोने का भाव

हम यहां सोने का भाव नहीं दे रहे। रोज के भाव के लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट देखें। बेचते समय हॉलमार्क और HUID जांचने से सही शुद्धता का दाम मिलता है।

क्या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर भी यही नियम है?

नहीं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ETF और म्यूचुअल फंड के अलग नियम हैं। इनके लिए अलग से जानकारी लें।

स्रोत: आयकर विभाग, भारत सरकार, इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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