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Post Delivery Superfoods: डिलीवरी के बाद नई मां की रिकवरी और ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए ये सुपरफूड्स हैं बेहद असरदार

Post Delivery Superfoods: डिलीवरी के बाद नई मां की रिकवरी और ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए ये सुपरफूड्स हैं बेहद असरदार
Post Delivery Superfoods

सारांश

  • Post Delivery Superfoods: शिशु के जन्म के बाद का समय हर महिला के जीवन में एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण पड़ाव होता है।
  • ओट्स को पारंपरिक रूप से स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए सबसे बेहतरीन खाद्य पदार्थों में से एक माना गया है।
  • बादाम, चिया सीड्स और फ्लैक्स सीड्स जैसे मेवे और बीज हेल्दी फैट, प्रोटीन, विटामिन ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड के बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं।
  • मसूर, मूंग, चना और अन्य सभी प्रकार की दालें प्रोटीन, आयरन और फाइबर का मुख्य भंडार हैं।

Post Delivery Superfoods: शिशु के जन्म के बाद का समय हर महिला के जीवन में एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस दौरान न केवल नवजात शिशु की देखभाल की जिम्मेदारी बढ़ जाती है, बल्कि मां के शरीर को भी विशेष देखभाल और सही पोषण की आवश्यकता होती है। प्रसव के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव आते हैं, जिनसे उबरने के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी माना जाता है।  डिलीवरी के बाद सही डाइट मां के शरीर की रिकवरी को तेज करने के साथ-साथ ब्रेस्ट मिल्क के प्रोडक्शन को भी बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती है। इस दौर में यदि खानपान का ध्यान सही तरीके से रखा जाए, तो नई मां की सेहत में तेजी से सुधार होता है और स्तनपान की प्रक्रिया भी काफी सहज व सफल बन जाती है।

Post Delivery Superfoods: डिलीवरी के बाद सही खानपान और पोषण का महत्व

शिशु के जन्म के उपरांत महिला के शरीर को प्रसव के दौरान हुई कमजोरी से बाहर आने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा और संतुलित पोषक तत्वों की जरूरत होती है। सही न्यूट्रिशन और एक हेल्दी लाइफस्टाइल मां की रिकवरी को मजबूत बनाते हैं। अक्सर नई माताओं को इस बात की चिंता रहती है कि उनके शरीर में पर्याप्त मात्रा में दूध का उत्पादन हो रहा है या नहीं, ताकि बच्चे का पोषण ठीक से हो सके। ऐसे में प्राकृतिक और पौष्टिक आहार का सेवन इस समस्या का सबसे बेहतरीन समाधान साबित होता है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मां का खानपान सही और संतुलित होगा, तो उसे शारीरिक थकान, कमजोरी और हॉर्मोनल असंतुलन जैसी समस्याओं से निपटने में आसानी होगी। इसलिए गर्भावस्था के बाद के महीनों में डाइट चार्ट तैयार करते समय उन खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए जो ऊर्जा देने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करें।

ओट्स का सेवन और इसके चमत्कारी फायदे

ओट्स को पारंपरिक रूप से स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए सबसे बेहतरीन खाद्य पदार्थों में से एक माना गया है। इनमें आयरन, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। डिलीवरी के बाद महिलाओं में अक्सर एनीमिया यानी खून की कमी की समस्या देखने को मिलती है, जिससे निपटने में ओट्स में मौजूद आयरन बेहद मददगार साबित होता है। इसके अलावा ओट्स शरीर में प्रोलैक्टिन नामक हार्मोन के उत्पादन को भी प्रोत्साहित करते हैं, जो शिशु के लिए दूध बनने की प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभाता है। सुबह के समय नाश्ते में ओट्स को शामिल करना एक बहुत ही स्वस्थ विकल्प माना जाता है, जिससे दिनभर के लिए ऊर्जा भी मिलती है और पाचन तंत्र भी दुरुस्त रहता है।

हरी पत्तेदार सब्जियों की डाइट में भूमिका

पालक, मेथी और केल जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां पोषक तत्वों का खजाना होती हैं। ये सभी सब्जियां फाइटोएस्ट्रोजेन, कैल्शियम, आयरन और फोलेट जैसे जरूरी तत्वों से भरपूर होती हैं। प्रसव के बाद शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और मिल्क प्रोड्यूस करने वाली ग्रंथियों के बेहतर ढंग से काम करने के लिए इन सब्जियों का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान शरीर में आई न्यूट्रिशंस की कमी को पूरा करने में भी ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हरी सब्जियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स नई मां की कोशिकाओं की मरम्मत करने और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने का काम करते हैं, जिससे सुस्ती और कमजोरी दूर होती है।

मेवे और बीजों के पोषक तत्व

बादाम, चिया सीड्स और फ्लैक्स सीड्स जैसे मेवे और बीज हेल्दी फैट, प्रोटीन, विटामिन ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड के बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं। इनका नियमित सेवन न केवल नई मां की अपनी सेहत को बेहतर बनाता है, बल्कि ब्रेस्ट मिल्क की न्यूट्रिशनल क्वालिटी को भी काफी हद तक बढ़ा देता है। इनमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड शिशु के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के समुचित विकास में बहुत मददगार होता है। इसके अलावा ये ड्राई फ्रूट्स शरीर को लंबे समय तक ऊर्जावान बनाए रखते हैं और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी सहायता करते हैं। इन्हें स्नैक्स के रूप में या दूध और दलिया के साथ आसानी से खाया जा सकता है।

लहसुन और अदरक के औषधीय गुण

भारतीय रसोई में हमेशा से पाए जाने वाले लहसुन और अदरक अपनी एंटी-इन्फ्लेमेटरी और इम्यूनिटी बूस्ट करने वाली खूबियों के लिए जाने जाते हैं। डिलीवरी के बाद शरीर की रिकवरी में ये दोनों सामग्रियां बहुत असरदार मानी जाती हैं। पारंपरिक तौर पर इन्हें स्तनपान प्राकृतिक रूप से बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि लहसुन के सेवन से दूध के स्वाद में एक हल्का सा बदलाव आता है, जिससे कई बार शिशु अधिक रुचि के साथ लंबे समय तक ब्रेस्टफीडिंग करते हैं। हालांकि इनका सेवन संतुलित मात्रा में ही किया जाना चाहिए ताकि पेट की गर्मी या अन्य कोई समस्या न हो।

Post Delivery Superfoods: दालें, फलियां और साबुत तिल का महत्व

मसूर, मूंग, चना और अन्य सभी प्रकार की दालें प्रोटीन, आयरन और फाइबर का मुख्य भंडार हैं। शिशु के जन्म के बाद शरीर के टूटे हुए ऊतकों की मरम्मत करने, नई कोशिकाओं का निर्माण करने और पर्याप्त मात्रा में दूध का उत्पादन करने के लिए प्रोटीन की आवश्यकता काफी बढ़ जाती है, जिसे दालें आसानी से पूरी करती हैं। इसके साथ ही साबुत तिल कैल्शियम का एक बहुत ही शानदार स्रोत हैं। स्तनपान कराने वाली माताओं को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक कैल्शियम की जरूरत होती है क्योंकि बच्चे की मजबूत हड्डियों और दांतों के विकास के लिए यह सबसे जरूरी पोषक तत्व है। तिल का संतुलित सेवन इस कमी को दूर करने में पूरी तरह सक्षम है और हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।

मां और बच्चे के स्वास्थ्य के बीच का यह अनूठा रिश्ता सही खानपान पर ही टिका होता है। प्रसवोपरांत महिलाओं को अपनी डाइट में किसी भी तरह का बड़ा बदलाव करने या नया फिटनेस प्रोग्राम अपनाने से पहले अपने चिकित्सक या किसी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेनी चाहिए ताकि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ रहें और आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार की शारीरिक असुविधा का सामना न करना पड़े।

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लेखक

Sanjna Gupta

संजना गुप्ता डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी कंटेंट राइटर हैं और मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। इससे पहले वे बीबी डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड में सोशल मीडिया कंटेंट राइटर रह चुकी हैं और दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप कर चुकी हैं।

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