Vastu Tips for Eating Food: आज ज्यादातर घरों में खाना डाइनिंग टेबल पर चलता है। कुछ परिवार अब भी जमीन पर बैठना पसंद करते हैं। वास्तु शास्त्र में भोजन की जगह, बैठने का ढंग और मुंह की दिशा को लेकर मान्यताएं बताई गई हैं। वास्तु विशेषज्ञ बाबा बिमलेश के अनुसार सही दिशा और सही तरीके का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। छोटी बातों का असर घर के माहौल और सुख-समृद्धि पर पड़ सकता है, यह वास्तु की मान्यता है। वैज्ञानिक प्रमाण इन दावों के लिए जरूरी नहीं माना गया।
Vastu Tips for Eating Food: जमीन पर बैठना वास्तु में क्यों अच्छा कहा गया
मान्यता के अनुसार जमीन पर बैठकर खाना अच्छा माना जाता है। पुराने समय में लोग नीचे बैठकर भोजन करते थे। पालथी मारने से शरीर सीधा रहता है और आराम से खाया जा सकता है। यह परंपरा और विश्वास है, चिकित्सा सलाह नहीं।
सीधे फर्श पर क्यों न बैठें
बिना कुछ बिछाए फर्श पर बैठने की सलाह नहीं दी गई। वास्तु में शरीर और जमीन के बीच आसन रखने की बात कही गई है। साफ कपड़ा, चटाई या लकड़ी का छोटा पतरा बिछाया जा सकता है। इससे सीधा संपर्क नहीं रहता और सफाई भी बनी रहती है।
आसन के लिए क्या इस्तेमाल हो सकता है
साफ कपड़ा सबसे सुलभ विकल्प है। चटाई या लकड़ी का छोटा पतरा भी चलता है। गीला या मैला आसन न रखें। खाने के बाद आसन हटाकर जगह साफ रखना व्यावहारिक भी है। वास्तु यहां स्वच्छता से जुड़ता है।
Vastu Tips for Eating Food: पूर्व दिशा की ओर मुंह क्यों शुभ माना गया
पूर्व को शुभ दिशा कहा गया है। इस ओर मुंह करके भोजन करने से शरीर और मन के लिए अच्छा असर माना जाता है। इसे खास तौर पर सेहत से जोड़ा जाता है। यह वास्तु विश्वास है। हर घर की दिशा नापकर ही तय करें।
उत्तर दिशा किसे सुझाई गई
उत्तर को धन और ज्ञान से जुड़ी दिशा माना जाता है। इस तरफ मुंह करके खाना पढ़ाई करने वाले बच्चों और युवाओं के लिए अच्छा बताया गया है। परीक्षा या पढ़ाई वाले घर में यह मान्यता ज्यादा सुनी जाती है। परिणाम की गारंटी नहीं है।
Vastu Tips for Eating Food: पश्चिम दिशा काम से कैसे जोड़ी गई
पश्चिम को काम और तरक्की से देखा जाता है। व्यापार या नौकरी से जुड़े लोगों के लिए इस ओर मुंह करके खाना अच्छा माना गया है। यह भी शास्त्रीय मान्यता है। दुकान की दिशा और घर की दिशा अलग हो सकती है।
दक्षिण की ओर मुंह क्यों टालने को कहा गया
वास्तु में दक्षिण की ओर मुंह करके भोजन से बचने की सलाह है। इसे पितरों से जुड़ी दिशा माना जाता है। घर की बनावट ऐसी हो कि दक्षिण ही खुले तो व्यावहारिक समाधान अलग सोचें। मान्यता और मजबूरन बैठक अलग बातें हैं।
Vastu Tips for Eating Food: टेबल पर खाने वाले क्या करें
स्रोत में डाइनिंग टेबल की विस्तृत दिशा सूची नहीं दी गई। जो टेबल पर खाते हैं वे भी मुंह की दिशा देख सकते हैं, यदि स्थान मिले। जगह तंग हो तो जबरदस्ती न करें। सफाई और आराम पहले रखें।
दिशा और सेहत वाले दावे वास्तु मान्यताओं पर टिके हैं। वैज्ञानिक प्रमाण जरूरी नहीं माना गया। बाबा बिमलेश के अनुसार जमीन पर बैठना अच्छा माना जाता है, लेकिन सीधे फर्श पर नहीं। कपड़ा, चटाई या लकड़ी का पतरा बिछाएं। पूर्व सेहत, उत्तर पढ़ाई, पश्चिम काम से जोड़ा गया है। दक्षिण से बचने की सलाह है। घर की बनावट अनुमति दे तो अपनाएं, नहीं तो साफ और सहज भोजन ही काफी है।
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