How to Reuse Leftover Soap: घर में साबुन का छोटा टुकड़ा बच जाना आम बात है। जैसे-जैसे साबुन घिसता जाता है, आखिर में इतना छोटा रह जाता है कि हाथ में पकड़कर इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। ज्यादातर लोग उसे बेकार समझकर फेंक देते हैं। लेकिन इन छोटे टुकड़ों का कई कामों में इस्तेमाल संभव है।

इससे साबुन की बर्बादी कम होती है और घर के छोटे-मोटे काम भी आसानी से हो जाते हैं। बचे हुए साबुन से नया साबुन बनाया जा सकता है, कपड़े धोए जा सकते हैं, घर की सफाई हो सकती है, जिप और ड्रॉअर स्मूद हो सकते हैं तथा लिक्विड सोप भी तैयार किया जा सकता है। ये तरीके सरल हैं और रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से अपनाए जा सकते हैं।

साबुन के टुकड़े क्यों बच जाते हैं

साबुन रोजाना इस्तेमाल होता है इसलिए धीरे-धीरे छोटा होता जाता है। आखिरी हिस्से को पकड़ना और रगड़ना दोनों मुश्किल हो जाता है। कई घरों में ऐसे टुकड़े इकट्ठा हो जाते हैं और अंत में कूड़े में चले जाते हैं। इन्हें बचाने से न सिर्फ पैसे की बचत होती है बल्कि घर में अनावश्यक कचरा भी कम होता है।

How to Reuse Leftover Soap: बचे टुकड़ों से नया साबुन बनाएं

छोटे-छोटे बचे साबुन के टुकड़ों को इकट्ठा करके एक नया साबुन तैयार किया जा सकता है। सभी टुकड़ों को कद्दूकस करके एक बाउल में डालें। इसमें थोड़ा गर्म पानी मिलाकर कुछ देर छोड़ दें ताकि साबुन नरम हो जाए। अब इसे अच्छी तरह मिलाकर एक सांचे में दबाकर भरें। कुछ समय सूखने के बाद इसे दोबारा साबुन की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

कपड़े धोने में करें इस्तेमाल

अलग-अलग साबुन के बचे हुए टुकड़े कपड़े धोने में काम आ सकते हैं। खासकर कॉलर, कफ या किसी छोटे दाग वाली जगह पर साबुन का झाग लगाकर हल्के हाथ से रगड़ें। इसके बाद कपड़े को सामान्य तरीके से धो लें। यह तरीका जिद्दी दागों को हटाने में मददगार साबित होता है और अलग डिटर्जेंट की जरूरत कम पड़ती है।

How to Reuse Leftover Soap: घर के जिद्दी दाग साफ करें

बचा हुआ साबुन घर की सफाई में भी उपयोगी है। साबुन के टुकड़े को थोड़ा गीला करके सिंक, प्लास्टिक की बाल्टी या दूसरे आसानी से साफ होने वाले हिस्सों पर लगाएं। इसके बाद स्पंज से हल्का रगड़कर पानी से साफ कर दें। इससे हल्की गंदगी और साबुन से बनने वाली चिकनाई हटाने में मदद मिलती है। रोजमर्रा की सफाई में यह आसान विकल्प साबित होता है।

जिप और ड्रॉअर को स्मूद बनाएं

कपड़ों की जिप बार-बार अटकती है या लकड़ी के ड्रॉअर को खोलने में ज्यादा जोर लगाना पड़ता है तो सूखे साबुन का छोटा टुकड़ा काम आता है। जिप के दांतों या ड्रॉअर के चलने वाले हिस्से पर साबुन को हल्का रगड़ें। साबुन की परत घर्षण कम करने में मदद करती है जिससे जिप या ड्रॉअर आसानी से चलने लगता है। यह तरीका बिना किसी केमिकल के काम करता है।

How to Reuse Leftover Soap: लिक्विड सोप तैयार करें

बचे हुए साबुन को फेंकने के बजाय उससे लिक्विड सोप भी बनाया जा सकता है। साबुन को छोटे टुकड़ों में काटकर या कद्दूकस करके गर्म पानी में डालें और अच्छी तरह घुलने दें। मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे साफ पंप बोतल में भर सकते हैं। यह हाथ धोने या हल्की सफाई के लिए तैयार हो जाता है और बाजार का लिक्विड सोप खरीदने की जरूरत कम पड़ती है।

रीयूज से क्या फायदा होता है

साबुन के छोटे टुकड़ों को दोबारा इस्तेमाल करने से घर का खर्च थोड़ा कम होता है। कचरे में जाने वाले साबुन की मात्रा घटती है। रोजमर्रा के कामों में आसानी भी बढ़ती है। ये तरीके किसी खास स्किल की मांग नहीं करते और घर पर ही पूरे हो जाते हैं। धीरे-धीरे यह आदत बन जाए तो साबुन की बर्बादी काफी हद तक रुक सकती है।

रोजमर्रा में कैसे अपनाएं

इन तरीकों को अपनाने के लिए बस थोड़ी सी सावधानी और इकट्ठा करने की आदत चाहिए। छोटे टुकड़ों को एक अलग डिब्बे में रखें। जब पर्याप्त मात्रा हो जाए तब नया साबुन या लिक्विड सोप बनाएं। कपड़े धोने और सफाई के लिए तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। जिप और ड्रॉअर के लिए सूखा टुकड़ा हमेशा तैयार रखें।

How to Reuse Leftover Soap: घर की छोटी आदतों का असर

साबुन जैसे रोजमर्रा के सामान की बर्बादी कम करने से घर का माहौल भी व्यवस्थित रहता है। छोटे-छोटे प्रयास लंबे समय में बड़ा फर्क पैदा करते हैं। ये तरीके न सिर्फ पैसे बचाते हैं बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी भी दिखाते हैं। परिवार के सदस्यों को भी इन आदतों के बारे में बताकर सबको शामिल किया जा सकता है।

घर में बचे साबुन के छोटे टुकड़ों को फेंकने की बजाय इन पांच आसान तरीकों से दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। नया साबुन बनाना, कपड़े धोना, घर की सफाई करना, जिप और ड्रॉअर स्मूद करना तथा लिक्विड सोप तैयार करना—ये सभी विकल्प सरल और कारगर हैं।

थोड़ी सी सावधानी और इकट्ठा करने की आदत से साबुन की बर्बादी कम होती है और घर के छोटे काम भी आसानी से पूरे हो जाते हैं। रोजमर्रा की इन छोटी आदतों को अपनाने से न सिर्फ पैसे की बचत होती है बल्कि घर का कचरा भी घटता है। साबुन के टुकड़ों को संभालकर रखना और जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करना एक अच्छा घरेलू अभ्यास साबित हो सकता है।

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