शारदीय नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा की आराधना के बाद विजयादशमी पर मां को विदाई दी जाती है। इसे दुर्गा विसर्जन कहते हैं। 2026 में विजयादशमी मंगलवार, 20 अक्टूबर को है और इसी दिन ज्यादातर जगहों पर दुर्गा विसर्जन होगा। जानिए दुर्गा विसर्जन की सामान्य विधि और नियम।
दुर्गा विसर्जन कब होता है
परंपरा के अनुसार नवमी के बाद दशमी तिथि में देवी का विसर्जन किया जाता है। बंगाल और पूर्वी भारत में यह दिन बिजया दशमी के रूप में मनाया जाता है। विसर्जन का सटीक समय तिथि और स्थान के अनुसार बदलता है, इसलिए अपने शहर के पंचांग, मंदिर या पूजा समिति से समय की पुष्टि करें। हम यहां कोई मुहूर्त नहीं दे रहे हैं।

विसर्जन से पहले की पूजा
- सुबह स्नान करके देवी की सामान्य पूजा करें, जिसे उत्तर पूजा भी कहा जाता है
- देवी को रोली, अक्षत, फूल, मिठाई और नारियल अर्पित करें
- आरती करें और नवरात्रि में हुई किसी भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करें
- देवी से अगले साल फिर आने की प्रार्थना की जाती है
कलश और जवारे का विसर्जन
जिन घरों में घटस्थापना हुई थी, वहां कलश के जल को घर में छिड़कने और बचा जल पौधों में डालने की परंपरा है। कलश पर रखे नारियल को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। नवरात्रि में बोए गए जवारे यानी जौ को सम्मान से बहते जल में प्रवाहित किया जाता है, या पर्यावरण का ध्यान रखते हुए किसी पेड़ की जड़ में या गमले में रख दिया जाता है। कुछ लोग जवारे का थोड़ा हिस्सा तिजोरी या पूजा स्थान में भी रखते हैं।
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सिंदूर खेला
बंगाल की परंपरा में विसर्जन से पहले विवाहित महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर चढ़ाती हैं और फिर एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं। इसे सिंदूर खेला कहते हैं। इसके बाद मां को मिठाई खिलाकर विदाई दी जाती है और लोग एक-दूसरे को बिजया की शुभकामनाएं देते हैं।
पर्यावरण के अनुकूल विसर्जन
मूर्तियों पर लगे रासायनिक रंग, प्लास्टर ऑफ पेरिस और सजावट का सामान नदियों और तालाबों को प्रदूषित करता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मूर्ति विसर्जन के दौरान जल प्रदूषण रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी कर चुका है, और कई नगर निकाय कृत्रिम तालाब बनाते हैं। घर में मिट्टी की छोटी मूर्ति हो, तो उसे बाल्टी या टब में विसर्जित कर मिट्टी पौधों में डाली जा सकती है। फूल, माला और पूजा सामग्री को अलग करके खाद बनाने या निर्धारित स्थान पर देने की कोशिश करें।
सुरक्षा का ध्यान
विसर्जन जुलूस में भीड़ और गहरे पानी से सावधान रहें। बच्चों को पानी के पास अकेला न छोड़ें। तैरना न आता हो, तो गहरे पानी में न उतरें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या घर की मूर्ति का विसर्जन जरूरी है?
मिट्टी की मूर्ति का विसर्जन परंपरा है। धातु या पत्थर की स्थायी मूर्ति का विसर्जन नहीं किया जाता।
स्रोत: भारत सरकार, संसदीय कार्य मंत्रालय: 2026 अवकाश कैलेंडर, Tirth: Hindu Festivals 2026, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





