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Parenting Tips: बच्चों के मन की बात जानने के लिए पूछें ये 7 सवाल

Parenting Tips: बच्चों के मन की बात जानने के लिए पूछें ये 7 सवाल

सारांश

  • Parenting Tips: बच्चों के मन को समझने के लिए उनसे खुलकर बातचीत करना जरूरी है।
  • बच्चे से पूछें कि वह खुद को सबसे ज्यादा बहादुर कब महसूस करता है।
  • जानें कि परेशानी होने पर वह सबसे पहले किससे बात करता है।
  • पूछें कि वह चाहता है बड़े लोग उसके बारे में क्या समझें।
  • जानें कि उसे सबसे ज्यादा प्यार और अपनापन कब महसूस होता है।
  • बच्चे को सुरक्षित माहौल देकर उसकी अनकही बातों को सामने आने का अवसर दें।
  • पूछें कि उसे खुद पर सबसे ज्यादा गर्व किस बात पर है।
  • घर का कौन-सा नियम बदलना चाहेगा, यह जानकर उसका नजरिया समझें।
  • सवाल पूछने से ज्यादा जरूरी है बच्चे की बात को धैर्य और बिना जजमेंट के सुनना।
Parenting Tips: बच्चों की परवरिश केवल उनकी पढ़ाई, खान-पान और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं होती है। माता-पिता अक्सर इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उनके बच्चे के मन में क्या चल रहा है? उसे किस बात से खुशी मिलती है, किस चीज का डर सताता है या कौन-सी बात उसे अंदर ही अंदर परेशान कर रही है? कई बार बच्चे अपनी भावनाएं और समस्याएं सीधे तौर पर माता-पिता से साझा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में बच्चों के दिल का हाल जानने के लिए पेरेंटिंग कोच रिद्धि देवराह ने सात बेहद असरदार और खास सवाल सुझाए हैं, जिनकी मदद से आप अपने बच्चे के और करीब आ सकते हैं।

Parenting Tips: बच्चों के मन को टटोलने वाले 7 जरूरी सवाल

1. खुद को सबसे ज्यादा बहादुर कब महसूस करते हो?

बच्चे से यह सवाल पूछने पर उसे अपने उन खास अनुभवों के बारे में सोचने का मौका मिलता है, जब उसने किसी मुश्किल परिस्थिति का डटकर सामना किया था या खुद पर भरोसा जताया था। माता-पिता उसके इस जवाब से यह आसानी से समझ सकते हैं कि किन हालात में बच्चा सबसे ज्यादा आत्मविश्वासी महसूस करता है। इससे उसकी छिपी हुई ताकत और आत्मविश्वास को पहचानने में काफी मदद मिलती है।

2. परेशानी होने पर बच्चा सबसे पहले किससे बात करता है?

हर बच्चा अपनी हर बात या परेशानी एक ही व्यक्ति के साथ शेयर नहीं करता है। इसलिए पेरेंट्स के लिए यह जानना जरूरी है कि जब उनका बच्चा दुखी, परेशान या चिंतित होता है, तो वह सबसे पहले अपनी बात किससे कहना पसंद करता है। इस सवाल के जवाब से यह समझने में मदद मिलती है कि बच्चा किस व्यक्ति के साथ सबसे ज्यादा सुरक्षित और सहज महसूस करता है।

3. बड़े लोग आपके बारे में क्या समझें, यह क्या चाहते हो?

कई बार बच्चों के मन में ऐसी अनकही बातें होती हैं जिन्हें वे आम बातचीत के दौरान बयां नहीं कर पाते हैं। उनसे यह पूछना कि ऐसी कौन-सी बात है जिसे वे चाहते हैं कि बड़े लोग उनके बारे में बेहतर तरीके से समझें, उन्हें खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त करने का मौका देता है। इससे माता-पिता को बच्चे की सोच, उसकी जरूरतों और उसके नजरिए को बहुत करीब से जानने का अवसर मिलता है।

4. आपको सबसे ज्यादा प्यार और अपनापन कब महसूस होता है?

माता-पिता अपने तरीके से अपने बच्चों से बेहद प्यार करते हैं और उसे जताते भी हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि बच्चा भी उसी तरीके से उस प्यार को महसूस करे। इसलिए बच्चे से यह जानना बहुत उपयोगी होता है कि उसे किस बात पर सबसे ज्यादा अपनापन महसूस होता है। इस बातचीत से पेरेंट्स अपने व्यवहार और बातचीत के तरीके को बच्चे की भावनात्मक जरूरतों के अनुसार ढाल सकते हैं।

5. ऐसी कौन-सी बात है जो अब तक आपने किसी को नहीं बताई?

अक्सर छोटे बच्चे डांट खाने या पैरेंट्स की सख्त प्रतिक्रिया के डर से अपनी परेशानियों को अपने मन में ही दबाकर रखते हैं। इसलिए प्यार से ऐसा माहौल बनाकर यह सवाल पूछा जाना चाहिए ताकि उसे अपनी किसी छिपी हुई चिंता या डर के बारे में बताने का एक सुरक्षित मंच मिल सके। हालांकि, ऐसे सवाल पूछते समय माता-पिता को बेहद शांत रहना चाहिए और बात पूरी होने से पहले ही कोई निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए।

6. आपको खुद पर सबसे ज्यादा गर्व किस बात पर है?

बच्चे से उसकी छोटी-बड़ी सफलताओं या उन बातों के बारे में पूछना, जिन पर उसे खुद पर गर्व महसूस होता है, उसकी सकारात्मक सोच को समझने का एक शानदार अवसर देता है। हो सकता है कि बच्चे के लिए कोई बहुत छोटी उपलब्धि भी उसके लिहाज से बहुत मायने रखती हो। उसकी इन बातों को उचित महत्व देने से आपसी संवाद और अधिक सहज हो जाता है।

7. अगर घर का एक नियम बदलना हो, तो आप क्या बदलेंगे?

घर के नियम हर परिवार की दिनचर्या का एक अहम हिस्सा होते हैं। बच्चे से यह पूछना कि यदि उसे घर का कोई एक नियम बदलने की छूट मिले, तो वह क्या बदलेगा, उनके नजरिए को समझने का एक बहुत ही दिलचस्प तरीका है। बच्चे के इस जवाब से माता-पिता को यह पता चल जाता है कि घर की कौन-सी व्यवस्था उसे कठिन या असहज लगती है।

Parenting Tips: सवालों से ज्यादा जरूरी है बच्चे की बात को ध्यान से सुनना

इन सभी सात सवालों का मुख्य उद्देश्य बच्चे से किसी थानेदार की तरह पूछताछ करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि इसके जरिए उनके साथ एक खुली और सहज बातचीत की शुरुआत करना है। जब बच्चा आपको जवाब दे रहा हो, तो तुरंत उसे टोकना, डांटना, उसकी भावनाओं को गलत ठहराना या अपनी राय उस पर थोपना इस पूरी प्रक्रिया को बिगाड़ सकता है। इसके बजाय माता-पिता को पूरे धैर्य के साथ उसकी बात सुननी चाहिए। जब बच्चे को यह विश्वास हो जाता है कि उसकी बातों को सुना और समझा जा रहा है, तो वह बिना किसी डर के अपनी हर बात खुलकर साझा करने लगता है।

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लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

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