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Gen Z Savings Report 2026: जेन-जी कमाई का 40 प्रतिशत बचा रही है, मिलेनियल्स से आगे निकली युवा पीढ़ी

Gen Z Savings Report 2026
Gen Z Savings Report 2026

सारांश

  • Gen Z Savings Report 2026: जेन-जी को अक्सर सिर्फ मौज-मस्ती और खर्च करने वाली पीढ़ी माना जाता है।
  • यह अंतर दिखाता है कि युवा पीढ़ी भविष्य को लेकर पहले से अधिक सतर्क है।
  • पुरानी पीढ़ियों की तरह जेन-जी सिर्फ नौकरी या पेंशन के भरोसे नहीं रहना चाहती।
  • पचासी प्रतिशत युवाओं को यकीन है कि वे तय समय में अपने वित्तीय लक्ष्य हासिल कर लेंगे।

Gen Z Savings Report 2026: जेन-जी को अक्सर सिर्फ मौज-मस्ती और खर्च करने वाली पीढ़ी माना जाता है। लोग समझते हैं कि युवा गैजेट, यात्रा और कैफे पर पैसा उड़ा देते हैं। होम क्रेडिट इंडिया की रिपोर्ट द ग्रेट इंडियन वॉलेट 2026 इस धारणा को तोड़ती है। आंकड़े बताते हैं कि यह पीढ़ी कमाई का करीब चालीस प्रतिशत तक बचा रही है।

अट्ठावन प्रतिशत जेन-जी युवा हर महीने अपनी आय का एक तय हिस्सा नियमित रूप से बचाते हैं। यह आंकड़ा मिलेनियल्स के तिरेपन प्रतिशत और जेन-एक्स के चवालीस प्रतिशत से ज्यादा है। औसत मासिक आय करीब पैंतीस हजार रुपये है और इनमें से करीब चौदह हजार रुपये बचत में जा रहे हैं।

Gen Z Savings Report 2026: नियमित बचत में जेन-जी सबसे आगे

रिपोर्ट के अनुसार अट्ठावन प्रतिशत जेन-जी युवा हर महीने निश्चित राशि अलग रखते हैं। मिलेनियल्स में यह आदत तिरेपन प्रतिशत लोगों में है। जेन-एक्स में केवल चवालीस प्रतिशत लोग नियमित बचत करते हैं।

यह अंतर दिखाता है कि युवा पीढ़ी भविष्य को लेकर पहले से अधिक सतर्क है। मौज-मस्ती के साथ बचत की आदत एक साथ चल रही है। कुल मिलाकर ट्रेंड बचत और निवेश की ओर झुका हुआ है।

औसत आय और बचत का हिसाब

युवाओं की औसत मासिक कमाई करीब पैंतीस हजार रुपये बताई गई है। इसमें से लगभग इक्कीस हजार रुपये जरूरी घरेलू खर्च में चले जाते हैं। इसके बाद भी हर महीने औसतन चौदह हजार रुपये बचत हो रही है।

यह आंकड़ा कमाई के चालीस प्रतिशत के करीब बैठता है। खर्च के बाद बची रकम को युवा भविष्य के लिए अलग रख रहे हैं। आय सीमित होने के बावजूद बचत की कोशिश साफ दिखती है।

Gen Z Savings Report 2026: सभी युवा बचत नहीं कर पा रहे

तस्वीर का दूसरा पहलू भी रिपोर्ट में है। छत्तीस प्रतिशत युवा महंगाई और सीमित आय की वजह से बचत नहीं कर पाते। ग्यारह प्रतिशत युवा खर्च पूरे करने के लिए उधार लेते हैं।

इसके बावजूद समग्र रुझान सकारात्मक है। जो बचत कर पा रहे हैं वे नियमित रूप से कर रहे हैं। आय और महंगाई का दबाव कुछ युवाओं को पीछे खींच रहा है।

पांच साल में बिजनेस का बड़ा लक्ष्य

पुरानी पीढ़ियों की तरह जेन-जी सिर्फ नौकरी या पेंशन के भरोसे नहीं रहना चाहती। इकतीस प्रतिशत युवाओं का सबसे बड़ा वित्तीय लक्ष्य अगले पांच साल में अपना बिजनेस या स्टार्टअप शुरू करना या उसे बढ़ाना है।

अन्य लक्ष्यों में बच्चों की बेहतर पढ़ाई चौदह प्रतिशत है। पुराना कर्ज चुकाना दस प्रतिशत और खुद की कार खरीदना नौ प्रतिशत लोगों की प्राथमिकता है। स्वरोजगार की चाहत साफ दिखती है।

घर खरीदने की होड़, महिलाओं में ज्यादा जोश

सर्वे में इकतीस प्रतिशत लोगों ने अगले पांच साल में अपना घर खरीदना सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। किराए के मकान से निकलने की इच्छा मजबूत है। कामकाजी महिलाओं में यह रुझान और तेज है।

करीब चालीस प्रतिशत कामकाजी महिलाओं ने घर खरीदने को पहला वित्तीय लक्ष्य माना। पुरुषों में यह आंकड़ा उनतीस प्रतिशत रहा। आर्थिक भरोसा बढ़ने से युवा अपना आशियाना जल्द चाहते हैं।

Gen Z Savings Report 2026: लक्ष्यों को लेकर युवाओं का भरोसा

पचासी प्रतिशत युवाओं को यकीन है कि वे तय समय में अपने वित्तीय लक्ष्य हासिल कर लेंगे। यह आत्मविश्वास बचत की आदत और स्पष्ट प्राथमिकताओं से जुड़ा दिखता है। घर, बिजनेस और शिक्षा जैसे लक्ष्य सूची में ऊपर हैं।

रिपोर्ट युवाओं की सोच में बदलाव का संकेत देती है। खर्च के साथ योजना भी चल रही है। महंगाई के दबाव के बावजूद एक बड़ा हिस्सा नियमित बचत कर रहा है।

जेन-जी को केवल खर्च करने वाली पीढ़ी कहना अब आंकड़ों से मेल नहीं खाता। होम क्रेडिट इंडिया की रिपोर्ट बताती है कि अट्ठावन प्रतिशत युवा नियमित बचत करते हैं और कमाई का बड़ा हिस्सा भविष्य के लिए रख रहे हैं। औसत चौदह हजार रुपये मासिक बचत, घर खरीदने की प्राथमिकता और स्टार्टअप का सपना इसी सोच को दिखाते हैं।

साथ ही छत्तीस प्रतिशत युवा बचत नहीं कर पा रहे और कुछ उधार पर निर्भर हैं। कुल मिलाकर यह पीढ़ी मौज के साथ योजना भी बना रही है और अपने लक्ष्यों को लेकर आश्वस्त दिखती है।

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लेखक

Adarsh Pandey

आदर्श पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव में न्यूज़ राइटर हैं। वे देश की ताजा खबरें, आपका पैसा (कारोबार), मनोरंजन और लाइफस्टाइल से जुड़े विषय कवर करते हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें एक साल से अधिक का अनुभव है।

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