Khavdya Dongar Tragedy: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित खवद्या डोंगर पर 18 वर्षीय कुणाल चांदगुडे और उसके माता-पिता की खाई में गिरने से हुई मौत के बाद नया मोड़ सामने आया है। कुणाल की मौसी पल्लवी पाटिल ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज किया है।

पल्लवी पाटिल ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से इस दुखद घड़ी में झूठी अफवाहें न फैलाने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुणाल द्वारा आईफोन न मिलने के कारण आत्महत्या का दबाव बनाने की खबरें पूरी तरह मनगढ़ंत और तथ्यहीन हैं।

Khavdya Dongar Tragedy: सोशल मीडिया पर व्यूज के लिए फैलाई जा रही अफवाहें

पल्लवी पाटिल ने अपने वीडियो में कहा कि कुछ लोग केवल व्यूज और लाइक्स हासिल करने के लिए परिवार के बारे में बिना सच्चाई जाने वीडियो बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बहन संगीता, भांजा कुणाल और जीजा मुरलीधर के जाने से पूरा परिवार बिखर गया है।

उन्होंने कहा कि जब वे तीनों की अस्थियां एकत्र करने जा रहे थे, तब उनके मोबाइल पर इस तरह के फर्जी वीडियो आ रहे थे। इन वीडियो को देखकर परिवार के बुजुर्गों और अन्य सदस्यों को गहरा मानसिक आघात पहुंचा है और उनका दिल बैठ गया है।

पुलिस जांच में पारिवारिक विवाद की बात आई सामने

मामले की जांच कर रहे पुलिस उपायुक्त (जोन-1) पंकज अतुलकर ने बताया कि शुरुआती जांच के अनुसार यह घटना परिवार के आंतरिक मतभेदों का परिणाम लग रही है। पुलिस अब परिवार के बीच के पुराने तनावों और अन्य कारणों की गहनता से जांच कर रही है।

हालांकि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2025 में कुणाल आईफोन की मांग को लेकर इसी पहाड़ी पर गया था और जान देने की धमकी दी थी। उस समय पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था, लेकिन इस बार मामला अलग था।

Khavdya Dongar Tragedy: अतीत में भी परिवार ने झेला है बड़ा दुख

जांच में यह भी सामने आया है कि इस परिवार ने करीब एक दशक पहले अपने बड़े बेटे कपिल को एक बीमारी के कारण खो दिया था। कुणाल उनका इकलौता जीवित बेटा था, जिसने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे।

वह वर्तमान में नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पुलिस संगीता चांदगुडे के सोशल मीडिया अकाउंट्स और उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए फोनों के ईएमआई भुगतान से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि घटना की सही वजह पता चल सके।

छत्रपति संभाजीनगर की यह हृदयविदारक घटना किसी भी परिवार के लिए बेहद दर्दनाक है। पुलिस प्रशासन मामले के सभी कानूनी और व्यावहारिक पहलुओं की निष्पक्ष जांच में जुटा है ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस कठिन समय में पल्लवी पाटिल की अपील हमें यह याद दिलाती है कि किसी भी त्रासदी के बाद केवल व्यूज के लिए अधूरी या भ्रामक जानकारी फैलाना पीड़ित परिवार के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। समाज को ऐसी संवेदनशील घटनाओं पर संयम और सहानुभूति दिखाने की सख्त जरूरत है।

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