Aaj Ka Mausam 26 August 2026: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार 26 अगस्त 2026 को देश के 23 से अधिक राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। झारखंड और उसके आसपास के इलाकों में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) तथा सक्रिय मानसून ट्रफ के चलते उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के विस्तृत भूभाग में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो दिनों की झमाझम बारिश के बाद आज भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और विभिन्न इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने आम नागरिकों, यात्रियों और किसानों को खराब मौसम के दौरान खुले में न रहने, आकाशीय बिजली से बचाव के सुरक्षा नियमों का पालन करने और स्थानीय प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने की स्पष्ट सलाह दी है।
Aaj Ka Mausam 26 August 2026: दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा, उमस के बीच तेज बारिश और हवाओं का पूर्वानुमान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर शहरों में बुधवार को आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, सेंट्रल दिल्ली, नई दिल्ली, शाहदरा, दक्षिणी और पश्चिमी दिल्ली समेत लगभग सभी क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दक्षिण-पूर्वी दिशा से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
राजधानी में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के निचले इलाकों में जलभराव के कारण सुबह और शाम के पीक ट्रैफिक घंटों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाले मार्गों से बचने और अंडरपास पार करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में मूसलाधार बारिश का तांडव: वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट
पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून का उग्र रूप देखने को मिल रहा है। वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, गाजीपुर, जौनपुर और आजमगढ़ सहित आसपास के जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। राज्य में 50 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और कई स्थानों पर मेघगर्जन के साथ बिजली गिरने की आशंका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी।
पड़ोसी राज्य बिहार में अगले 48 से 72 घंटों तक भारी वर्षा, आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बिहार के जिलों जैसे पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया और पश्चिमी चंपारण में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सलाह दी है कि वे खेतों में काम करते समय बादलों की गड़गड़ाहट होते ही तुरंत पक्के मकानों में शरण लें और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बाढ़ जैसी स्थिति: रीवा-सतना संभाग में फ्लैश फ्लड का खतरा
मध्य भारत में निम्न दबाव का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भीषण बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में 50 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने रीवा और सतना के नदी तटीय इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) और जलस्तर में तीव्र वृद्धि का जोखिम जताया है।
छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य भागों में भी व्यापक वर्षा की संभावना है। रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभागों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बरसात होने के आसार हैं। स्थानीय प्रशासन ने बांधों के जलस्तर पर पैनी नजर रखने और निचले गांवों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भोपाल और इंदौर संभाग में भी मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
झारखंड, बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
झारखंड के ऊपर बने मानसूनी सिस्टम के कारण रांची, जमशेदपुर, धनबाद और दुमका सहित अधिकांश जिलों में दिनभर मूसलाधार बारिश की संभावना है। पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और उप-हिमालयी जिलों में व्यापक वर्षा का अनुमान है। ओडिशा के तटीय और उत्तरी जिलों में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी।
पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मणिपुर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। असम और मेघालय में ऊपरी हवाओं का चक्रवाती परिसंचरण बने होने के कारण पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आ सकती हैं, जिससे संपर्क मार्गों पर आवाजाही बाधित होने की आशंका है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का साया: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों को हिदायत
उत्तराखंड के बागेश्वर, चंपावत, देहरादून, पिथौरागढ़, ऋषिकेश, हरिद्वार और टिहरी गढ़वाल जिलों में बुधवार को आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से हवाएं चल सकती हैं। संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन और बोल्डर गिरने की संभावना को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के सोलन, कांगड़ा, ऊना, मंडी, कुल्लू और बिलासपुर में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पर्यटकों व स्थानीय निवासियों को नदियों, झरनों और बरसाती नालों के किनारे न जाने तथा अनावश्यक यात्राएं टालने की कड़ी सलाह दी है।
पश्चिमी और दक्षिणी भारत का मौसम: कोंकण-गोवा और केरल में तेज बारिश का दौर
पश्चिमी तट पर कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में मानसूनी हवाओं के प्रभाव से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मुंबई और ठाणे में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा, बारां और उदयपुर संभागों में तेज हवाओं और मेघगर्जन के साथ अच्छी बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान के जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क या हल्की बूंदाबांदी वाला रहेगा।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल, माहे और तटीय कर्नाटक के हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज हवाओं के चलते मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है।
Aaj Ka Mausam 26 August 2026: किसानों और आम नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां एवं मौसम का निष्कर्ष
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खरीफ की फसलों में अतिरिक्त पानी के निकास का उचित प्रबंध करें और कीटनाशकों या उर्वरकों के छिड़काव को कुछ समय के लिए स्थगित कर दें। खेतों में जलजमाव से दलहन और तिलहन की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें क्योंकि पानी में खुले मैनहोल या टूटे बिजली के तार जानलेवा साबित हो सकते हैं। खराब मौसम में यात्रा करने से पूर्व राज्य परिवहन और मौसम विभाग के ताजा अलर्ट की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। आगामी 2-3 दिनों तक देश के पूर्वी और मध्य राज्यों में मानसून की यह सक्रियता लगातार बनी रहने वाली है।
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