Ladli Laxmi Yojana: मध्य प्रदेश सरकार बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना चला रही है। यह योजना 1 अप्रैल 2007 को शुरू की गई थी। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत चल रही इस योजना में पात्र बालिका के ऑनलाइन पंजीयन के बाद 1.43 लाख रुपये का प्रमाण-पत्र दिया जाता है।

यह राशि एक साथ बैंक खाते में नहीं आती बल्कि निर्धारित चरणों के अनुसार अलग-अलग किस्तों में दी जाती है। योजना का उद्देश्य लिंगानुपात सुधारना लड़कियों के प्रति सकारात्मक सोच पैदा करना शिक्षा स्वास्थ्य में सुधार लाना जनसंख्या नियंत्रण और कन्या भ्रूण हत्या रोकना है।

योजना के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?

मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य मध्य प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार लाना है। आम लोगों में लड़कियों के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच पैदा करना समाज में लड़कियों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य की स्थिति सुधारना जनसंख्या वृद्धि दर कम करना परिवार नियोजन को प्रोत्साहित करना विशेष रूप से दो बालिकाओं के जन्म के बाद बालक की आशा हतोत्साहित करना बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव प्रदान करना कन्या भ्रूण हत्या और शिशु हत्या रोकना बालिकाओं के विकास के लिए सकारात्मक वातावरण बनाना बाल विवाह हतोत्साहित करना और कानूनी उम्र में विवाह प्रोत्साहित करना शामिल है।

Ladli Laxmi Yojana: कितनी राशि और किस चरण में मिलती है?

कक्षा 6 में प्रवेश पर 2 हजार रुपये दिए जाते हैं। कक्षा 9 में प्रवेश पर 4 हजार रुपये मिलते हैं। कक्षा 11 में प्रवेश पर 6 हजार रुपये और कक्षा 12 में प्रवेश पर भी 6 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। 12वीं के बाद स्नातक या वोकेशनल कोर्स में प्रवेश लेने पर 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दो समान किस्तों में दी जाती है। कोर्स की अवधि कम से कम दो साल होनी चाहिए। बालिका की उम्र 21 वर्ष पूरी होने पर बैंक खाते में एक लाख रुपये की राशि दी जाती है। इसके लिए 12वीं की परीक्षा में शामिल होना आवश्यक है। यदि बालिका विवाहित है तो विवाह निर्धारित न्यूनतम आयु के बाद होना चाहिए।

योजना का लाभ कौन ले सकता है?

बालिका का जन्म 1 जनवरी 2006 या उसके बाद हुआ होना चाहिए। माता-पिता मध्य प्रदेश के मूल निवासी हों। माता-पिता की अधिकतम दो संतानें हों। दूसरी संतान के मामले में परिवार नियोजन अपनाया गया हो। माता-पिता आयकरदाता नहीं होने चाहिए। बालिका का आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीयन होना जरूरी है। प्रथम प्रसव से जन्मी बालिका को बिना परिवार नियोजन के भी लाभ दिया जाएगा। जिन परिवारों में अधिकतम दो संतानें हैं और माता या पिता की मृत्यु हो गई है उनमें बालिका के जन्म के पांच वर्ष तक पंजीकरण कराया जा सकता है। पहली डिलीवरी में एक साथ तीन बच्चियां होने पर तीनों को लाभ मिलेगा। जेल में बंद महिला कैदियों से जन्मी पात्र बालिकाओं और बलात्कार पीड़ित से जन्मी बालिका को भी लाभ दिया जाएगा।

Ladli Laxmi Yojana: विशेष परिस्थितियों में पात्रता

स्वास्थ्य संबंधी कारणों से परिवार नियोजन नहीं अपनाने वाले मामलों में कलेक्टर को एक वर्ष के स्थान पर दो मामलों तक स्वीकृति देने का अधिकार है। अनाथालय या संरक्षण गृह के अधीक्षक द्वारा प्रवेश के एक साल के अंदर और बालिका की आयु पांच वर्ष होने से पहले आवेदन करना होगा। गोद लेने वाले माता-पिता को गोद लेने के एक साल के अंदर आवेदन करना होगा। दूसरी शादी से जन्मी बेटी को यदि पहले से दो बच्चे हैं तो लाभ नहीं मिलेगा।

आवेदन कैसे करें और जरूरी दस्तावेज?

पात्र बालिका के लिए आवेदन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लोक सेवा केंद्र इंटरनेट कैफे अथवा ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन करें बटन पर क्लिक करना होगा। सेल्फ डिक्लेरेशन के बाद बच्ची और परिवार की समग्र आईडी से संबंधित विवरण भरना होगा। आवेदन के लिए बालिका की समग्र आईडी परिवार आईडी माता-पिता के साथ फोटो और द्वितीय बालिका की स्थिति में परिवार नियोजन प्रमाण-पत्र जरूरी है। दस्तावेज जेपीजी जेपीईजी पीएनजी जीआईएफ फॉर्मेट में और साइज 40 केबी से 200 केबी के बीच होना चाहिए।

Ladli Laxmi Yojana: राशि कैसे मिलती है?

योजना के तहत निर्धारित राशि सीधे लड़कियों के बैंक खाते में भुगतान की जाती है। इसलिए आवेदन के समय बैंक खाते और अन्य जरूरी विवरण सही-सही भरना महत्वपूर्ण है। किस्तें समय पर पहुंचने के लिए खाते की जानकारी अद्यतन रखनी चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता शर्तों का पालन आवश्यक है।

मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना बेटियों के आर्थिक सशक्तिकरण और शिक्षा को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। कुल 1.43 लाख रुपये की सहायता विभिन्न चरणों में दी जाती है। कक्षा 6 से लेकर 21 वर्ष की आयु तक किस्तें मिलती हैं। पात्रता शर्तें जन्म तिथि निवास संतान संख्या और परिवार नियोजन से जुड़ी हैं। ऑनलाइन या आंगनवाड़ी के माध्यम से आवेदन कर लाभ उठाया जा सकता है। योग्य परिवारों को योजना का लाभ जरूर लेना चाहिए।

Read More Here

About The Author