Nepal Flood Death Toll: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने उत्तर और मध्य इलाकों में व्यापक तबाही मचाई है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से अचानक आई इस बाढ़ ने कस्बों और गांवों को बुरी तरह प्रभावित किया।

आंकड़ों के अनुसार अब तक 1,344 लोगों की मौत हो चुकी है और 5,053 लोग लापता हैं। बाढ़ से 32,963 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 13,095 लोगों को बचाया जा चुका है। निजी घरों की संख्या 7,570 तक नुकसान की चपेट में आई है। राहत और बचाव का काम अभी भी चल रहा है। जिलों के ब्योरे में चितवन, नवलपरासी और नुवाकोट सबसे अधिक प्रभावित दिखाई देते हैं।

Nepal Flood Death Toll: बाढ़ कब और कैसे आई

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों का हिमस्खलन हुआ। इसके बाद अचानक बाढ़ आ गई। उत्तर और मध्य नेपाल के कस्बे तथा गांव इस आपदा की चपेट में आए। नुकसान का दायरा अब कई जिलों तक फैल चुका है।

अब तक कितने लोग प्रभावित हुए

नेपाल पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से 32,963 लोग प्रभावित हो चुके हैं। अब तक 13,095 लोगों को बचाया गया है। घायलों की संख्या 5,663 बताई गई है। लापता लोगों का आंकड़ा 5,053 पर है और शिनाख्त कर सौंपे गए शवों की संख्या 96 है।

Nepal Flood Death Toll: जिलों के हिसाब से मौतों का ब्योरा

कुल मौतों का आंकड़ा 1,344 बताया गया है। रसुवा में 140, नुवाकोट में 184 और धादिंग में 67 मौतें दर्ज हैं। गोरखा में 73 तथा तनहुं में 38 लोगों की जान गई। नवलपरासी पूर्व में 221 और नवलपरासी पश्चिम में 212 मौतें बताई गई हैं।

चितवन में सबसे अधिक जानलेवा असर

चितवन में मौतों का आंकड़ा 359 तक पहुंच गया है। इसमें विभिन्न मानव अंगों सहित दर्ज मामलों का भी उल्लेख है। यह जिला अब तक के ब्योरे में सबसे अधिक प्रभावित दिखाई देता है। स्थानीय स्तर पर शिनाख्त और राहत का काम साथ-साथ चल रहा है।

Nepal Flood Death Toll: घरों को कितना नुकसान पहुंचा

निजी घरों की कुल 7,570 इकाइयों को नुकसान हुआ है। सरकारी संरचनाओं की संख्या 48 बताई गई है। इनमें 35 पूर्ण क्षतिग्रस्त हैं और 13 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। आबादी के बड़े हिस्से की छत अब राहत शिविरों पर निर्भर है।

स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र भी चपेट में

बाढ़ में कुल 18 विद्यालय प्रभावित हुए। इनमें 11 पूर्ण क्षतिग्रस्त हैं और 7 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। स्वास्थ्य संस्थाओं की संख्या 7 है। इनमें 4 पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं और 3 आंशिक रूप से प्रभावित हैं। इलाज और पढ़ाई दोनों प्रभावित हुए हैं।

Nepal Flood Death Toll: सड़क और पुलों की तबाही

सड़कों के 55 किलोमीटर हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त बताए गए हैं। मोटरेबल पुलों की संख्या 37 है, जिनमें 33 पूर्ण क्षतिग्रस्त हैं। झोलुंगे यानी झूला पुलों की संख्या 68 है। आवागमन टूटने से राहत पहुंचाना और भी कठिन हो गया है।

राहत और बचाव की मौजूदा स्थिति

पुलिस और बचाव दल प्रभावित इलाकों में तैनात हैं। अब तक 13,095 लोगों को निकाला जा चुका है। लापता लोगों की तलाश जारी है। क्षतिग्रस्त पुल और सड़कें राहत सामग्री पहुंचाने में बाधा बन रही हैं। काम दिन-रात चल रहा है।

Nepal Flood Death Toll: उत्तर और मध्य नेपाल पर पड़ा असर

आपदा का केंद्र उत्तर और मध्य नेपाल के गांव-कस्बे रहे। सीमा के पास हिमस्खलन के बाद पानी ने बस्तियां लील लीं। चितवन से नवलपरासी तक का इलाका सबसे अधिक चर्चा में है। घर, स्कूल, अस्पताल और सड़क एक साथ प्रभावित हुए हैं।

नेपाल में 26 अगस्त की अचानक बाढ़ ने भारी जनहानि और संपत्ति का नुकसान किया है। मौतों का आंकड़ा 1,344 तक पहुंच चुका है, 5,053 लोग लापता हैं और 32,963 लोग प्रभावित बताए गए हैं। चितवन, नवलपरासी पूर्व-पश्चिम, नुवाकोट और रसुवा सबसे अधिक चपेट में हैं।

साढ़े सात हजार से अधिक निजी घर, दर्जनों सरकारी भवन, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, 55 किलोमीटर सड़क और बड़ी संख्या में पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 13,095 लोगों को बचाया जा चुका है, पर तलाश और राहत अभी अधूरी है। आगे का काम क्षतिग्रस्त रास्तों को खोलने और लापता लोगों तक पहुंचने पर टिका है।

Read More Here

About The Author