दीवार के कोने में काले-हरे धब्बे, पेंट का फूलकर उखड़ना, अलमारी में रखे कपड़ों से अजीब सी गंध और कमरे में हमेशा भारीपन। ये सब घर की सीलन के संकेत हैं। बारिश के मौसम में यह समस्या सबसे ज्यादा दिखती है, पर सर्दियों में भी बंद कमरों और ठंडी दीवारों पर नमी जमने लगती है। सीलन से घर की मरम्मत का खर्च बढ़ता है, फर्नीचर और कपड़े खराब होते हैं और घर का माहौल बिगड़ता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता पर जारी अपने दिशा-निर्देशों में नमी और फफूंद पर अलग से बात की है। इसकी मुख्य सलाह यही है कि घरों में लगातार नमी और फफूंद को पनपने न दिया जाए और नमी का कारण दूर किया जाए। इस लेख में घर की सीलन के आम कारण और उससे निपटने के व्यावहारिक तरीके बताए गए हैं।
सीलन के मुख्य कारण
सीलन का इलाज तभी असरदार होता है जब पहले उसका कारण पहचाना जाए। आम तौर पर तीन तरह की नमी होती है।
1. रिसाव से आने वाली नमी
छत से पानी टपकना, पाइप में लीकेज, पानी की टंकी का ओवरफ्लो, बाथरूम की टाइलों के जोड़ से पानी रिसना या बाहरी दीवार में दरार। इसमें आम तौर पर एक खास जगह पर धब्बा बनता है जो बारिश या पानी के इस्तेमाल के बाद बढ़ता है।
2. जमीन से ऊपर चढ़ने वाली नमी
पुराने मकानों में या जहां नींव के पास नमी रोकने वाली परत ठीक से नहीं बनी, वहां जमीन की नमी दीवार में ऊपर चढ़ती है। इसमें दीवार के निचले हिस्से पर, फर्श से एक-दो फुट ऊपर तक, धब्बे और सफेद नमक जैसी परत दिखती है।
3. भाप जमने से बनने वाली नमी
खाना पकाने, नहाने, कपड़े सुखाने और सांस लेने से भी घर की हवा में नमी आती है। जब यह नम हवा ठंडी दीवार, खिड़की के शीशे या अलमारी के पीछे की दीवार से टकराती है तो पानी की बूंदों में बदल जाती है। सर्दियों में बंद कमरों में यह सबसे आम कारण है।

सीलन की पहचान कैसे करें
- दीवार या छत पर गीले धब्बे, जो सूखते और फिर बनते हैं
- पेंट या पुट्टी का फूलना और झड़ना
- कोनों, खिड़कियों के आसपास या अलमारी के पीछे काले या हरे धब्बे
- कमरे या अलमारी से सीलन जैसी गंध
- लकड़ी के दरवाजों और फर्नीचर का फूलना
- सर्दियों की सुबह खिड़की के शीशों पर पानी की बूंदें
रोजमर्रा के आसान उपाय
- रोज कुछ देर खिड़कियां और दरवाजे खोलें ताकि हवा आ-जा सके, धूप वाले समय में यह सबसे अच्छा रहता है
- रसोई में खाना पकाते समय चिमनी या एग्जॉस्ट फैन चलाएं और बर्तनों पर ढक्कन रखें
- नहाने के बाद बाथरूम का दरवाजा बंद रखकर एग्जॉस्ट फैन चलाएं या खिड़की खोल दें
- गीले कपड़े कमरे के अंदर सुखाने से बचें, बालकनी या छत का इस्तेमाल करें
- अलमारी और भारी फर्नीचर को बाहरी दीवार से कुछ इंच दूर रखें ताकि पीछे हवा चल सके
- अलमारी में कपड़े ठूंसकर न भरें
- कमरे में बहुत सारे गमले हों तो उन्हें बालकनी में रखें, क्योंकि पौधों की मिट्टी और पानी से भी नमी बढ़ती है
- बाथरूम के फर्श पर पानी जमा न रहने दें
यह भी पढ़ें: करवा चौथ मेकअप घर पर कैसे करें: व्रत के दिन देर तक टिकने वाला आसान लुक और त्वचा की देखभाल | घर के अंदर प्रदूषण कैसे कम करें: त्योहार और सर्दी के मौसम में घर की हवा साफ रखने के आसान उपाय
फफूंद लगे धब्बों की सफाई
छोटे हिस्से पर लगी फफूंद घर पर साफ की जा सकती है।
- सफाई करते समय दस्ताने और मास्क पहनें और खिड़की खोल लें
- हल्के डिटर्जेंट वाले पानी से धब्बा साफ करें
- बाजार में मिलने वाले फफूंदरोधी क्लीनर का इस्तेमाल पैकेट पर लिखे निर्देशों के अनुसार करें
- अलग-अलग केमिकल, खासकर ब्लीच और अमोनिया वाले क्लीनर, कभी आपस में न मिलाएं, इससे जहरीली गैस बन सकती है
- सफाई के बाद जगह को पूरी तरह सूखने दें
- पेंट करने से पहले दीवार का पूरी तरह सूखा होना जरूरी है
अगर फफूंद बड़े हिस्से में फैली हो या बार-बार लौट रही हो, तो इसका मतलब है कि नमी का स्रोत अब भी मौजूद है। ऐसे में केवल सफाई काफी नहीं है।
पक्की मरम्मत के तरीके
- छत की वाटरप्रूफिंग कराएं, खासकर बारिश से पहले
- पाइप के लीकेज और टंकी के ओवरफ्लो की तुरंत मरम्मत कराएं
- बाथरूम और रसोई की टाइलों के जोड़ों में दोबारा ग्राउटिंग कराएं
- बाहरी दीवार की दरारें भरवाएं और बाहर की ओर पानी रोकने वाला पेंट कराएं
- जमीन की नमी के लिए दीवार के निचले हिस्से में नमी रोकने का उपचार किसी अनुभवी ठेकेदार से कराएं
- नमी वाली दीवार पर सीधे नया पेंट न कराएं, पहले नमी का कारण ठीक कराएं
कब बुलाएं विशेषज्ञ
अगर पानी छत से टपक रहा है, दीवार में बड़ी दरार है, बिजली के स्विच बोर्ड के पास नमी है या सीलन पड़ोसी के घर से आ रही है, तो प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन या सिविल ठेकेदार को बुलाएं। बिजली की फिटिंग के पास नमी खतरनाक हो सकती है। अपार्टमेंट में रहते हैं तो सोसायटी या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को लिखित जानकारी दें।
किराये के घर में क्या करें
अगर किराये के घर में रिसाव से सीलन है तो मकान मालिक को फोटो के साथ लिखित सूचना दें। रोजमर्रा की हवादारी आपकी जिम्मेदारी है, पर ढांचे की मरम्मत आम तौर पर मालिक का काम होता है। किरायानामे में लिखी शर्तें देखें।
सर्दियों में खास ध्यान
- सुबह धूप निकलने पर पर्दे हटा दें
- बंद कमरे में हीटर चलाते समय भी थोड़ी देर हवा आने दें
- खिड़की के शीशे पर जमी बूंदें सूखे कपड़े से पोंछ दें
- रजाई और गद्दों को समय-समय पर धूप दिखाएं
क्या डीह्यूमिडिफायर जरूरी है
ज्यादातर घरों में अच्छी हवादारी और रिसाव की मरम्मत काफी है। बहुत नम इलाकों या बेसमेंट में डीह्यूमिडिफायर मददगार हो सकता है।
नमक की सफेद परत क्या है
दीवार पर सफेद पाउडर जैसी परत अक्सर इस बात का संकेत है कि दीवार के अंदर से नमी आ रही है और साथ में नमक बाहर ला रही है।
स्रोत: WHO Guidelines for Indoor Air Quality: Dampness and Mould





