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FSSAI action: भ्रामक दावों के खिलाफ एफएसएसएआई की सख्ती, डाबर समेत कंपनियों पर कार्रवाई: विस्तृत रिपोर्ट

FSSAI action: भ्रामक दावों के खिलाफ एफएसएसएआई की सख्ती, डाबर समेत कंपनियों पर कार्रवाई: विस्तृत रिपोर्ट
FSSAI action

सारांश

  • FSSAI action: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने खाद्य पदार्थों की लेबलिंग और विज्ञापनों में भ्रामक व अतिशयोक्तिपूर्ण दावों पर अपनी कार्रवाई बेहद सख्त कर दी है।
  • खाद्य नियामक FSSAI का स्पष्ट कहना है कि किसी भी उत्पाद की बिक्री के लिए किए जाने वाले सभी दावे वैज्ञानिक प्रमाणों और तथ्यों पर पूरी तरह खरे उतरने चाहिए।
  • एफएसएसएआई के मौजूदा खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियमों के तहत, खाद्य पदार्थों से जुड़ा कोई भी पोषण या स्वास्थ्य संबंधी दावा तथ्यात्मक और वैज्ञानिक जांच से प्रमाणित होना आवश्यक है।
  • मानकों और नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ FSSAI के पास कड़े दंडात्मक कदम उठाने का अधिकार है।

FSSAI action: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने खाद्य पदार्थों की लेबलिंग और विज्ञापनों में भ्रामक व अतिशयोक्तिपूर्ण दावों पर अपनी कार्रवाई बेहद सख्त कर दी है। इसी क्रम में देश की जानी-मानी एफएमसीजी (FMCG) कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड के खिलाफ बड़ा कदम उठाया गया है। एफएसएसएआई ने डाबर के कई प्रमुख उत्पादों जैसे शहद, सेब का सिरका, वर्जिन नारियल तेल, तिल का तेल, गाय का घी, नारियल पानी और नारियल का दूध आदि की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। इन उत्पादों की पैकेजिंग और वेबसाइट विज्ञापनों में कंपनी द्वारा “100% प्राकृतिक”, “100% शुद्ध”, “100% प्योरिटी की गारंटी” और “100% ऑर्गेनिक” जैसे दावे किए जा रहे थे।

FSSAI action: नियमों का उल्लंघन और एफएसएसएआई के स्पष्ट दिशानिर्देश

खाद्य नियामक FSSAI का स्पष्ट कहना है कि किसी भी उत्पाद की बिक्री के लिए किए जाने वाले सभी दावे वैज्ञानिक प्रमाणों और तथ्यों पर पूरी तरह खरे उतरने चाहिए। डाबर के मामले में नियामक ने पाया कि “100%” (सौ प्रतिशत) शब्द का इस्तेमाल ‘एफएसएस (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018’ के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। नियामक के अनुसार, इस प्रकार के अस्पष्ट और अप्रामाणिक शब्द उपभोक्ताओं में उत्पाद के पूरी तरह शुद्ध होने की गलतफहमी पैदा करते हैं। इससे पहले मई 2025 में भी FSSAI ने पूरी इंडस्ट्री के लिए एक एडवाइजरी जारी कर खाद्य कारोबारियों (FBOs) को लेबलिंग, पैकेजिंग और प्रमोशन में “100%” जैसे शब्दों का उपयोग न करने की सख्त सलाह दी थी।

FSSAI action: खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग मानकों के कानूनी प्रावधान

एफएसएसएआई के मौजूदा खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियमों के तहत, खाद्य पदार्थों से जुड़ा कोई भी पोषण या स्वास्थ्य संबंधी दावा तथ्यात्मक और वैज्ञानिक जांच से प्रमाणित होना आवश्यक है। बिना पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों के “100% शुद्ध”, “100% प्राकृतिक” या “100% सुरक्षित” जैसे भ्रामक बयानों की अनुमति नहीं है। इसके अलावा, बिना आधिकारिक FSSAI मंजूरी के उत्पादों पर ‘जैविक भारत’ (Jaivik Bharat) लोगो का उपयोग करना भी गैर-कानूनी है। ये नियम बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनाए रखने और उपभोक्ताओं को गुमराह होने से बचाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।

FSSAI action: नियम उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान और हालिया उदाहरण

मानकों और नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ FSSAI के पास कड़े दंडात्मक कदम उठाने का अधिकार है। इसमें भ्रामक विज्ञापनों को हटाने का कारण बताओ नोटिस, भारी वित्तीय जुर्माना, संबंधित उत्पादों की बिक्री व वितरण पर रोक और गंभीर मामलों में कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द या निलंबित करना शामिल है। उदाहरण के लिए, हाल ही में ‘वेस्टेंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था, जो उत्पादों पर मैन्युफैक्चरिंग/एक्सपायरी डेट बदलने, फर्जी लेबल लगाने और गलत जानकारी वाले प्रॉडक्ट बेचने जैसे गंभीर उल्लंघनों में लिप्त पाई गई थी।

FSSAI action: उपभोक्ताओं पर प्रभाव, पारदर्शिता और उद्योग के लिए संदेश

सामान्य उपभोक्ता अक्सर डिब्बों पर लिखे “100% शुद्ध” या “100% प्राकृतिक” जैसे दावों पर भरोसा करके खरीदारी करते हैं। जब ये दावे झूठे साबित होते हैं, तो उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ स्वास्थ्य जोखिमों का भी सामना करना पड़ता है। डाबर जैसे स्थापित और बड़े ब्रांड पर नियामक की इस सख्त कार्रवाई से पूरी इंडस्ट्री में एक स्पष्ट संदेश गया है कि कोई भी कंपनी नियमों से ऊपर नहीं है। खाद्य क्षेत्र की सभी छोटी-बड़ी कंपनियों को अब अपनी पैकेजिंग, मार्केटिंग सामग्री और विज्ञापनों की समीक्षा कर वैज्ञानिक आधार जुटाने होंगे, जिससे बाजार में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा।

आधिकारिक जानकारी के लिए देखें: FSSAI

स्रोत: FSSAI (fssai.gov.in)

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लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

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