Termites in Wall : घर की दीवार से अचानक मिट्टी या प्लास्टर जैसी परत झड़ने लगे तो सबसे पहले सीलन का ख्याल आता है। लेकिन हर बार इसकी वजह नमी ही नहीं होती। कई बार दीवार पर दिखने वाली मिट्टी की पतली लकीरें या सुरंग जैसी परत घर में दीमक होने का संकेत हो सकती हैं। खासकर अगर ये निशान दरवाजे, चौखट या लकड़ी के सामान के आसपास दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही पहचान से समय रहते बचाव संभव है। सीलन और दीमक के बीच फर्क समझना जरूरी है।
Termites in Wall : मिट्टी की पतली लकीर दिखे तो ध्यान दें
दीमक अक्सर एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए मिट्टी से छोटी-छोटी सुरंग बनाती है। ये सुरंगें दीवार पर चिपकी हुई मिट्टी की पतली पट्टी जैसी लगती हैं। कई बार ये जमीन या फर्श के पास से शुरू होकर दीवार, दरवाजे या लकड़ी की चौखट तक जाती दिखाई देती हैं। सफाई के बाद भी उसी जगह दोबारा मिट्टी जैसी परत बनने लगे तो उस हिस्से को ध्यान से देखना चाहिए।
घर के किन हिस्सों पर नजर रखें
घर के निचले हिस्से, लकड़ी की चौखट और फर्नीचर के आसपास ऐसे निशानों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। दीमक इन जगहों पर आसानी से सक्रिय हो सकती है। नियमित सफाई के बावजूद मिट्टी के निशान दोबारा दिखें तो जांच जरूरी हो जाती है। लकड़ी वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दें।
सीलन के आम संकेत
सीलन की वजह से दीवार पर आमतौर पर नमी के धब्बे पड़ते हैं। पेंट फूलने या उखड़ने लगता है और प्लास्टर धीरे-धीरे झड़ सकता है। कई बार दीवार पर सफेद पाउडर या नमक जैसी परत भी नजर आती है। दीवार छूने पर नम महसूस हो सकती है। ये लक्षण नमी की ओर इशारा करते हैं।
Termites in Wall : दीमक होने पर दिखने वाले निशान
दीमक होने पर मिट्टी की सुरंग, लकड़ी के पास मिट्टी जमा होना या लकड़ी का अंदर से कमजोर होना जैसे संकेत मिल सकते हैं। सिर्फ एक निशान देखकर यह तय करना मुश्किल है कि समस्या सीलन की है या दीमक की। दोनों के लक्षण अलग-अलग हैं लेकिन कभी-कभी एक साथ भी नजर आते हैं।
लकड़ी की जांच कैसे करें
दीमक का सबसे ज्यादा नुकसान लकड़ी को होता है और इसकी शुरुआत अक्सर अंदर से होती है। दरवाजा या चौखट ऊपर से बिल्कुल ठीक दिख सकती है लेकिन अंदर से कमजोर हो सकती है। लकड़ी दबाने पर असामान्य रूप से नरम लगे, खोखली आवाज आए या आसपास मिट्टी की सुरंग दिखे तो जांच करवाना बेहतर है। बाहरी दिखावा धोखा दे सकता है।
सीलन और दीमक साथ भी हो सकते हैं
घर में लंबे समय तक बनी रहने वाली नमी दीमक के लिए अनुकूल माहौल बना सकती है। पानी का रिसाव, गीली मिट्टी या लकड़ी के आसपास पानी जमा रहने से समस्या बढ़ सकती है। दीवार पर मिट्टी के निशान के साथ सीलन भी हो तो केवल पेंट या प्लास्टर ठीक करवाने से काम नहीं चलेगा।
Termites in Wall : कब एक्सपर्ट से संपर्क करें
पहले यह पता लगाना जरूरी है कि नमी कहां से आ रही है और कहीं दीमक तो सक्रिय नहीं है। अगर मिट्टी की सुरंग बार-बार बन रही है या लकड़ी में नुकसान नजर आ रहा है तो समय रहते विशेषज्ञ से जांच करवाना ही बेहतर है। देर करने से नुकसान बढ़ सकता है। सही निदान के बाद ही इलाज करें।
दीवार से मिट्टी या प्लास्टर झड़ना हमेशा सीलन का संकेत नहीं होता। मिट्टी की पतली सुरंगें दीमक की मौजूदगी की ओर इशारा कर सकती हैं। दरवाजे, चौखट और लकड़ी के आसपास ऐसे निशान दिखें तो ध्यान दें। सीलन में नमी के धब्बे और पेंट उखड़ना आम है जबकि दीमक में सुरंग और अंदर से कमजोर लकड़ी मिलती है। दोनों समस्याएं साथ भी हो सकती हैं। बार-बार मिट्टी के निशान या लकड़ी में नुकसान दिखे तो विशेषज्ञ से जांच करवाएं। समय रहते पहचान से घर को नुकसान से बचाया जा सकता है।
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