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सहारनपुर मस्जिद ढहाए जाने पर ओवैसी ने उठाए सवाल, कहा- 1911 से हो रही थी नमाज

Saharanpur Mosque Demolition
Saharanpur Mosque Demolition

सारांश

  • Saharanpur Mosque Demolition: सहारनपुर मस्जिद विध्वंस के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं।
  • उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर स्थित एक मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के बाद यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
  • ओवैसी ने इस बात पर खास जोर दिया कि प्रशासन ने सुबह करीब 5 बजे इलाके की नाकाबंदी करने के बाद यह कार्रवाई की।
  • अपने बयान में ओवैसी ने हाल ही में बने नए वक्फ कानून का भी उल्लेख किया।

Saharanpur Mosque Demolition: सहारनपुर मस्जिद विध्वंस के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद 1911 से मौजूद थी और यहां लगातार नमाज पढ़ी जाती रही है।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर स्थित एक मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के बाद यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। इस कार्रवाई के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में मीडिया से बातचीत करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद सन 1911 से उस स्थान पर मौजूद थी और वहां लंबे समय से नियमित रूप से नमाज पढ़ी जाती रही है।

Saharanpur Mosque Demolition: ओवैसी ने योगी सरकार पर लगाया अदालत पर भरोसा न करने का आरोप

ओवैसी ने अपने बयान में सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि योगी प्रशासन उच्च न्यायालय पर भरोसा ही नहीं करता। उनके अनुसार अगर प्रशासन को मस्जिद को लेकर कोई आपत्ति थी, तो वह इस मामले को हायर कोर्ट में ले जा सकता था, लेकिन इसकी बजाय सुबह के समय इलाके की नाकाबंदी करके मस्जिद को गिरा दिया गया।

सुबह 5 बजे नाकाबंदी कर की सहारनपुर मस्जिद विध्वंस किया गया

ओवैसी ने इस बात पर खास जोर दिया कि प्रशासन ने सुबह करीब 5 बजे इलाके की नाकाबंदी करने के बाद यह कार्रवाई की। उनके मुताबिक इस तरह की जल्दबाजी और गोपनीयता के साथ मस्जिद को गिराया जाना यह दिखाता है कि सरकार जानबूझकर इस मामले को अदालत तक नहीं पहुंचने देना चाहती थी, ताकि किसी कानूनी अड़चन का सामना न करना पड़े।

एक सदी पुरानी इबादतगाह को गिराए जाने पर उठाया सवाल

ओवैसी ने सवाल उठाया कि एक ऐसी मस्जिद को कैसे गिराया जा सकता है, जहां सौ साल से भी ज्यादा समय से इबादत होती आ रही है। उनके अनुसार इतने पुराने धार्मिक स्थल को बिना पूरी न्यायिक प्रक्रिया अपनाए ध्वस्त करना गंभीर सवाल खड़े करता है।

Saharanpur Mosque Demolition मामले में नए वक्फ कानून का भी किया जिक्र

अपने बयान में ओवैसी ने हाल ही में बने नए वक्फ कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस नए कानून में भी मौजूदा ‘Waqf-by-user’ व्यवस्था की वैधता को बरकरार रखा गया है, यानी लंबे समय से धार्मिक उपयोग में आ रही संपत्तियों को वक्फ माना जाता रहेगा। ऐसे में उन्होंने सवाल किया कि जब कानून खुद इस व्यवस्था को मान्यता देता है, तो फिर मस्जिद के खिलाफ इतनी तेजी से कार्रवाई क्यों की गई।

सहारनपुर की इस मस्जिद को ध्वस्त किए जाने का मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों ही स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। असदुद्दीन ओवैसी के बयान के बाद इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

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लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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