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Sleep Hygiene Tips: रात में नींद नहीं आती तो ये गलतियां छोड़ दें, नींद चक्र बिगड़ जाता है

Sleep Hygiene Tips: रात में नींद नहीं आती तो ये गलतियां छोड़ दें, नींद चक्र बिगड़ जाता है
Sleep Hygiene Tips

सारांश

  • Sleep Hygiene Tips: लोगों की रात करवटें बदलते बीत जाती है। सुबह थकान और पूरे दिन का आलस इसी का नतीजा बनता है।
  • डॉक्टर के अनुसार लंबे समय तक नींद की कमी कई गंभीर स्थितियों से जुड़ सकती है।
  • सोने की जगह ज्यादा गर्म हो तो शरीर का तापमान बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में आरामदायक नींद मुश्किल हो जाती है।
  • सोने से पहले सोशल मीडिया स्क्रॉल करना आम आदत बन गई है। मोबाइल की नीली रोशनी मेलाटोनिन को दबा देती है।

Sleep Hygiene Tips: लोगों की रात करवटें बदलते बीत जाती है। सुबह थकान और पूरे दिन का आलस इसी का नतीजा बनता है। उत्तर प्रदेश मेडिकल एसोसिएशन से रिटायर्ड डॉक्टर आर. जे. तिवारी के अनुसार अच्छी नींद सिर्फ आराम नहीं, सेहत का आधार है। सोने से पहले व्यायाम, तनाव, गर्म कमरा, जलती बत्ती, चाय-कॉफी और बिस्तर पर मोबाइल जैसी आदतें स्लीप साइकिल बिगाड़ देती हैं।

मेलाटोनिन दबने से नींद नहीं आती। लंबे समय तक नींद पूरी न होने पर स्ट्रोक, हृदय रोग, मोटापा, डिप्रेशन और चिंता का खतरा भी जुड़ सकता है। इसलिए रात की नींद सुधारने के लिए इन्हीं नादानियों से बचना जरूरी है।

Sleep Hygiene Tips: अच्छी नींद सेहत के लिए क्यों जरूरी है

डॉ. आर. जे. तिवारी कहते हैं कि संतुलित भोजन जितना जरूरी है, भरपूर नींद उससे कम नहीं। रात को पूरी नींद मिलने पर सुबह मन तरोताजा रहता है। काम में आलस कम होता है और एकाग्रता बेहतर रहती है। नींद शरीर और मस्तिष्क दोनों को बहाल करती है। बिना पर्याप्त विश्राम के दिनचर्या बिखरने लगती है।

नींद पूरी न होने पर क्या जोखिम बढ़ता है

डॉक्टर के अनुसार लंबे समय तक नींद की कमी कई गंभीर स्थितियों से जुड़ सकती है। इसमें स्ट्रोक, हृदय संबंधी समस्या और मोटापा शामिल बताए गए हैं। दिमाग से जुड़े रोगों जैसे अल्जाइमर का खतरा भी चर्चा में आता है। डिप्रेशन और एंग्जायटी का एक बड़ा कारण भी रात में पूरी नींद न लेना माना जाता है। इसलिए नींद को लापरवाही से नहीं देखना चाहिए।

Sleep Hygiene Tips: सोने से ठीक पहले व्यायाम क्यों न करें

व्यायाम दिन में सेहत के लिए लाभकारी है, लेकिन सोने से ठीक पहले भारी कसरत स्लीप साइकिल बिगाड़ सकती है। रात के जिम या तेज एक्सरसाइज से तनाव वाले हार्मोन सक्रिय हो सकते हैं। इससे नींद का हार्मोन मेलाटोनिन बनने में बाधा आती है। नतीजा यह होता है कि बिस्तर पर लेटने के बाद भी नींद नहीं आती। इसलिए कसरत का समय दिन या शाम के पहले पहर रखना बेहतर माना जाता है।

तनाव नींद को कैसे रोकता है

दिनभर का तनाव रात को विचारों के रूप में लौट आता है। व्यक्ति एक ही बात दोहराता रहता है और आंखें नहीं लगतीं। डॉ. तिवारी तनाव घटाने के लिए सुबह करीब आधे घंटे योग का सुझाव देते हैं। नियमित योग से मन शांत रहता है। इससे रात को नींद आने में मदद मिल सकती है। सोते समय उलझे मुद्दों को जानबूझकर किनारे रखना जरूरी है।

कमरे का तापमान नींद पर असर डालता है

सोने की जगह ज्यादा गर्म हो तो शरीर का तापमान बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में आरामदायक नींद मुश्किल हो जाती है। स्लीप साइकिल गड़बड़ा सकती है। डॉक्टर सामान्य तापमान रखने की सलाह देते हैं। कमरा न ज्यादा गर्म हो, न बेहद ठंडा। सही तापमान से शरीर आराम की मुद्रा में जाता है और नींद गहरी हो सकती है।

Sleep Hygiene Tips: जलती लाइट मेलाटोनिन को दबा देती है

कुछ लोगों को रोशनी में सोने की आदत होती है। यह आदत नींद के लिए नुकसानदेह हो सकती है। तेज प्रकाश नींद वाले हार्मोन मेलाटोनिन को दबा देता है। इसके बिना naturally नींद आना कठिन हो जाता है। कमरे को जितना संभव हो अंधेरा रखना चाहिए। जरूरत हो तो हल्की और मंद रोशनी का ही उपयोग करें।

सोने से पहले चाय-कॉफी क्यों छोड़ें

बिस्तर पर जाने से ठीक पहले चाय या कॉफी पीना नींद बिगाड़ सकता है। इनमें मौजूद कैफीन स्लीप साइकिल को प्रभावित करता है। व्यक्ति चाहकर भी गहरी नींद नहीं ले पाता। अच्छी नींद के लिए सोने से एक-दो घंटे पहले ये पेय बंद कर देने चाहिए। शाम के बाद कैफीन वाली चीजों से दूरी फायदेमंद रहती है।

बिस्तर पर मोबाइल चलाने से नींद क्यों उड़ती है

सोने से पहले सोशल मीडिया स्क्रॉल करना आम आदत बन गई है। मोबाइल की नीली रोशनी मेलाटोनिन को दबा देती है। दिमाग जाग्रत रहता है और नींद नहीं आती। पूरी रात बेचैनी बनी रह सकती है। स्क्रीन को बिस्तर से दूर रखना चाहिए। सोने का कमरा आराम की जगह रहे, सूचनाओं का केंद्र नहीं।

Sleep Hygiene Tips: नींद न आए तो डॉक्टर से सलाह क्यों जरूरी

कभी-कभी वजह आदत नहीं, स्लीप डिसऑर्डर होती है। रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम या जेट लैग जैसी स्थितियां नींद रोक सकती हैं। लगातार समस्या हो तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर जांच और इलाज सेहत बचाता है। ऊपर बताई सावधानियां आदतों से जुड़ी गलतियों के लिए हैं, बीमारी के विकल्प नहीं।

रात की अच्छी नींद दिन की ऊर्जा तय करती है। डॉ. आर. जे. तिवारी के अनुसार सोने से पहले व्यायाम, तनाव, गलत तापमान, तेज रोशनी, चाय-कॉफी और मोबाइल जैसी गलतियां स्लीप साइकिल तोड़ देती हैं। मेलाटोनिन दबने से करवटें चलती रहती हैं और सुबह थकान रह जाती है। लंबी नींद की कमी सेहत पर भारी पड़ सकती है। आदतें सुधारने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेने से नींद वापस पटरी पर आ सकती है।

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लेखक

Adarsh Pandey

आदर्श पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव में न्यूज़ राइटर हैं। वे देश की ताजा खबरें, आपका पैसा (कारोबार), मनोरंजन और लाइफस्टाइल से जुड़े विषय कवर करते हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें एक साल से अधिक का अनुभव है।

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