ताज़ा खबर
NPS क्या है: नेशनल पेंशन सिस्टम में टियर 1 और टियर 2 खाता, निवेश विकल्प और निकासी के मूल नियम दिल्ली से लखनऊ तक पेट्रोल-डीजल के नए रेट UP PET 2026: सैकड़ों किमी दूर परीक्षा केंद्र से अभ्यर्थी परेशान, आयोग ने बताई वजह; जानें तारीख, पाली और जरूरी नियम खोया मोबाइल ब्लॉक कैसे करें: संचार साथी पोर्टल पर CEIR से IMEI ब्लॉक और फोन मिलने पर अनब्लॉक स्टैंड-अप इंडिया योजना में लोन के लिए आवेदन कैसे करें: महिला और SC-ST उद्यमियों के लिए पात्रता और प्रक्रिया काव्या मारन और अनिरुद्ध रविचंदर का शादी रिसेप्शन 21 नवंबर को चेन्नई में, तेलंगाना CMO ने दी जानकारी ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, पुलिस जांच में जुटी ब्राउजर प्राइवेसी: इनकॉग्निटो मोड असल में क्या छिपाता है, कुकीज, सेव पासवर्ड और जरूरी सेटिंग्स
ट्रेंडिंग
भारत

Sultanpur News: सुल्तानपुर की बेटी की मार्मिक अपील, पिता के इलाज के लिए चाहिए ₹21 लाख

Sultanpur News: सुल्तानपुर की बेटी की मार्मिक अपील, पिता के इलाज के लिए चाहिए ₹21 लाख

सारांश

  • Sultanpur News: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले अंतर्गत कूरेभार क्षेत्र की रहने वाली एक बेटी अदिति तिवारी अपने पिता की जान बचाने के लिए जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं।
  • कूरेभार क्षेत्र के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली अदिति तिवारी के पिता लंबे समय से लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।
  • परिवार को तत्काल चिकित्सकीय सहायता और दवाओं के प्रबंध के लिए आर्थिक सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से डिजिटल भुगतान का विवरण जारी किया गया है।
  • गंभीर बीमारियों के इलाज में आने वाला भारी खर्च देश भर में अनगिनत परिवारों की कमर तोड़ देता है।

Sultanpur News: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले अंतर्गत कूरेभार क्षेत्र की रहने वाली एक बेटी अदिति तिवारी अपने पिता की जान बचाने के लिए जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं। घर के मुखिया और पिता के लिवर संबंधी गंभीर रोग से ग्रसित होने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। चिकित्सकों ने इलाज, दवाओं और संभावित सर्जरी व क्रिटिकल केयर के लिए लगभग 21 लाख रुपये का अनुमानित खर्च बताया है। सीमित आय वाले साधारण परिवार के लिए इतनी विशाल धनराशि जुटाना असंभव साबित हो रहा है, जिसके चलते अदिति ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से प्रदेश और देश के सहृदय नागरिकों से आर्थिक सहयोग की मार्मिक अपील की है।

लिवर की गंभीर बीमारियों में नियमित जांच, अत्यधिक महंगी दवाइयां, विशेष चिकित्सकीय निगरानी और कई मामलों में अंग प्रत्यारोपण (लिवर ट्रांसप्लांट) जैसी जटिल प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है। समय बीतने के साथ-साथ उपचार का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसने परिवार को वित्तीय और मानसिक रूप से पूरी तरह असहाय कर दिया है।

Sultanpur News: अदिति तिवारी के परिवार पर टूटा संकट, 21 लाख रुपये के भारी खर्च की चुनौती

कूरेभार क्षेत्र के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली अदिति तिवारी के पिता लंबे समय से लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, यदि समय रहते समुचित उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रियाएं पूरी नहीं की गईं, तो स्थिति अत्यंत नाजुक हो सकती है।

मध्यमवर्गीय और सीमित संसाधनों वाले परिवारों के लिए लाखों रुपये का मेडिकल खर्च वहन करना जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी बन जाता है। पारिवारिक जमा-पूंजी और सगे-संबंधियों से मिलने वाला सहारा इस भारी-भरकम इलाज के सामने नाकाफी साबित हो चुका है। ऐसे कठिन समय में एक बेटी अपने पिता के जीवन की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और समाज के सक्षम लोगों की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है।

Sultanpur News: डिजिटल माध्यम से सीधे कर सकते हैं सहयोग, यूपीआई नंबर जारी

परिवार को तत्काल चिकित्सकीय सहायता और दवाओं के प्रबंध के लिए आर्थिक सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से डिजिटल भुगतान का विवरण जारी किया गया है। इच्छुक दानदाता और समाज के संवेदनशील नागरिक सीधे मरीज के परिवार तक सहयोग राशि पहुंचा सकते हैं।

सहयोग राशि भेजने के लिए विवरण:

  • मदद का माध्यम: गूगल पे (Google Pay), फोनपे (PhonePe), पेटीएम (Paytm)

  • सहयोग हेतु मोबाइल/यूपीआई नंबर: 7317675532 (अदिति तिवारी)

इस सहयोग अभियान में स्थानीय युवा समूह और सामाजिक संगठन ‘देवदूत वानर सेना’ भी मानवीय स्तर पर परिवार की आवाज को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। डिजिटल युग में क्राउडफंडिंग के जरिए छोटी-छोटी बूंदों से बड़ा संबल तैयार किया जा सकता है।

Sultanpur News: सामुदायिक सहयोग और मानवता की मिसाल बनने की अपील

गंभीर बीमारियों के इलाज में आने वाला भारी खर्च देश भर में अनगिनत परिवारों की कमर तोड़ देता है। ऐसे मुश्किल पलों में सामुदायिक सहभागिता और नागरिकों की एकजुटता ही किसी पीड़ित परिवार के लिए अंतिम संबल बनती है। किसी व्यक्ति द्वारा किया गया 100, 500 या 1000 रुपये का छोटा सा योगदान भी जब सामूहिक रूप लेता है, तो वह किसी को जीवनदान देने के लिए पर्याप्त हो जाता है।

अदिति तिवारी ने समाज के सभी सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से विनम्र आग्रह किया है कि वे इस संकट की घड़ी में उनके पिता को एक नया जीवन देने के लिए आगे आएं। आपका एक छोटा सा प्रयास इस बेटी के सिर से पिता का साया छिनने से बचा सकता है।

यह भी पढ़ें

लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

टिप्पणियां (7)

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X