धनतेरस और दिवाली पर नई गाड़ी घर लाना बहुत से परिवारों का सपना होता है। इन दिनों शोरूम में भारी भीड़ रहती है और कई डिलीवरी एक साथ होती हैं। जल्दबाजी में गाड़ी की जांच या कागजात देखने में चूक हो सकती है, जो बाद में परेशानी बनती है। जानिए नई गाड़ी की डिलीवरी से पहले की चेकलिस्ट।
बुकिंग के समय ही पक्का करें
- गाड़ी का मॉडल, वेरिएंट, रंग और फीचर लिखित में
- ऑन-रोड कीमत का पूरा ब्यौरा: एक्स-शोरूम कीमत, रजिस्ट्रेशन, रोड टैक्स, बीमा और दूसरे शुल्क
- छूट, एक्सचेंज बोनस और मुफ्त एक्सेसरी का वादा लिखित में
- डिलीवरी की संभावित तारीख
- बुकिंग राशि की रसीद
अक्सर ऑफर मौखिक रूप से बताए जाते हैं और डिलीवरी के समय उन पर विवाद होता है।

डिलीवरी से पहले गाड़ी की जांच
कई डीलर डिलीवरी से पहले गाड़ी की जांच, यानी PDI, की अनुमति देते हैं। संभव हो तो डिलीवरी से एक दिन पहले यह जांच करें।
- गाड़ी पर खरोंच, डेंट या रंग में फर्क तो नहीं
- ओडोमीटर पर बहुत ज्यादा किलोमीटर तो नहीं, नई गाड़ी पर आमतौर पर बहुत कम होने चाहिए
- सभी लाइट, हॉर्न, इंडिकेटर, वाइपर और AC काम कर रहे हैं
- टायर नए हैं और स्टेपनी व टूल किट मौजूद है
- चेसिस नंबर और इंजन नंबर बिल व कागजात से मिलते हैं
- गाड़ी के बनने की तारीख, जो VIN या प्लेट पर दी होती है
जरूरी कागजात
- टैक्स इनवॉइस, जिसमें GST और सभी शुल्क अलग-अलग लिखे हों
- बीमा पॉलिसी, जिसमें गाड़ी का सही विवरण हो
- रजिस्ट्रेशन का आवेदन या अस्थायी रजिस्ट्रेशन
- फॉर्म 21 और फॉर्म 22, जो डीलर और निर्माता की ओर से दिए जाते हैं
- वारंटी कार्ड और सर्विस बुकलेट
- गाड़ी की दोनों चाबियां
- लोन पर गाड़ी ली है, तो लोन के कागजात
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बीमा पर ध्यान
नई गाड़ी के लिए थर्ड पार्टी बीमा कानूनन जरूरी है। डीलर अक्सर अपना बीमा देते हैं, लेकिन आप दूसरी कंपनियों से तुलना कर सकते हैं। पॉलिसी में ये बातें देखें:
- आईडीवी, यानी गाड़ी का बीमित मूल्य
- जीरो डेप्रिसिएशन जैसे ऐड-ऑन और उनका प्रीमियम
- पर्सनल एक्सीडेंट कवर
- नाम, पता और गाड़ी का विवरण सही हो
रजिस्ट्रेशन और नंबर प्लेट
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आमतौर पर डीलर के जरिए होती है। रजिस्ट्रेशन की स्थिति परिवहन मंत्रालय के परिवहन पोर्टल पर देखी जा सकती है। नई गाड़ियों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी HSRP लगाने के नियम हैं, जिसकी जानकारी डीलर से लें। बिना नंबर प्लेट या अस्थायी रजिस्ट्रेशन की अवधि खत्म होने के बाद गाड़ी चलाना नियमों के खिलाफ है।
डिलीवरी के दिन
- भीड़ से बचने के लिए सुबह का समय चुनें
- मुफ्त एक्सेसरी गाड़ी में लगी हैं या नहीं, जांचें
- फीचर और पहली सर्विस की जानकारी लें
- सारे कागजात की फोटो या स्कैन कॉपी बना लें
गाड़ी में खराबी दिखे तो क्या करें?
डिलीवरी से पहले खराबी दिखे, तो उसे ठीक कराए बिना डिलीवरी न लें। बाद में दिक्कत हो, तो डीलर और कंपनी की ग्राहक सेवा में लिखित शिकायत करें। समाधान न मिले, तो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत की जा सकती है।
स्रोत: परिवहन सेवा, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





