प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय रेलवे के नेटवर्क में विस्तार करते हुए गुजरात के साबरमती से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक दो नई ट्रेनों की शुरुआत की है। इन ट्रेनों के संचालन से गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा करने वाले लोगों को काफी सुविधा होगी। शुक्रवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पीएम मोदी ने इन ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उद्घाटन विशेष ट्रेन और संचालन का विवरण
रेलवे प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस नई सेवा की शुरुआत एक उद्घाटन विशेष ट्रेन के रूप में की गई है। गाड़ी संख्या 09405 उद्घाटन विशेष ट्रेन शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे साबरमती स्टेशन से अपनी पहली यात्रा पर रवाना हुई। यह ट्रेन विभिन्न मार्गों और राज्यों से गुजरते हुए अगले दिन यानी शनिवार को सुबह 11:40 बजे वाराणसी जंक्शन पहुंचेगी। इस विशेष ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को नए मार्ग और सुविधाओं का अनुभव करने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर साबरमती से वाराणसी एक्सप्रेस के साथ-साथ बेचराजी रेल सेवा का भी शुभारंभ किया, जो स्थानीय रेल बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाता है।
नियमित ट्रेन सेवा और समय सारणी
उद्घाटन के बाद, यह ट्रेन नियमित रूप से अपनी सेवाएं प्रदान करेगी। वाराणसी से साबरमती के लिए चलने वाली गाड़ी संख्या 12206 वाराणसी:साबरमती दैनिक एक्सप्रेस शाम को 5:30 बजे वाराणसी से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन अपनी यात्रा पूरी कर अगले दिन रात 8:15 बजे साबरमती स्टेशन पहुंचेगी। इसी तरह, वापसी की दिशा में गाड़ी संख्या 12205 साबरमती:वाराणसी एक्सप्रेस सुबह 5:20 बजे साबरमती स्टेशन से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6:30 बजे वाराणसी जंक्शन पहुंचेगी। यह दैनिक सेवा सुनिश्चित करेगी कि यात्रियों को दोनों दिशाओं में नियमित और विश्वसनीय परिवहन का विकल्प उपलब्ध हो।
ट्रेन का मार्ग और प्रमुख ठहराव
यह नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन तीन बड़े राज्यों के महत्वपूर्ण शहरों को आपस में जोड़ती है। भारतीय रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान मेहसाणा, पालनपुर, अजमेर, किशनगढ़, जयपुर, गांधीनगर, बांदीकुई, भरतपुर, ईदगाह आगरा, टूंडला, गोविंदपुरी (कानपुर), सूबेदारगंज (प्रयागराज) और मीरजापुर स्टेशनों पर रुकेगी। इन ठहरावों के कारण न केवल साबरमती और वाराणसी के यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि राजस्थान के जयपुर और अजमेर जैसे शहरों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कानपुर और प्रयागराज के यात्रियों को भी सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। यात्री इन सभी निर्धारित स्टेशनों से अपनी यात्रा के लिए टिकट बुक कर सकते हैं।
कोच की संरचना और उपलब्ध सुविधाएं
यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखते हुए, इस ट्रेन में विभिन्न श्रेणियों के कुल 20 कोच लगाए गए हैं। इसमें वातानुकूलित प्रथम श्रेणी का एक कोच, द्वितीय श्रेणी के दो कोच और तृतीय श्रेणी के छह कोच शामिल हैं। इसके अलावा, लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए शयनयान श्रेणी के छह कोच और कम दूरी या सामान्य यात्रा के लिए सामान्य श्रेणी के पांच कोच उपलब्ध कराए गए हैं। कोचों का यह मिश्रण हर वर्ग के यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है, जिससे यात्रा सुखद और सुलभ हो सके।
क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी पर प्रभाव
इस नई रेल सेवा का सबसे बड़ा लाभ गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच बेहतर संपर्क के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से पूर्वांचल और बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन एक बड़ी राहत बनकर आई है। इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग काम और अन्य कारणों से गुजरात और राजस्थान की यात्रा करते हैं। सीधी ट्रेन सेवा होने से उनका समय बचेगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। यह पहल भारतीय रेलवे द्वारा तीन राज्यों के बीच सामाजिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के प्रयास का हिस्सा है, जिससे व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्रोत: Aaj Tak





