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Rudrabhishek Puja Vidhi: रुद्राभिषेक पूजा विधि

रुद्राभिषेक पूजा विधि हिंदी में, सामग्री सूची, मंत्र एवं शुभ मुहूर्त सहित। जानें रुद्राभिषेक कैसे करें।

Rudrabhishek Puja Vidhi: रुद्राभिषेक पूजा विधि
Rudrabhishek Puja Vidhi

सारांश

  • रुद्राभिषेक भगवान शिव के रुद्र स्वरूप का विशेष जलाभिषेक है, जो शिवलिंग पर वेदोक्त मंत्रों सहित विभिन्न पवित्र द्रव्य अर्पित करके किया जाता है।
  • सोमवार, प्रदोष व्रत, महाशिवरात्रि तथा श्रावण मास में रुद्राभिषेक करना विशेष फलदायी माना जाता है।
  • मुख्य मंत्र: ॐ नमः शिवाय तथा महामृत्युंजय मंत्र - 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।'
  • रोग-दोष शांत होते हैं, ग्रह बाधाएं दूर होती हैं, मानसिक शांति मिलती है तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

Rudrabhishek Puja Vidhi: परिचय

रुद्राभिषेक भगवान शिव के रुद्र स्वरूप का विशेष जलाभिषेक है, जो शिवलिंग पर वेदोक्त मंत्रों सहित विभिन्न पवित्र द्रव्य अर्पित करके किया जाता है। यह पूजा रोग-नाश, ग्रह दोष शांति एवं मनोकामना पूर्ति के लिए की जाती है।

शुभ मुहूर्त एवं समय

सोमवार, प्रदोष व्रत, महाशिवरात्रि तथा श्रावण मास में रुद्राभिषेक करना विशेष फलदायी माना जाता है। प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में करना सर्वोत्तम है।

आवश्यक पूजा सामग्री

  • शिवलिंग या शिव प्रतिमा
  • शुद्ध जल एवं गंगाजल
  • कच्चा दूध, दही, शहद, घी, शक्कर (पंचामृत हेतु)
  • बेलपत्र, धतूरा, भांग
  • सफेद चंदन
  • जनेऊ
  • रुद्राक्ष माला
  • गंगाजल
  • रोली/कुमकुम
  • अक्षत (साबुत चावल)
  • धूपबत्ती व अगरबत्ती
  • घी का दीपक
  • कपूर
  • नारियल
  • फल एवं मिठाई
  • पान का पत्ता व सुपारी
  • लाल/पीला वस्त्र

पूजा विधि (चरण दर चरण)

  1. सबसे पहले शिवलिंग को स्वच्छ जल से स्नान कराएं।
  2. फिर क्रमशः दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें, हर द्रव्य के बाद पुनः शुद्ध जल से स्नान कराएं।
  3. गंगाजल से अंतिम अभिषेक करें।
  4. बेलपत्र, धतूरा, भांग एवं चंदन अर्पित करें।
  5. महामृत्युंजय व रुद्र मंत्रों का जाप करते हुए अभिषेक करें।
  6. धूप-दीप दिखाकर आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

मंत्र

मुख्य मंत्र: ॐ नमः शिवाय तथा महामृत्युंजय मंत्र – ‘ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।’

लाभ एवं महत्व

रोग-दोष शांत होते हैं, ग्रह बाधाएं दूर होती हैं, मानसिक शांति मिलती है तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

सावधानियां

अभिषेक के दौरान शिवलिंग पर हल्दी, केतकी का फूल व शंख से जल अर्पित न करें, यह वर्जित माना जाता है।

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लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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