क्रिकेट में ऐसे मुकाबले कम होते हैं जब दोनों टीमें आखिरी गेंद के बाद भी बराबर रन पर खड़ी हों। लेकिन जब ऐसा होता है, खासकर बड़े टूर्नामेंट के नॉकआउट में, तो विजेता तय करना जरूरी हो जाता है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी ICC के खेल नियमों में सुपर ओवर की व्यवस्था है। T20 इंटरनेशनल में यह लंबे समय से इस्तेमाल हो रहा है और ICC की खेल शर्तों में वनडे के लिए भी इसका प्रावधान है।
सुपर ओवर कब होता है
जब निर्धारित ओवरों का मैच पूरा हो जाए और दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहे, यानी मैच टाई हो, तब सुपर ओवर खेला जाता है। अगर बारिश या किसी और वजह से मैच पूरा ही न हो सके और नतीजा नियमों से तय हो जाए, तो सुपर ओवर की नौबत नहीं आती। किसी टूर्नामेंट या सीरीज के अपने नियम यह तय कर सकते हैं कि टाई मैच में सुपर ओवर होगा या नहीं, इसलिए हर प्रतियोगिता की खेल शर्तें देखनी होती हैं।

सुपर ओवर के बुनियादी नियम
- हर टीम को एक ओवर यानी 6 वैध गेंदें मिलती हैं
- हर टीम के पास केवल 2 विकेट होते हैं, यानी 3 बल्लेबाज उतर सकते हैं, दो विकेट गिरते ही पारी खत्म
- जिस टीम ने मैच में बाद में बल्लेबाजी की थी, वही सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करती है
- सुपर ओवर में ज्यादा रन बनाने वाली टीम जीतती है
- सुपर ओवर उसी पिच पर खेला जाता है जिस पर मैच हुआ, और फील्डिंग की पाबंदियां सामान्य नियमों के अनुसार लागू होती हैं
- सुपर ओवर में भी DRS उपलब्ध हो तो हर टीम को नियमों के अनुसार रिव्यू मिलता है
सुपर ओवर भी टाई हो जाए तो
यह नियम 2019 के बाद चर्चा में आया। 2019 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड का मैच और सुपर ओवर दोनों टाई रहे थे और विजेता बाउंड्री की संख्या से तय हुआ था। इस फैसले की काफी आलोचना हुई। इसके बाद ICC ने नियम बदला। अब ICC की खेल शर्तों के अनुसार अगर सुपर ओवर भी टाई हो जाए तो एक और सुपर ओवर खेला जाता है, और यह तब तक चलता है जब तक विजेता न मिल जाए। अपवाद तब है जब असाधारण हालात या समय की कमी के कारण आगे खेलना संभव न हो, तब मैच टाई माना जाता है।
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दोबारा सुपर ओवर के खास नियम
- पिछले सुपर ओवर में दूसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाली टीम अगले सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करती है
- जो बल्लेबाज पिछले सुपर ओवर में आउट हुआ था, वह अगले सुपर ओवर में बल्लेबाजी नहीं कर सकता
- जिस गेंदबाज ने पिछले सुपर ओवर में गेंदबाजी की थी, वह अगले सुपर ओवर में गेंदबाजी नहीं कर सकता
इन नियमों का मकसद यह है कि हर सुपर ओवर में टीमों को अपने दूसरे खिलाड़ियों पर भरोसा करना पड़े और मुकाबला संतुलित रहे।
सुपर ओवर में कौन खेल सकता है
मैच के अंत में टीम में शामिल खिलाड़ी ही सुपर ओवर में हिस्सा ले सकते हैं। मैच के दौरान नियमों के तहत आया कनकशन रिप्लेसमेंट जैसा खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा माना जाता है। बल्लेबाजों का क्रम कप्तान तय करता है, मैच के बल्लेबाजी क्रम का पालन जरूरी नहीं है।
कप्तान की रणनीति
सुपर ओवर में कप्तान आम तौर पर अपने सबसे आक्रामक बल्लेबाजों को उतारता है। गेंदबाजी में ऐसे गेंदबाज को चुना जाता है जो सटीक यॉर्कर डाल सके और दबाव में घबराए नहीं। बल्लेबाजी करने वाली टीम के पास केवल दो विकेट होते हैं, इसलिए जोखिम और रन गति के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को पता होता है कि कितने रन चाहिए, जो एक बड़ा फायदा माना जाता है।
भारत के यादगार सुपर ओवर
भारतीय टीम ने अलग-अलग फॉर्मेट में कई सुपर ओवर खेले हैं। 2007 टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान का ग्रुप मैच टाई होने पर बॉल आउट से नतीजा निकला था, जो उस समय का नियम था। बाद में बॉल आउट की जगह सुपर ओवर ने ले ली। आईपीएल में भी कई मुकाबले सुपर ओवर तक पहुंचे हैं और कुछ बार एक से ज्यादा सुपर ओवर खेलने पड़े हैं।
घरेलू और फ्रेंचाइजी लीग में नियम
आईपीएल और दूसरी लीगों की अपनी खेल शर्तें होती हैं, जो आम तौर पर ICC के नियमों से मिलती-जुलती हैं। लीगों में सुपर ओवर पूरा करने की एक समय सीमा भी तय होती है। सही जानकारी के लिए हर टूर्नामेंट की आधिकारिक खेल शर्तें देखनी चाहिए।
क्या सुपर ओवर के रन खिलाड़ी के रिकॉर्ड में जुड़ते हैं
नहीं, सुपर ओवर के रन और विकेट खिलाड़ियों के आधिकारिक करियर आंकड़ों में नहीं जोड़े जाते।
क्या टेस्ट मैच में सुपर ओवर होता है
नहीं, टेस्ट मैच में टाई या ड्रॉ नतीजा होता है, सुपर ओवर का प्रावधान सीमित ओवरों के क्रिकेट के लिए है।
स्रोत: ICC Playing Conditions, ICC Men’s T20I Playing Conditions





