Saran NIA Raid: सारण जिले के परसा थाना क्षेत्र में 22 अगस्त की देर रात राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने कार्रवाई की। दिल्ली और पटना से पहुंची टीम ने परसा की मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर करीब तीन से चार घंटे तक तलाशी ली।

इसके बाद उनके पुत्र करमुल्लाह अंसारी और चेतन परसा निवासी मोहम्मद गफ्फार मियां को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। कार्रवाई को हथियार तस्करी से जुड़े मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। एजेंसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

Saran NIA Raid: आधी रात को पहुंची टीम और तलाशी

बीती देर रात एनआईए की टीम ने मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास को घेर लिया। कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी टीम के लौटने के दौरान हुई। घर में करीब तीन घंटे तक सघन तलाशी चली। दस्तावेज, मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की गई। घर में मौजूद लोगों से भी पूछताछ हुई। तलाशी में क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी एजेंसी ने नहीं दी है।

मुख्य पार्षद के बेटे और अन्य व्यक्ति को ले गई टीम

कार्रवाई के बाद एनआईए की टीम मुख्य पार्षद के पुत्र करमुल्लाह अंसारी को अपने साथ ले गई। चेतन परसा निवासी मोहम्मद गफ्फार मियां को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों को पूछताछ के लिए ले जाया गया है। गिरफ्तारी या आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर एजेंसी की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

Saran NIA Raid: हथियार तस्करी से जुड़ा बताया जा रहा मामला

सूत्रों के हवाले से यह कार्रवाई हथियारों की खरीद-बिक्री और कथित तस्करी से जुड़े मामले में हुई बताई जा रही है। करमुल्लाह अंसारी का नाम पहले भी ऐसे मामलों में आने की बात कही जा रही है। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। किसी को दोषी ठहराने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।

2024 में भी इसी आवास पर हुई थी छापेमारी

वर्ष 2024 में भी एनआईए की टीम ने इसी आवास पर छापेमारी की थी। उस समय कई घंटे तक तलाशी चली थी। पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई थी। दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच किए जाने की जानकारी तब भी सामने आई थी।

Saran NIA Raid: असम बरामदगी और अन्य कनेक्शन की चर्चा

सूत्रों के अनुसार 2024 में असम के दीमापुर से अत्याधुनिक हथियार और एके-47 के पुर्जे बरामद होने के बाद संदिग्ध नेटवर्क की जांच हुई थी। हथियार सप्लाई और कथित विदेशी फंडिंग के पहलुओं की पड़ताल की चर्चा है। परसा की ताजा कार्रवाई का इनसे सीधा संबंध एजेंसी ने सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया है। मुजफ्फरपुर के हथियार नेटवर्क से जुड़ाव की भी चर्चा है लेकिन कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है।

पहले पूछताछ के लिए बुलाए जाने का दावा

सूत्रों के मुताबिक एनआईए अधिकारियों ने करमुल्लाह अंसारी को पूछताछ के लिए पटना कार्यालय में कई बार बुलाया था। आरोप है कि वह उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद टीम ने सीधे आवास पर कार्रवाई की। इस दावे की भी एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

स्थानीय पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था

कार्रवाई के दौरान परसा थानाध्यक्ष ओम प्रकाश के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस बल तैनात रहा। लोगों को मुख्य पार्षद के घर से दूर रखा गया। मौके के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई। पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा बना रहा।

Saran NIA Raid: परिवार पर पहले की जांच की चर्चा

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि पूर्व में इस परिवार के आवास पर विदेशी नागरिकों के आने, कथित अवैध हथियार और विदेशी मुद्रा से जुड़े संदिग्ध लेनदेन को लेकर जांच हुई थी। इन पुराने आरोपों और मौजूदा कार्रवाई के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। कार्रवाई की खबर फैलते ही परसा क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल देखी गई।

सारण के परसा में एनआईए की देर रात की कार्रवाई ने इलाके में हलचल पैदा कर दी है। मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर तीन-चार घंटे तलाशी के बाद उनके पुत्र करमुल्लाह अंसारी और एक अन्य व्यक्ति को पूछताछ के लिए ले जाया गया। कार्रवाई को हथियार तस्करी से जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन एजेंसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। 2024 में भी इसी जगह छापेमारी हुई थी। सूत्रों के दावों और पुरानी जांचों की चर्चा के बावजूद अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली और इलाके में अफवाहों के बीच लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।

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