ताज़ा खबर
ओम पुरी: अंबाला से NSD और FTII तक, अर्ध सत्य के इंस्पेक्टर वेलणकर, दो राष्ट्रीय पुरस्कार और हॉलीवुड ब्रिटिश फिल्मों तक का सफर टॉप 50 हेडलाइंस 31 अक्टूबर 2026 (रात): देश, प्रदेश और दुनिया की बड़ी खबरें एक नज़र में PM Fasal Bima Yojana for Rabi Crops: Premium Rates, How to Enrol and How to Claim दिवाली के बाद क्रेडिट कार्ड बिल: पूरा भुगतान, न्यूनतम राशि का जाल और बिल चुकाने की योजना BREAKING: डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में न्यूजीलैंड शीर्ष पर पहुंचा ऑस्ट्रेलिया को दक्षिण अफ्रीका से मिली हार PMAY-G: Who Gets a Pucca House Under PM Awas Yojana Gramin, Rs 1.20 Lakh Aid and How to Check the List विश्वनाथन आनंद: भारत के पहले ग्रैंडमास्टर, पांच बार विश्व चैंपियन, पहला खेल रत्न और देश में शतरंज क्रांति लाने वाले खिलाड़ी BREAKING: Prime Minister Approves New Delhi to Varanasi and Guwahati Bullet Train Corridor
ट्रेंडिंग
मनोरंजन

मनोज कुमार: हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी से देशभक्ति फिल्मों के सितारे तक, शहीद, उपकार और पूरब और पश्चिम की कहानी

उपकार से निर्देशन शुरू करने वाले मनोज कुमार ने देशभक्ति को परदे पर नई पहचान दी। जानिए उनका सफर।

पुराने फिल्म रील और कैमरे का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • हिंदी सिनेमा में जब देशभक्ति फिल्मों की बात होती है, तो मनोज कुमार का नाम सबसे पहले लिया जाता है।
  • विकिपीडिया के अनुसार उन्होंने 1957 में फैशन फिल्म से शुरुआत की।
  • विकिपीडिया के अनुसार 1970 की पूरब और पश्चिम को भारत और विदेश दोनों में पहचान मिली।
  • विकिपीडिया के अनुसार 1965 में उन्होंने हिमालय की गोद में जैसी फिल्म भी की।

हिंदी सिनेमा में जब देशभक्ति फिल्मों की बात होती है, तो मनोज कुमार का नाम सबसे पहले लिया जाता है। अभिनेता, निर्देशक, पटकथा लेखक और संपादक के रूप में उन्होंने चार दशक से ज्यादा काम किया। इस लेख में जानिए मनोज कुमार के जीवन और फिल्मी सफर की अहम बातें।

असली नाम और जन्म

विकिपीडिया पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार मनोज कुमार का असली नाम हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी था। उनका जन्म 24 जुलाई 1937 को एबटाबाद में हुआ, जो आज पाकिस्तान में है। विभाजन के कारण 10 साल की उम्र में उनका परिवार अपने पैतृक गांव जंडियाला शेर खान से दिल्ली आ गया।

मुख्य बातें: पुराने फिल्म रील और कैमरे का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

पढ़ाई और नाम

मनोज कुमार ने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से बीए की पढ़ाई की और फिर अभिनय की ओर गए। विकिपीडिया के अनुसार उन्होंने मनोज कुमार नाम 1949 की फिल्म शबनम में दिलीप कुमार के निभाए किरदार से प्रेरित होकर रखा।

शुरुआती फिल्में

विकिपीडिया के अनुसार उन्होंने 1957 में फैशन फिल्म से शुरुआत की। इसके बाद सहारा, चांद और हनीमून जैसी फिल्मों में छोटी भूमिकाएं कीं। 1961 की कांच की गुड़िया में उन्हें पहली मुख्य भूमिका मिली।

यह भी पढ़ें: Bigg Boss 20 प्रोमो: रीति तिवारी की भाषा पर विवाद, काजी तौकीर ने मनोज तिवारी का जिक्र किया | Riti Tiwari Bigg Boss 20: रिति तिवारी कौन हैं, मनोज तिवारी की बेटी बिग बॉस 20 में एंट्री, संगीत से बीजेपी सदस्यता तक सफर

पहली बड़ी सफलता

1962 में विजय भट्ट की हरियाली और रास्ता, जिसमें माला सिन्हा उनके साथ थीं, उनकी पहली बड़ी सफलता बनी। इसके बाद शादी, डॉक्टर विद्या, गृहस्थी और फूलों की सेज जैसी फिल्में भी अच्छी चलीं।

शहीद (1965)

विकिपीडिया के अनुसार 1965 से उनके स्टारडम की शुरुआत मानी जाती है। उस साल उनकी पहली फिल्म शहीद आई, जो क्रांतिकारी भगत सिंह के जीवन पर आधारित थी। इसे समीक्षकों और तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री दोनों की सराहना मिली और यह बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।

उपकार और जय जवान जय किसान

विकिपीडिया के अनुसार 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध के बाद प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने उनसे जय जवान जय किसान के नारे पर फिल्म बनाने को कहा। इसका नतीजा था उपकार (1967), जो उनके निर्देशन की पहली फिल्म थी। इसे समीक्षकों की खूब तारीफ मिली और यह उस समय की कमाई के मामले में बड़ी हिंदी फिल्मों में शामिल हुई।

पूरब और पश्चिम

विकिपीडिया के अनुसार 1970 की पूरब और पश्चिम को भारत और विदेश दोनों में पहचान मिली। 1971 में यह ब्रिटेन में रिलीज हुई और लंदन में 50 हफ्ते से ज्यादा चली।

1970 के दशक की बड़ी फिल्में

  • शोर: उन्होंने इसका निर्देशन और अभिनय किया। इसका गीत एक प्यार का नगमा है काफी लोकप्रिय हुआ और फिल्म को फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ संपादन पुरस्कार मिला।
  • रोटी कपड़ा और मकान: 18 अक्टूबर 1974 को रिलीज हुई यह सामाजिक फिल्म उन्होंने निर्देशित भी की, जिसमें शशि कपूर, अमिताभ बच्चन और जीनत अमान भी थे।
  • क्रांति (1981): इस ऐतिहासिक फिल्म का निर्देशन और अभिनय उन्होंने किया, जिसमें दिलीप कुमार, हेमा मालिनी और शशि कपूर भी थे।

अभिनय से विदाई

विकिपीडिया के अनुसार क्रांति के बाद उनका करियर ढलान पर आया। 1995 की मैदान ए जंग के बाद उन्होंने अभिनय छोड़ दिया। 1999 में उन्होंने अपने बेटे कुणाल गोस्वामी को लेकर जय हिंद का निर्देशन किया।

सम्मान

विकिपीडिया के अनुसार भारत सरकार ने उन्हें 1992 में पद्म श्री और 2015 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्हें एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और सात फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिले। अपने करियर में उन्होंने 55 फिल्मों में काम किया।

निधन

विकिपीडिया के अनुसार 4 अप्रैल 2025 को 87 साल की उम्र में मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में उनका निधन हुआ।

1960 के दशक की और फिल्में

विकिपीडिया के अनुसार 1965 में उन्होंने हिमालय की गोद में जैसी फिल्म भी की। 1966 में राज खोसला की दो बदन आई, जिसमें आशा पारेख उनके साथ थीं और शकील बदायूंनी के लिखे गीत लोकप्रिय हुए। 1968 में नील कमल ब्लॉकबस्टर रही और उस साल की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्म बनी। 1969 में साजन आई, जिसमें फिर आशा पारेख उनके साथ थीं।

लंदन में रिकॉर्ड

विकिपीडिया के अनुसार पूरब और पश्चिम ने ब्रिटेन में बॉक्स ऑफिस का रिकॉर्ड बनाया, जो 23 साल तक कायम रहा। 1994 में हम आपके हैं कौन ने यह रिकॉर्ड तोड़ा।

देशभक्ति की पहचान

शहीद, उपकार, पूरब और पश्चिम और क्रांति जैसी फिल्मों ने मनोज कुमार को देशभक्ति फिल्मों के चेहरे के रूप में स्थापित किया। विकिपीडिया के अनुसार उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे सफल और बहुमुखी कलाकारों में गिना जाता है।

शोर और रोटी कपड़ा और मकान का संगीत

विकिपीडिया के अनुसार शोर का गीत एक प्यार का नगमा है लता मंगेशकर और मुकेश ने गाया था और इसका संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने दिया। रोटी कपड़ा और मकान का संगीत भी लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का था और इसका एल्बम 1970 के दशक के सबसे ज्यादा बिकने वाले हिंदी फिल्म एल्बमों में रहा।

मनोज कुमार का असली नाम क्या था

हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी।

मनोज कुमार ने निर्देशन की शुरुआत किस फिल्म से की

उपकार (1967) से।

मनोज कुमार को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार कब मिला

2015 में।

शहीद फिल्म किसके जीवन पर आधारित थी

क्रांतिकारी भगत सिंह के जीवन पर।

स्रोत: Wikipedia: Manoj Kumar, Wikipedia: Upkar

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X