CM Yogi: सोमवार को बहराइच के समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपालगंज रोड और वाराणसी के बीच ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल जुड़े। सीमा से सटे इस खंड पर ब्रॉडगेज गाड़ियां दशकों बाद नियमित रूप से दौड़ने लगीं।
पहले दिन नेपालगंज रुपईडीहा से वाराणसी की ओर नई सेवा का जिक्र रहा। अब रूट पर चार गाड़ियां बताई गई हैं दो एक्सप्रेस, दो पैसेंजर। यूपी के कई स्टेशनों पर ठहराव होगा। यात्री पूछ रहे हैं टाइम टेबल कितना पक्का है और सीमा पार जाना कितना आसान होगा।
CM Yogi: ब्रॉडगेज क्यों मायने रखता है
सीएम ने कहा कि नेपालगंज रोड पर ब्रॉडगेज संचालन पुराना सपना पूरा करने जैसा है। बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड खंड पहले मीटर गेज का प्रतीक रहा। सीमा क्षेत्र को पिछड़ा मान लेने की शिकायत उन्होंने भाषण में की। नानपारा को भारत का प्रवेश द्वार बताया।
56 किलोमीटर का यह काम करीब 730 करोड़ रुपये में समय सीमा के अंदर पूरा होने का दावा किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्रालय की प्रेरणा का उल्लेख रहा। मीटर गेज पर गति और माल ढुलाई दोनों सीमित रहते हैं। ब्रॉडगेज से डिब्बे और इंजन का मेल बाकी नेटवर्क से बैठता है।
देखने पर लगता है कि पटरी बदलना उतना दिखता नहीं जितना कनेक्टिविटी का भाषण। किसान और व्यापारी पूछेंगे माल गाड़ी कब नियमित हुई।
चार ट्रेनों का ढांचा
14214 डाउन नेपालगंज रोड-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस सुबह 4 बजे नेपालगंज रोड से चलकर दोपहर 1.35 बजे वाराणसी पहुंचने वाली बताई गई। वापसी 14213 अप वाराणसी से दोपहर 2 बजे छूटेगी और रात 11 बजे नेपालगंज रोड पर रुकेगी।
15131 और 15132 नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस का भी संचालन बताया गया। गोंडा से नेपालगंज रोड के लिए दो मेमू-पैसेंजर 75109/75110 और 75111/75112 सुबह 5 बजे व दोपहर 12.30 बजे गोंडा से चलेंगी। बहराइच से वाराणसी-गोंडा की सीधी कड़ी इसी से जुड़ती है।
मामला कुछ इस तरह से है कि संख्या चार दिखती है, आसानी टिकट और समय पर निर्भर करेगी। सुबह 4 बजे की गाड़ी मजदूर और व्यापारी दोनों के काम की हो सकती है, अगर कोच साफ और इंजन पक्के हों।
उद्घाटन विशेष गाड़ी कहां-कहां रुकी
शुभारंभ पर 05064 नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी विशेष गाड़ी दोपहर 2.45 बजे नेपालगंज रोड से चली। नानपारा, रिसिया, बहराइच, पयागपुर, गोंडा होते हुए बलरामपुर, तुलसीपुर, बढ़नी, शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर, आनंदनगर और गोरखपुर की कड़ी जुड़ी। रात भर पूर्वांचल के स्टेशन कटते गए। चौरीचौरा, देवरिया, भटनी, मऊ होते हुए सुबह सारनाथ के बाद वाराणसी सिटी पहुंचने का समय 5.25 बजे बताया गया।
सत्रह कोच लगे—जनरेटर-लगेज, सामान्य द्वितीय, एसी द्वितीय एक, एसी तृतीय दो और शयनयान सात। विशेष गाड़ी का लंबा ठहराव समारोह के लिए है। रोज की इंटरसिटी इतने स्टेशन नहीं काटेगी। यात्री को नियमित चार्ट देखना चाहिए, उद्घाटन सूची नहीं।
CM Yogi: संस्कृति, तीर्थ और व्यापार का स्वर
योगी ने नेपाल को केवल राजनीतिक मित्र नहीं, साझी विरासत बताया। काशी विश्वनाथ, गोरखपुर, जनकपुर और अयोध्या का नाम एक ही सांस में लिया। ट्रेन विश्वनाथ धाम तक पहुंचाने वाली कड़ी कही गई। पर्यटन और कृषि को नया आयाम मिलने की उम्मीद जताई गई।
कनेक्टिविटी से विकास की गति बढ़ने वाला वाक्य हर रेल उद्घाटन में आता है। सीमा हाट, तीर्थयात्री और मजदूर असल परीक्षा होंगे। नेपालगंज सड़क पहले से व्यापारिक पड़ाव है। रेल सस्ता माल और कम समय दे तो असर दिखेगा।
एक छोटा ट्विस्ट यह है कि भाषण “नेपाल के लिए ट्रेन” कहता है, पटरी नेपालगंज रोड स्टेशन तक भारतीय भूभाग पर है। सीमा पार अंतिम मील बस और पैदल अब भी तय करना पड़ सकता है। कागजी आव्रजन अलग प्रक्रिया है। उम्मीदें पार कर दें तो निराशा कम होगी।
सोमवार को बहराइच से नेपालगंज रोड-वाराणसी रेल सेवा का शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झंडी दिखाई, रेल मंत्री वर्चुअल जुड़े। दो एक्सप्रेस और दो पैसेंजर सहित चार गाड़ियां बताई गई हैं। 56 किलोमीटर ब्रॉडगेज पर 730 करोड़ की लागत का उल्लेख रहा। पूर्वांचल के दर्जन भर स्टेशनों से वाराणसी जुड़ने का दावा है। नियमित चार्ट, टिकट और माल ढुलाई पर असर आने वाले हफ्तों में साफ होगा। यात्री आधिकारिक समय सारिणी देखकर सफर बांधें।
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