प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुणे में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे। वह मंगलवार दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुणे मेट्रो की 23 किलोमीटर लंबी नई पिंक लाइन का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री पुणे मेट्रो के दूसरे चरण के विस्तार के लिए चार नए मेट्रो कॉरिडोर की आधारशिला भी रखेंगे, जिससे शहर की कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार होगा।

पिंक लाइन का विस्तार और आईटी हब से जुड़ाव
पुणे मेट्रो की नई पिंक लाइन शहर के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा बदलाव लाने के लिए तैयार है। यह कॉरिडोर मान क्षेत्र से शुरू होकर जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन तक विस्तारित है, जिसकी कुल लंबाई 23 किलोमीटर है। इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह हिंजवड़ी के प्रसिद्ध आईटी हब को शिवाजीनगर के केंद्रीय इलाके से सीधे जोड़ता है। इस रूट के निर्माण पर 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है। इस मेट्रो सेवा के शुरू होने से हिंजवड़ी में काम करने वाले हजारों आईटी पेशेवरों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें वर्तमान में भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। यह कॉरिडोर न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि सड़क पर निजी वाहनों की संख्या में भी कमी लाएगा, जिससे वायु प्रदूषण और ईंधन की खपत कम होगी।
महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण अनुकूल पहल
पुणे मेट्रो की पिंक लाइन कई अनूठी विशेषताओं के साथ आती है जो इसे देश की अन्य मेट्रो परियोजनाओं से अलग बनाती है। इस पूरे कॉरिडोर का संचालन पूरी तरह से महिला ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कदम सार्वजनिक परिवहन और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है। इसके अलावा, यह परियोजना पर्यावरण के प्रति भी जागरूक है। मेट्रो प्रशासन ने योजना बनाई है कि इस लाइन के संचालन के लिए आवश्यक कुल बिजली का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा। नवीकरणीय ऊर्जा का यह उपयोग पुणे मेट्रो को एक हरित और टिकाऊ परिवहन प्रणाली के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा, जिससे परिचालन लागत में भी कमी आने की संभावना है।
मेट्रो के दूसरे चरण का विस्तार और नए कॉरिडोर
पिंक लाइन के उद्घाटन के साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुणे मेट्रो के फेज 2 की आधारशिला भी रखेंगे। इस दूसरे चरण के तहत चार नए कॉरिडोर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, जिस पर लगभग 13,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इन नए मार्गों का उद्देश्य पुणे के उन प्रमुख इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना है जो अभी तक इस सुविधा से वंचित हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद खराड़ी, मगरपट्टा, हडपसर, स्वारगेट, पुणे कैंटोनमेंट, वारजे और नांदेड़ सिटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के निवासियों को तेज और सुलभ परिवहन की सुविधा मिलेगी। यह विस्तार शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच की दूरी को कम करने और शहरी विकास को एक नई गति देने में सहायक सिद्ध होगा।
कनेक्टिविटी और इंटरचेंज स्टेशनों की सुविधा
पुणे मेट्रो के नेटवर्क को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर इंटरचेंज की सुविधा विकसित की जाएगी। स्वारगेट, नल स्टॉप और खराड़ी बाईपास जैसे प्रमुख स्थानों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज पॉइंट बनाए जाएंगे। ये इंटरचेंज यात्रियों को मौजूदा मेट्रो नेटवर्क और शहर की बस सेवाओं के बीच आसानी से आवागमन करने की अनुमति देंगे। इस एकीकृत परिवहन प्रणाली से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए बार-बार वाहन बदलने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। कुल मिलाकर, इन सभी परियोजनाओं पर लगभग 21,800 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो पुणे के भविष्य के शहरी परिवहन की तस्वीर बदल देंगे। प्रधानमंत्री का यह कदम न केवल पुणे की अर्थव्यवस्था को गति देगा बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर में भी सुधार लाएगा, जिससे उन्हें रोजाना के ट्रैफिक जाम से स्थाई राहत मिल सकेगी।
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स्रोत: India TV





