भारत निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र राज्य के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्ट्र को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से इस संशोधित समय सारिणी की जानकारी दी है। यह निर्णय राज्य के निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त अनुरोध के बाद लिया गया है, जिसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है।

संशोधित समय सारिणी का आधिकारिक विवरण
भारत निर्वाचन आयोग ने नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन से पत्र संख्या 23/2026-ईआरएस (खंड 2) जारी किया है, जो 29 अक्टूबर 2026 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्ट्र को प्रेषित किया गया था। इस पत्र के माध्यम से आयोग ने महाराष्ट्र के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में बदलाव की आधिकारिक घोषणा की है। यह निर्णय राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र संख्या ईएलआर-2026/सीआर-70/इलेक्शन-6 के जवाब में लिया गया है। इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आयोग ने पूर्व में जारी किए गए विभिन्न आदेशों, जो 14 मई 2026, 15 जुलाई 2026, 4 अगस्त 2026, 19 अगस्त 2026, 26 सितंबर 2026 और 12 अक्टूबर 2026 को जारी हुए थे, का संदर्भ लिया है। इन सभी पुराने आदेशों के बाद अब नई समय सीमा निर्धारित की गई है ताकि चुनावी डेटा की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।

दावों और आपत्तियों के लिए विस्तारित अवधि
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या किसी प्रकार की आपत्ति दर्ज करने के लिए नागरिकों को अब अधिक समय मिलेगा। दावों और आपत्तियों को जमा करने की अवधि अब 31 अगस्त 2026 से शुरू होकर 13 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। यह विस्तार उन नागरिकों के लिए एक अवसर है जो किसी कारणवश अब तक अपने आवेदन जमा नहीं कर पाए थे। इसके साथ ही, इन प्राप्त दावों और आपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया भी 31 अगस्त 2026 से 25 नवंबर 2026 तक संचालित की जाएगी। इस चरण के दौरान संबंधित अधिकारी प्राप्त आपत्तियों की गहन जांच करेंगे और योग्य आवेदनों को मतदाता सूची में शामिल करने या सुधारने की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। यह प्रक्रिया चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
अंतिम प्रकाशन और प्रशासनिक निर्देश
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को किया जाएगा। इस संबंध में आयोग के अवर सचिव संदीप कुमार द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना संख्या 23/2025-ईआरएस को महाराष्ट्र के असाधारण राजपत्र में तुरंत प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह भी कहा गया है कि राजपत्र की तीन प्रतियां अनिवार्य रूप से आयोग को भेजी जाएं। इसके अतिरिक्त, आयोग ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए ताकि राज्य के अधिक से अधिक नागरिक इस प्रक्रिया का लाभ उठा सकें और अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और पात्रता
विशेष गहन पुनरीक्षण एक विस्तृत प्रक्रिया है जिसके माध्यम से मतदाता सूची को 01 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि के संदर्भ में अद्यतन किया जाता है। जो नागरिक इस निर्धारित तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए पूरी तरह पात्र हैं। इस प्रक्रिया में फॉर्म 6 का उपयोग नए पंजीकरण के लिए किया जाता है, जबकि फॉर्म 7 का उपयोग किसी प्रस्तावित नाम को हटाने या किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज करने के लिए किया जाता है। यदि किसी मतदाता को अपने विवरण में सुधार करना है, निवास स्थान बदलना है, या ईपीआईसी कार्ड का प्रतिस्थापन कराना है, तो वे फॉर्म 8 का उपयोग कर सकते हैं। नागरिक इन फॉर्मों को ऑनलाइन वोटर सर्विस पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, बूथ स्तर के अधिकारी या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय में जाकर भी ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है। मतदाता अपनी स्थिति की जांच करने के लिए इलेक्टोरल सर्च पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं और किसी भी सहायता के लिए 1950 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। आयोग का यह कदम चुनावी प्रक्रिया को अधिक समावेशी और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग






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