Sugar Price Today: शारदीय नवरात्रि, करवा चौथ, धनतेरस और दीपावली के आगमन के साथ ही देशभर के खाद्य व कमोडिटी बाजारों में चीनी की मांग और आपूर्ति की स्थिति पर हलचल तेज हो गई है। त्योहारी सीजन के दौरान पारंपरिक मिठाइयों, बेकरी उत्पादों और घरेलू पकवानों के लिए चीनी की थोक खपत में भारी उछाल आता है, जिसके चलते थोक मंडियों से लेकर खुदरा दुकानों तक कीमतों पर निरंतर दबाव देखा जा रहा है। 17 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध बाजार और मूल्य निगरानी आंकड़ों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में चीनी की खुदरा कीमतें 55 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में बनी हुई हैं, जबकि थोक बाजारों में भी पिछले दिनों के मुकाबले दरों में मजबूती दर्ज की गई है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के दैनिक मूल्य निगरानी पोर्टल के अनुसार, अखिल भारतीय स्तर पर चीनी का औसत खुदरा मूल्य 57.82 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर रिपोर्ट हुआ था, जबकि औसत थोक दर 5,375.44 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास दर्ज की गई।
Sugar Price Today: थोक और खुदरा बाजार में चीनी के ताजा भाव की स्थिति
उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्टूबर के कारोबारी सत्र में चीनी की अखिल भारतीय औसत खुदरा दर 57.82 रुपये प्रति किलो और थोक भाव 5,375.44 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि राष्ट्रीय औसत के मुकाबले अलग-अलग राज्यों और शहरों के स्थानीय बाजारों में वास्तविक दरों में 2 से 5 रुपये प्रति किलोग्राम तक का अंतर देखने को मिलता है।
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और बिहार के प्रमुख खुदरा बाजारों में पैक्ड और खुली चीनी के दाम स्थानीय परिवहन लागत, थोक व्यापारी के कमीशन और रिटेलर के मुनाफे को जोड़कर 56 से 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंच रहे हैं। सुदूर पूर्वोत्तर राज्यों और पहाड़ी क्षेत्रों में ढुलाई खर्च अधिक होने के कारण खुदरा भाव 62 से 65 रुपये प्रति किलो के स्तर को भी छू रहे हैं। थोक मंडियों में मिलों से सीधी आपूर्ति के भाव (एक्स-मिल रेट) में हालिया दिनों में हुई वृद्धि ने खुदरा दरों को नीचे आने से रोक रखा है।
त्योहारी मांग से एक्स-मिल कीमतों में तेज उछाल
अक्टूबर के पहले पखवाड़े में चीनी की एक्स-मिल कीमतों में अप्रत्याशित तेजी देखी गई। देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों—उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र—की मिलों में कीमतों का रुख काफी तेज रहा। व्यापारिक रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में चीनी की एक्स-मिल कीमत जो 6 अक्टूबर को 4,600 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास थी, वह 12 अक्टूबर तक बढ़कर 5,200 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गई, जो मात्र छह दिनों में लगभग 13 प्रतिशत की सीधी बढ़ोतरी दर्शाती है।
इसी प्रकार महाराष्ट्र की मिलों में भी एक्स-मिल दरें 4,350 रुपये से उछलकर 5,100 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गईं, जो करीब 17 प्रतिशत की वृद्धि है। मुजफ्फरनगर, शामली और लखीमपुर खीरी जैसी उत्तर प्रदेश की प्रमुख चीनी मंडियों में एम-ग्रेड चीनी 5,280 से 5,320 रुपये प्रति क्विंटल पर कारोबार करती देखी गई, जबकि कोल्हापुर और सांगली में एस-ग्रेड चीनी 5,130 से 5,200 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में रही। त्योहारी मांग के चलते हलवाइयों, मिठाई निर्माताओं और पेय पदार्थ कंपनियों की थोक खरीदारी ने आपूर्ति शृंखला पर गहरा असर डाला है।
कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार के कड़े कदम
बाजार में त्योहारी मांग के दौरान जमाखोरी रोकने और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कई नीतिगत फैसले लिए हैं। सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए अक्टूबर माह के लिए अतिरिक्त चीनी कोटा जारी करने के साथ-साथ मिलों को नई पेराई से उत्पादित चीनी को अक्टूबर और नवंबर दोनों महीनों में बेचने की विशेष अनुमति प्रदान की है। यह व्यवस्था सामान्य मासिक बिक्री कोटे से अलग रखी गई है ताकि मिलों के पास मौजूद चीनी बिना किसी अड़चन के तुरंत बाजार में पहुंच सके।
इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने चीनी व्यापारियों और थोक डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा (Stockholding Limits) को भी कड़ा कर रखा है। पूर्व में निर्धारित 4,000 क्विंटल की सीमा को घटाकर 2,000 क्विंटल कर दिया गया था और प्राप्त माल को अधिकतम 30 दिनों के भीतर बाजार में उतारना अनिवार्य बनाया गया है। राज्य सरकारों को निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय गोदामों और थोक मंडियों में औचक निरीक्षण कर जमाखोरी पर नजर रखें ताकि कोई भी व्यापारी कृत्रिम संकट पैदा कर अनुचित मुनाफावसूली न कर सके।
15 अक्टूबर से शुरू हुआ नया पेराई सत्र: क्या घटेगी कीमत?
देश में चीनी वर्ष 2026-27 के तहत नए पेराई सत्र की औपचारिक शुरुआत 15 अक्टूबर 2026 से करने की सलाह दी गई थी। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की दर्जनों मिलों ने गन्ने की पेराई का काम शुरू कर दिया है। सरकार का अनुमान है कि इस बार अक्टूबर महीने में चीनी का उत्पादन सामान्य 3 से 4 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले बढ़कर 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक पहुंच सकता है।
जैसे-जैसे नई चीनी का उत्पादन तेज होगा और मिलों से ताजा माल थोक मंडियों तक पहुंचेगा, आपूर्ति में सुधार होने से एक्स-मिल और थोक कीमतों पर दबाव कम होने की पूरी संभावना है। हालांकि, कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि मिलों से निकली नई चीनी का असर खुदरा दुकानों तक पहुंचने में कम से कम 7 से 10 दिन का समय लग सकता है। इसलिए दीपावली तक खुदरा बाजार में कीमतें 55 से 58 रुपये प्रति किलो के दायरे में ही स्थिर रहने के आसार हैं और तुरंत किसी बड़ी भारी गिरावट की उम्मीद कम है।
Sugar Price Today: उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए बाजार सलाह
त्योहारी सीजन में चीनी खरीदते समय आम उपभोक्ताओं को स्थानीय दुकानों और बड़े सुपरमार्केट्स के दामों की तुलना अवश्य कर लेनी चाहिए। कई बड़े रिटेल स्टोर्स पर त्योहारी ऑफर्स के तहत चीनी पर रियायती दरें उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही, खरीदारी करते समय चीनी की शुद्धता, साफ-सफाई और नमी रहित पैकिंग की जांच करना जरूरी है।
थोक व्यापारियों और मिठाई कारोबारियों को सलाह दी जाती है कि वे सरकार द्वारा निर्धारित स्टॉक सीमा के नियमों का अक्षरशः पालन करें और आपूर्ति को पारदर्शी रखें। 17 अक्टूबर 2026 को बाजार का रुख यही दर्शाता है कि सरकारी कदमों और नई पेराई की रफ्तार से आगामी सप्ताह में आपूर्ति की स्थिति और बेहतर होगी, जिससे त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को निर्बाध और उचित दर पर चीनी की उपलब्धता बनी रहेगी।
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